महाराष्ट्र में बाढ़ रोकने की तैयारी: बावनकुले ने नागपुर-अमरावती में गाद हटाने के लिए SOP का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार, 16 जून को मंत्रालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को नागपुर और अमरावती जिलों की नदियों और नालों से गाद हटाने के कार्य के लिए तत्काल एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार शीघ्र ही नालों की गाद निकालने के लिए एक नई समर्पित योजना भी लागू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य मानसून से पहले बाढ़ नियंत्रण को मज़बूत करना है।
बैठक में क्या निर्णय हुए
बावनकुले ने स्पष्ट किया कि नदियों और नालों में जमा गाद जल प्रवाह को बाधित कर रही है और भूजल पुनर्भरण तथा सिंचाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर डाल रही है। इसे देखते हुए, स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ करने के लिए जिला कलेक्टरों को आवश्यक प्रशासनिक शक्तियाँ सौंपने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों से स्वीकृतियों में होने वाली देरी और स्थानीय स्तर की कठिनाइयों की भी समीक्षा की गई।
समस्या की गंभीरता
नागपुर और अमरावती मंडलों की कई नदियों और नालों में भारी मात्रा में गाद जमा होने से पानी का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है। इससे जल भंडारण क्षमता घट रही है और मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के विदर्भ क्षेत्र में हर साल मानसूनी बाढ़ से भारी नुकसान होता है।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
इस बैठक में मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री संजय राठौड़, राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खड़गे तथा राजस्व एवं जल संरक्षण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार की प्राथमिकता और आगे की राह
बावनकुले ने कहा कि जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और बाढ़ नियंत्रण की दृष्टि से गाद हटाने के कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जिला कलेक्टरों को शक्तियाँ मिलने से ये कार्य अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकेंगे। राज्य सरकार की नई समर्पित योजना के विवरण और क्रियान्वयन की समय-सीमा जल्द घोषित किए जाने की उम्मीद है।