10 अगस्त 2026
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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: राष्ट्रपति मुर्मु, राहुल गांधी, खड़गे समेत दर्जनों नेताओं ने जताया शोक

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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: राष्ट्रपति मुर्मु, राहुल गांधी, खड़गे समेत दर्जनों नेताओं ने जताया शोक

सारांश

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में भड़की आग ने कई जिंदगियाँ लील लीं। राष्ट्रपति मुर्मु से लेकर राहुल गांधी, खड़गे, मायावती, अखिलेश यादव और चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक — पूरे देश का राजनीतिक नेतृत्व एकजुट होकर पीड़ितों के साथ खड़ा दिखा और जाँच व मुआवजे की माँग उठाई।

मुख्य बातें

लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में 22 जून 2025 को भीषण आग लगी, जिसमें कई लोगों की मौत और अनेक घायल हुए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट कर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीड़ितों को मुआवजे और राहत की माँग की।
मायावती ने आरोप-प्रत्यारोप की जगह ठोस रोकथाम उपायों पर जोर दिया; अखिलेश यादव ने ईमानदार जाँच की माँग की।
हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने भी शोक व्यक्त किया और घायलों के लिए प्रार्थना की।

लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में 22 जून 2025 को भड़की भीषण आग ने कई लोगों की जान ले ली और अनेक घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर विपक्षी नेताओं और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक — देश के शीर्ष नेताओं ने एक स्वर में शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा कीं।

राष्ट्रपति और केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'लखनऊ में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि 'लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने के हादसे में कई लोगों की मृत्यु और कई अन्य के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।'

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर कहा कि 'कांग्रेस पार्टी सभी शोकसंतप्त परिवारों एवं घायलों के साथ है।' उन्होंने सरकार और प्रशासन से अनुरोध किया कि पीड़ितों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए।

विपक्षी दलों की आवाज़

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने एक्स पर लिखा कि यह घटना 'दिल को दहलाने वाली' है और कितने ही परिवारों की उम्मीदें बिखर गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 'सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा' और ऐसी जानलेवा घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए माँग की कि घटना के पीछे के कारणों की 'ईमानदारी से जांच' हो। उन्होंने कहा, 'बच्चे किसी के घर के भी हो सकते थे — भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके, हम सबकी यही कोशिश होनी चाहिए।'

राज्यों के मुख्यमंत्रियों की संवेदनाएं

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय — सभी ने एक्स पर अपनी-अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सभी नेताओं ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विशेष रूप से अलीगंज का उल्लेख करते हुए कहा कि जनहानि का यह समाचार 'हृदयविदारक' है।

आम जनता और जवाबदेही पर सवाल

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में कोचिंग केंद्रों में आग और हादसों की घटनाएं बढ़ी हैं। अखिलेश यादव और मायावती दोनों ने जाँच और प्रणालीगत सुधार की माँग उठाई है, जो इस बात का संकेत है कि राजनीतिक वर्ग केवल शोक तक सीमित नहीं रहना चाहता।

क्या होगा आगे

घटना की जाँच और राहत कार्यों की दिशा अब उत्तर प्रदेश सरकार के रुख पर निर्भर करेगी। कई नेताओं ने मुआवजे और चिकित्सा सहायता की माँग की है। आने वाले दिनों में अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही पर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निरीक्षण तंत्र की लापरवाही और व्यावसायिक दबाव में सुरक्षा की अनदेखी शामिल है। नेताओं के शोक संदेश सहानुभूतिपूर्ण हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस बार जाँच केवल रिपोर्ट तक सिमटेगी या कोचिंग संस्थानों के लिए बाध्यकारी सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था बनेगी। मायावती और अखिलेश दोनों ने जवाबदेही की माँग उठाई है — लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया अभी तक इस चर्चा से अनुपस्थित है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड क्या है?
22 जून 2025 को लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और अनेक घायल हुए। यह घटना दोपहर बाद हुई और इसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस घटना पर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटना को 'अत्यंत दुखद' बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या माँग की?
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार और प्रशासन से माँग की कि पीड़ितों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए।
अखिलेश यादव और मायावती ने इस हादसे पर क्या कहा?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना के कारणों की ईमानदार जाँच की माँग की और कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा और सभी को मिलकर रोकथाम के लिए काम करना होगा।
इस घटना के बाद कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा पर क्या सवाल उठे हैं?
यह घटना देशभर में कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कई नेताओं ने जाँच और प्रणालीगत सुधार की माँग की है, जिससे स्पष्ट है कि भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए बाध्यकारी नियमों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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