लक्ष्मी पंचमी: नवरात्र का पांचवां दिन, जानें शुभ मुहूर्त और पंचांग

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लक्ष्मी पंचमी: नवरात्र का पांचवां दिन, जानें शुभ मुहूर्त और पंचांग

सारांश

23 मार्च को नवरात्र का पांचवां दिन और लक्ष्मी पंचमी का पर्व है। इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। जानें इस दिन के विशेष मुहूर्त और पंचांग की जानकारी।

Key Takeaways

  • लक्ष्मी पंचमी का पर्व 23 मार्च को है।
  • इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है।
  • यह दिन धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। माँ भगवती की आराधना के लिए समर्पित चैत्र नवरात्र का पांचवां दिन 23 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माँ लक्ष्मी का पर्व, जिसे लक्ष्मी पंचमी या श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है, मनाया जाएगा। हिंदू नववर्ष (जो चैत्र से प्रारंभ होता है) के पहले सप्ताह में आने वाला यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्तजन इस दिन सुबह से उपवास रखते हैं और घर, कार्यालय में माँ लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, लक्ष्मी पंचमी पर की गई पूजा से धन और धान्य में वृद्धि होती है, जिससे वर्ष भर सुख-समृद्धि बनी रहती है। आज के पंचांग के अनुसार, कई शुभ योग और मुहूर्त हैं जो पूजा, दान और नए कार्यों के लिए अनुकूल हैं। सोमवार को सूर्योदय 6:22 बजे और सूर्यास्त 6:34 बजे होगा।

सोमवार को पंचमी तिथि शाम 6:38 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, पूरे दिन पंचमी तिथि का मान होगा। नक्षत्र कृत्तिका शाम 8:49 बजे तक रहेगा।

माँ लक्ष्मी की पूजा, श्री सूक्त पाठ, कमलगट्टे की माला से जप और दान-पुण्य सर्वार्थ सिद्धि योग, अभिजित मुहूर्त या अमृत काल में करना चाहिए। इस दिन माँ लक्ष्मी की कृपा से धन, धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

शुभ मुहूर्त के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:47 से 5:35 बजे तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक, विजय मुहूर्त 2:30 से 3:19 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त 6:33 से 6:56 बजे तक रहेगा। अमृत काल 6:37 से 8:05 बजे तक रहेगा। लक्ष्मी पंचमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग 8:49 से अगले दिन 6:21 बजे तक रहेगा। रवि योग भी इसी समय तक रहेगा।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 7:53 से 9:25 बजे तक, यमगंड सुबह 10:56 से दोपहर 12:28 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 1:59 से 3:31 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12:52 से 1:41 बजे तक और विडाल योग शाम 8:49 से अगले दिन सुबह 6:21 बजे तक रहेगा। इन समय में शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

Point of View

जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावनाएं बढ़ती हैं। यह दिन सुख-समृद्धि और धन की देवी को समर्पित है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

लक्ष्मी पंचमी पर क्या किया जाता है?
लक्ष्मी पंचमी पर भक्तजन उपवास रखते हैं और माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं।
इस दिन के शुभ मुहूर्त क्या हैं?
इस दिन के शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:47 से 5:35 बजे और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक है।
लक्ष्मी पंचमी का महत्व क्या है?
लक्ष्मी पंचमी पर पूजा करने से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।
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