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महुआ मोइत्रा के खिलाफ कृष्णानगर कोर्ट का गिरफ्तारी वारंट, बार-बार समन के बाद भी नहीं हुईं पेश

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महुआ मोइत्रा के खिलाफ कृष्णानगर कोर्ट का गिरफ्तारी वारंट, बार-बार समन के बाद भी नहीं हुईं पेश

सारांश

कृष्णानगर की अदालत ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया — बार-बार समन के बावजूद पेश न होने पर। यह मामला नदिया सर्किट हाउस विवाद और प्रशासन पर लगाए गए 'अपमानजनक आचरण' के आरोपों के बीच और पेचीदा हो गया है।

मुख्य बातें

कृष्णानगर की तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
वारंट भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 227 के तहत दायर शिकायत मामले में जारी हुआ; बार-बार समन के बाद भी अदालत में उपस्थिति नहीं।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 79, 196, 299, 351 और 353(2) लगाई गई हैं।
14 अगस्त को नदिया सर्किट हाउस से देर रात निकाले जाने के बाद मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष तीन अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दायर किया।
नदिया जिला पुलिस अधीक्षक अतुल वी.
ने 19 अगस्त को वारंट की आधिकारिक पुष्टि की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कृष्णानगर की तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। नदिया जिला पुलिस अधीक्षक अतुल वी. ने 19 अगस्त को इस वारंट की पुष्टि की। यह वारंट एक शिकायत मामले में अदालत द्वारा बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद मोइत्रा के उपस्थित न होने के कारण जारी किया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह शिकायत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 227 के तहत दायर की गई थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा को कई बार समन भेजे, किंतु निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थिति न होने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।

लगाई गई धाराएँ

पुलिस के अनुसार, इस शिकायत मामले में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएँ लगाई गई हैं — धारा 79 (महिला की मर्यादा का अपमान), धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देना), धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य), धारा 351 (आपराधिक धमकी), और धारा 353(2) (सार्वजनिक अशांति फैलाने या लोक व्यवस्था प्रभावित करने वाले बयान देना अथवा उनका प्रसार करना)।

सर्किट हाउस विवाद और महुआ मोइत्रा का पक्ष

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब 14 अगस्त को नदिया सर्किट हाउस में हुए एक विवाद को लेकर मोइत्रा और जिला प्रशासन आमने-सामने हैं। मोइत्रा का कहना है कि वे उस दिन शाम करीब 6 बजकर 15 मिनट पर सर्किट हाउस पहुँचीं और उन्हें उनका नियमित कमरा आवंटित किया गया, जहाँ चाय और भोजन भी परोसा गया।

उनके अनुसार, रात 9 बजकर 47 मिनट पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने उन्हें फोन कर परिसर खाली करने को कहा और कथित तौर पर बताया कि निर्देश 'ऊपर से' आए हैं। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर का व्हाट्सएप संदेश आया, जिसमें 12 अगस्त के एक आदेश का हवाला देते हुए रखरखाव और सफाई कार्य का कारण बताया गया।

विशेषाधिकार नोटिस और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटनाक्रम के बाद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष नदिया जिले के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दायर किया है। इस नोटिस में उन्होंने संसदीय प्रोटोकॉल के उल्लंघन और 'अपमानजनक आचरण' का आरोप लगाया है। यह विवाद ऐसे समय में और गहराया है जब मोइत्रा पहले से ही कई विवादों के केंद्र में रही हैं।

आगे क्या होगा

अब देखना यह होगा कि महुआ मोइत्रा इस गिरफ्तारी वारंट के जवाब में अदालत के समक्ष उपस्थित होती हैं या उच्च न्यायालय से राहत माँगती हैं। इस मामले में अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सर्किट हाउस से निकाले जाने का आदेश किसने और क्यों दिया — वह धागा अभी खुला है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी हुआ?
कृष्णानगर की तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 227 के तहत दायर एक शिकायत मामले में बार-बार समन जारी किए, लेकिन महुआ मोइत्रा अदालत में उपस्थित नहीं हुईं। इसी के बाद न्यायालय ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया।
महुआ मोइत्रा पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस के अनुसार, शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 (महिला की मर्यादा का अपमान), धारा 196 (वैमनस्य को बढ़ावा देना), धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना), धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 353(2) (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान) शामिल हैं।
नदिया सर्किट हाउस विवाद क्या है?
14 अगस्त को महुआ मोइत्रा के अनुसार, रात 9 बजकर 47 मिनट पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने उन्हें फोन कर सर्किट हाउस खाली करने को कहा और बताया कि निर्देश 'ऊपर से' आए हैं। मोइत्रा ने इसे 'अपमानजनक आचरण' बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष तीन अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दायर किया।
महुआ मोइत्रा ने विशेषाधिकार नोटिस किस पर और क्यों दायर किया?
महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष नदिया जिले के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दायर किया। उन्होंने संसदीय प्रोटोकॉल के उल्लंघन और सर्किट हाउस प्रकरण में 'अपमानजनक आचरण' का आरोप लगाया है।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
अब महुआ मोइत्रा के पास विकल्प है कि वे कृष्णानगर की अदालत में उपस्थित हों या उच्च न्यायालय से वारंट पर रोक माँगें। विशेषाधिकार नोटिस पर लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय भी इस विवाद की दिशा तय करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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