लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: राष्ट्रपति मुर्मु, राहुल गांधी, खड़गे समेत दर्जनों नेताओं ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में 22 जून 2025 को भड़की भीषण आग ने कई लोगों की जान ले ली और अनेक घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर विपक्षी नेताओं और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक — देश के शीर्ष नेताओं ने एक स्वर में शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा कीं।
राष्ट्रपति और केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'लखनऊ में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि 'लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने के हादसे में कई लोगों की मृत्यु और कई अन्य के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।'
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर कहा कि 'कांग्रेस पार्टी सभी शोकसंतप्त परिवारों एवं घायलों के साथ है।' उन्होंने सरकार और प्रशासन से अनुरोध किया कि पीड़ितों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए।
विपक्षी दलों की आवाज़
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने एक्स पर लिखा कि यह घटना 'दिल को दहलाने वाली' है और कितने ही परिवारों की उम्मीदें बिखर गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 'सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा' और ऐसी जानलेवा घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए माँग की कि घटना के पीछे के कारणों की 'ईमानदारी से जांच' हो। उन्होंने कहा, 'बच्चे किसी के घर के भी हो सकते थे — भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके, हम सबकी यही कोशिश होनी चाहिए।'
राज्यों के मुख्यमंत्रियों की संवेदनाएं
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय — सभी ने एक्स पर अपनी-अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सभी नेताओं ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विशेष रूप से अलीगंज का उल्लेख करते हुए कहा कि जनहानि का यह समाचार 'हृदयविदारक' है।
आम जनता और जवाबदेही पर सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में कोचिंग केंद्रों में आग और हादसों की घटनाएं बढ़ी हैं। अखिलेश यादव और मायावती दोनों ने जाँच और प्रणालीगत सुधार की माँग उठाई है, जो इस बात का संकेत है कि राजनीतिक वर्ग केवल शोक तक सीमित नहीं रहना चाहता।
क्या होगा आगे
घटना की जाँच और राहत कार्यों की दिशा अब उत्तर प्रदेश सरकार के रुख पर निर्भर करेगी। कई नेताओं ने मुआवजे और चिकित्सा सहायता की माँग की है। आने वाले दिनों में अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही पर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।