14 जुलाई 2026
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लद्दाख में 17 नई तहसीलें और 9 नए PWD-PHE डिवीजन, मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने किए बड़े प्रशासनिक ऐलान

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लद्दाख में 17 नई तहसीलें और 9 नए PWD-PHE डिवीजन, मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने किए बड़े प्रशासनिक ऐलान

सारांश

लद्दाख में प्रशासनिक ढाँचे का बड़ा विस्तार — 17 नई तहसीलें, 9 नए इंजीनियरिंग डिवीजन और 4,011 से अधिक सरकारी नियुक्तियाँ। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा के ऐलान संकेत देते हैं कि 2019 के बाद से रुकी हुई प्रशासनिक मशीनरी अब रफ्तार पकड़ रही है।

मुख्य बातें

17 नई तहसीलों में तहसीलदारों की तैनाती के आदेश जारी; सात नए जिलों के गठन के बाद का पहला बड़ा प्रशासनिक कदम।
PHE और बाढ़ नियंत्रण के तहत 4 नए डिवीजन , PWD और PMGSY के तहत 5 नए डिवीजन स्थापित।
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से 4,011 ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों पर नियुक्तियाँ पूरी।
344 ग्रुप-बी राजपत्रित पदों का प्रस्ताव UPSC को भेजा गया; 262 शिक्षकों और 47 फैकल्टी पदों पर भर्ती विज्ञापन जल्द।
पुलिस विभाग में 40 सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए 7,000 आवेदन प्राप्त; 341 कांस्टेबल-फायरमैन भर्ती प्रक्रिया जारी।
LAHDC अधिनियम के लाभ सभी नए जिलों तक पहुँचाने की कानूनी प्रक्रिया तेज।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने 13 जुलाई को लेह में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और सुशासन को गति देने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएँ कीं। इनमें 17 नई तहसीलों में तहसीलदारों की तैनाती, 9 नए इंजीनियरिंग डिवीजनों की स्थापना और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC) अधिनियम के लाभों को सभी सात नए जिलों तक विस्तार देने की योजना शामिल है।

नई तहसीलें और प्रशासनिक ढाँचा

मुख्य सचिव कुंद्रा ने बताया कि सात नए जिलों के गठन के बाद 17 नई तहसीलों में अधिकारियों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन तहसीलों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को गाँवों और दूरदराज के इलाकों तक सीधे पहुँचाना है, जो अब तक प्रशासनिक दूरी के कारण वंचित रहे थे।

इसके साथ ही, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) और बाढ़ नियंत्रण विभाग के तहत चार नए डिवीजन तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पाँच नए डिवीजन स्थापित किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है।

भर्ती प्रक्रिया की स्थिति

मुख्य सचिव ने सरकारी भर्तियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से अब तक 4,011 ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के गैर-राजपत्रित पदों पर नियुक्तियाँ की जा चुकी हैं। 473 पदों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जबकि 484 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन जारी है।

इसके अतिरिक्त 648 नए पदों के लिए भर्ती विज्ञापन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। 27 ग्रुप-बी राजपत्रित पदों पर भर्ती पूरी हो चुकी है, जबकि 344 पदों का प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजा गया है।

शिक्षा और पुलिस विभाग में भर्ती

स्कूल शिक्षा विभाग में 262 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी होने की बात कही गई है। लद्दाख विश्वविद्यालय में 47 फैकल्टी पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस विभाग में 40 सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए लगभग 7,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 341 कांस्टेबल और फायरमैन पदों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।

गौरतलब है कि 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से लद्दाख में सरकारी भर्तियाँ एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रही हैं, और स्थानीय युवाओं में रोज़गार को लेकर अपेक्षाएँ अधिक हैं।

LAHDC अधिनियम और संवैधानिक प्रावधान

कुंद्रा ने बताया कि LAHDC अधिनियम के लाभों को सभी नए जिलों तक पहुँचाने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जा रहा है। लद्दाख की भूमि, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों पर धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है।

लंबित पदोन्नतियों (DPC) को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी विभागों को दिए गए हैं। प्रशासन ने पारदर्शी शासन, विकेंद्रीकरण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये तहसीलें और डिवीजन पर्याप्त जनशक्ति और बजट के साथ काम करेंगे। 2019 से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद भी स्थानीय युवाओं में राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा को लेकर असंतोष बना हुआ है — और LAHDC अधिनियम के विस्तार की 'प्रक्रिया जारी है' जैसी भाषा उस असंतोष का जवाब नहीं है। 4,011 नियुक्तियाँ आँकड़े में प्रभावशाली लगती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने पद स्थानीय उम्मीदवारों से भरे गए। जवाबदेही के बिना विकेंद्रीकरण केवल कागज़ पर रहता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लद्दाख में 17 नई तहसीलें क्यों बनाई गई हैं?
सात नए जिलों के गठन के बाद प्रशासनिक सेवाओं को गाँवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए 17 नई तहसीलें बनाई गई हैं। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने 13 जुलाई को बताया कि इन तहसीलों में तहसीलदारों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
लद्दाख में नए PWD और PHE डिवीजन कितने बनाए गए हैं?
कुल 9 नए डिवीजन स्थापित किए गए हैं — PHE और बाढ़ नियंत्रण विभाग के तहत 4 और PWD व PMGSY के तहत 5। इनका उद्देश्य बुनियादी ढाँचे और पेयजल सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाना है।
लद्दाख में सरकारी भर्तियों की क्या स्थिति है?
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से अब तक 4,011 ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों पर नियुक्तियाँ हो चुकी हैं। 473 पदों के परिणाम घोषित हैं, 484 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन जारी हैं और 648 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी हो चुके हैं।
LAHDC अधिनियम के लाभ नए जिलों तक कब मिलेंगे?
मुख्य सचिव कुंद्रा के अनुसार लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC) अधिनियम के लाभों को सभी सात नए जिलों तक पहुँचाने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जा रहा है। हालाँकि कोई निश्चित समय-सीमा घोषित नहीं की गई है।
लद्दाख पुलिस और शिक्षा विभाग में कितनी भर्तियाँ होने वाली हैं?
पुलिस विभाग में 40 सब-इंस्पेक्टर पदों के लिए लगभग 7,000 आवेदन आ चुके हैं और 341 कांस्टेबल व फायरमैन पदों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग में 262 शिक्षकों और लद्दाख विश्वविद्यालय में 47 फैकल्टी पदों के लिए विज्ञापन जल्द जारी होने की बात कही गई है।
राष्ट्र प्रेस
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