अकोला के मुर्तिजापुर में 5 निर्दलीय पार्षद शिवसेना में शामिल, एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में हुई एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के अकोला जिले के मुर्तिजापुर म्युनिसिपल काउंसिल के पाँच निर्दलीय पार्षद अपने समर्थकों के साथ 1 नवंबर 2026 को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में औपचारिक रूप से शामिल हो गए। यह विलय सीधे शिंदे की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिससे मुर्तिजापुर नगर पालिका में पार्टी की राजनीतिक ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
कौन-कौन हुए शामिल
शिवसेना में शामिल होने वाले पाँच पार्षदों के नाम हैं — संदीप दौलतराव सरनाईक, सरिता काले पाटिल, पूनम रवि मोदक, ममता कैलाश महाजन और शुभांगी संदीप सरनाईक। इन सभी ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इसके अतिरिक्त अकोला से शिवा मोहोड़ भी शिवसेना में शामिल हुए। मोहोड़ नेशनलिस्ट यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष, महानंद के निदेशक, अकोला जिला दुग्ध संघ के निदेशक, शिव संग्राम के जिला अध्यक्ष और अकोला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पूर्व अध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।
जॉइनिंग की पृष्ठभूमि
बताया गया है कि इन पाँचों पार्षदों ने अक्टूबर की शुरुआत में अकोला में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के करीबी अधिवक्ता नीलेश देशमुख से मुलाकात की थी। उस बातचीत के बाद ही इन्होंने शिवसेना में शामिल होने का निर्णय लिया। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इन सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया और परंपरागत शिव बंधन बाँधा।
मुर्तिजापुर का राजनीतिक और भौगोलिक महत्व
मुर्तिजापुर, अकोला जिले में स्थित एक प्रमुख नगर, नगर पालिका क्षेत्र और तालुका मुख्यालय है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 6 पर अकोला से लगभग 45 किमी और अमरावती से 60 किमी की दूरी पर है। स्थानीय मान्यताओं और पुराने सरकारी गजेटियर के अनुसार इस शहर का नाम कुछ सदियों पहले के नायाब मुर्तिजा अली के नाम पर पड़ा।
यह क्षेत्र महान समाज सुधारक संत गाडगे बाबा और संत पुंडलिक महाराज की कर्मभूमि के रूप में भी जाना जाता है। विदर्भ के प्रमुख कपास उत्पादक बेल्ट में आने वाला यह इलाका कपास व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र (एमआईडीसी) में सक्रिय तेल मिलों के लिए भी उल्लेखनीय है।
पार्टी की बढ़ती ताकत
पाँच निर्दलीय पार्षदों के शामिल होने से मुर्तिजापुर नगर पालिका में शिवसेना की संख्यात्मक स्थिति मजबूत हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और विभिन्न दल अपनी उपस्थिति सुदृढ़ करने में लगे हैं। गौरतलब है कि निर्दलीय स्थानीय नेताओं का किसी बड़े दल की ओर झुकाव प्रायः चुनाव पूर्व समीकरणों को आकार देने का संकेत देता है।
आने वाले महीनों में देखा जाएगा कि यह राजनीतिक पुनर्गठन मुर्तिजापुर और अकोला जिले में शिवसेना की चुनावी संभावनाओं को किस हद तक प्रभावित करता है।