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लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पेश: एनडीए ने विपक्ष पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया

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लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पेश: एनडीए ने विपक्ष पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया

सारांश

लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पेश होते ही सदन में तनाव बढ़ गया। एनडीए ने इसे पेपर लीक रोकने का ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि विपक्ष ने हंगामा किया। BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर एके-47 वाले दावे को लेकर देश से माफी मांगने की मांग की।

मुख्य बातें

27 जुलाई को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश किया गया।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि पेपर लीक में शामिल कई लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
BJP सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष पर पेपर लीक दोषियों के प्रति सहानुभूति दिखाने का आरोप लगाया।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के एके-47 वाले दावे को झूठा बताते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की।
LJP (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी और JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने विधेयक का समर्थन करते हुए संसद में सार्थक चर्चा की अपील की।

नई दिल्ली, 27 जुलाई को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश किए जाने के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने विपक्ष पर छात्रों के साथ अन्याय करने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। सत्तारूढ़ गठबंधन ने इस विधेयक को देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि विपक्ष ने सदन में हंगामा किया।

विधेयक का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

यह संशोधन विधेयक पेपर लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में लाया गया है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लेकर आई है और यह मोदी सरकार का एक बड़ा और सकारात्मक कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि पेपर लीक में शामिल कई लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है और सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। यह विधेयक उसी संदर्भ में एक विधायी प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

एनडीए सांसदों की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित में बनाए जा रहे इस सख्त कानून का समर्थन करने का अवसर था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध किया। तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह रुख यह सवाल खड़ा करता है कि पेपर लीक में शामिल लोगों के प्रति उसकी सहानुभूति क्यों दिखाई दे रही है।

BJP सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने कहा कि यह विधेयक पूरी तरह छात्रों के हित में है और इसका उद्देश्य युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने विपक्ष द्वारा सदन में हंगामा कर चर्चा में बाधा डालने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

राहुल गांधी पर संबित पात्रा के आरोप

BJP सांसद और पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने यह दावा करके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया कि पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एके-47 का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताते हुए कहा कि पुलिस ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।

पात्रा के अनुसार, राहुल गांधी झूठी जानकारी फैलाकर लोगों में गुस्सा और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि विपक्ष के नेता के पद पर बैठे व्यक्ति को तथ्यों के आधार पर बयान देना चाहिए और इस तरह के दावों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

सहयोगी दलों का समर्थन

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने सदन में व्यवस्थित चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य देश के हित में कानून बनाना है और सभी दलों को सहयोग की भावना से महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा में योगदान देना चाहिए।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि यह संशोधन विधेयक युवाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए के सभी सांसद इस विषय पर चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।

आगे क्या होगा

यह विधेयक अब संसद में आगे की विधायी प्रक्रिया से गुजरेगा। सत्तारूढ़ गठबंधन को उम्मीद है कि इस पर सार्थक बहस के बाद इसे पारित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब छात्र परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर देशभर में आवाजें उठ रही हैं और सरकार पर जवाबदेही का दबाव बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि संसद में किसने कितना जोर से बोला।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक क्या है?
यह विधेयक प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन करता है। इसे 27 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया और सरकार ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है।
एनडीए ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर छात्रों के हित में बने इस विधेयक का विरोध कर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। BJP सांसद मनोज तिवारी ने यहां तक कहा कि विपक्ष का यह रुख पेपर लीक दोषियों के प्रति सहानुभूति दर्शाता है।
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर यह दावा करने का आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एके-47 का इस्तेमाल किया। पात्रा ने इसे झूठा और भ्रामक बताते हुए राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की।
इस विधेयक का समर्थन किन दलों ने किया?
एनडीए के सभी प्रमुख घटक दलों — BJP, जनता दल यूनाइटेड (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) — ने इस विधेयक का समर्थन किया। JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर और LJP (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने सदन में व्यवस्थित चर्चा की अपील की।
यह विधेयक छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
हाल के वर्षों में देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। यह विधेयक ऐसी घटनाओं पर कानूनी रोक लगाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से लाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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