धर्मयुद्ध का शंखनाद: 40 दिन के अल्टीमेटम के बाद लखनऊ में होगी ऐतिहासिक शुरुआत
सारांश
Key Takeaways
- धर्मयुद्ध का आयोजन 11 मार्च को लखनऊ में होगा।
- 40 दिन का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद शंखनाद किया जाएगा।
- गौ रक्षा के महत्व को उजागर किया जाएगा।
- कार्यक्रम में सौ करोड़ से अधिक हिंदू शामिल होंगे।
- यह मुहिम धार्मिक और सामाजिक चेतना फैलाने का एक साधन है।
लखनऊ, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लखनऊ में बुधवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का आरंभ किया जाएगा। यह कार्यक्रम दोपहर दो बजे शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद ने बताया कि 40 दिन के अल्टीमेटम के बाद धर्मयुद्ध का शंखनाद किया जाएगा।
मुकुंदानंद ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन बटुकों का अपमान किया गया था। शंकराचार्य की पालकी को तोड़कर घसीटा गया, जिससे समाज में भारी रोष उत्पन्न हुआ। इस घटना के बाद शंकराचार्य महाराज काशी पहुंचे और उन्होंने लोगों को 40 दिन का समय दिया। अब वह लखनऊ में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं।
मुकुंदानंद ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर दोपहर सवा दो बजे के बाद विजय मुहूर्त होगा, जिसमें शंकराचार्य महाराज धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा के अनुसार किसी भी धर्मयुद्ध या धार्मिक मुहिम की शुरुआत से पहले शंखनाद किया जाता है। यह केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता और जागरूकता बढ़ाने का एक माध्यम है। शंखनाद के जरिए गौ रक्षा की मुहिम और इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
मुकुंदानंद ने आगे कहा कि शंकराचार्य महाराज के निर्देशानुसार पूरे समाज को इस मुहिम में शामिल किया जाएगा। भारत में सौ करोड़ से अधिक हिंदू इस पहल से जुड़ेंगे और विश्वभर में डेढ़ सौ करोड़ हिंदुओं को भी इस संदेश से अवगत कराया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल गौ रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक और सामाजिक चेतना फैलाने का भी एक साधन है।
गौरतलब है कि इससे पहले 7 मार्च को काशी से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पदयात्रा शुरू की थी, जो जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और उन्नाव जैसे जिलों से गुजरते हुए अब लखनऊ पहुंच चुकी है। आज यहां 'गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा' आयोजित होगी, जिसमें शंकराचार्य ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे।