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मणिपुर में शांति का रास्ता बातचीत से: CM खेमचंद सिंह ने BJP नेता वाल्टे को दी अंतिम विदाई

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मणिपुर में शांति का रास्ता बातचीत से: CM खेमचंद सिंह ने BJP नेता वाल्टे को दी अंतिम विदाई

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह जातीय हिंसा के बाद पहली बार चुराचांदपुर पहुँचे — BJP नेता वाल्टे को अंतिम विदाई दी और दोहराया कि शांति का एकमात्र रास्ता बातचीत है। यह दौरा राज्य सरकार की सुलह की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह 4 जुलाई को चुराचांदपुर पहुँचे — मई 2023 की जातीय हिंसा के बाद कुकी-जो बहुल जिले का दौरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री।
भाजपा नेता वुंगजागिन वाल्टे का 21 फरवरी को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ; अंतिम संस्कार चुराचांदपुर में किया गया।
वाल्टे थानलॉन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे और जोमी आदिवासी समुदाय के वरिष्ठ नेता थे।
4 मई 2023 को इंफाल में जातीय हिंसा के दौरान वाल्टे पर क्रूर हमला हुआ था, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली में लंबे समय तक उपचार कराया।
CM सिंह ने मीडिया से कहा — शांति बहाली का एकमात्र रास्ता बातचीत है और सरकार हिंसा रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की वर्चुअल बैठक में भाग लेने के लिए उसी दिन इंफाल वापस लौटे।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 4 जुलाई को स्पष्ट किया कि संघर्षग्रस्त राज्य में स्थायी शांति की बहाली का एकमात्र मार्ग बातचीत है। चुराचांदपुर में भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता वुंगजागिन वाल्टे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि हिंसा रोकने और जनप्रतिनिधियों समेत आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री का चुराचांदपुर दौरा

3 मई 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद, सिंह कुकी-जो आदिवासी बहुल चुराचांदपुर जिले का दौरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। उन्होंने हेलीकॉप्टर से यह यात्रा की, क्योंकि उन्हें उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई एक वर्चुअल बैठक में भाग लेने के लिए इंफाल लौटना था। विधायक टोंगब्रम रोबिन्द्रो के साथ मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता को पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

वाल्टे से व्यक्तिगत संबंध और श्रद्धांजलि

सिंह ने वाल्टे को 'एक बेहद शांत और सौम्य व्यक्ति' बताते हुए 2017 से उनके घनिष्ठ संबंधों को याद किया, जब वह पहली बार मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कहा, 'वाल्टे का परिवार मेरे अपने परिवार की तरह है। उनके दोस्त और शुभचिंतक मेरे भी दोस्त हैं। जब भी जरूरत पड़ेगी, मैं हमेशा उन्हें हर संभव समर्थन दूंगा।' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 4 मई 2023 को वाल्टे पर हुए क्रूर हमले का उन्हें गहरा दुख है और यदि वह उस दोपहर उनके साथ होते, तो शायद यह घटना न होती।

वाल्टे का जीवन और संघर्ष

थानलॉन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे 62 वर्षीय वाल्टे जोमी आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते थे। 4 मई 2023 को इंफाल में जातीय हिंसा के दौरान उन पर हमला हुआ था, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली में लंबे समय तक उपचार कराया। अस्पताल से छुट्टी के बाद वह चुराचांदपुर में रह रहे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर 8 फरवरी को उन्हें इंफाल से नई दिल्ली ले जाया गया और गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ 21 फरवरी को उनका निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटी और दो बेटे हैं।

शांति प्रक्रिया की राह

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य के समग्र विकास के लिए स्थायी शांति अनिवार्य है और इसके लिए सभी पक्षों के बीच संवाद ही एकमात्र व्यावहारिक विकल्प है। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय अशांति ने समाज के हर तबके को प्रभावित किया है और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर दबाव बना हुआ है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा और बयान राज्य सरकार की ओर से सुलह की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किन शर्तों पर और किस समयसीमा में। मणिपुर में मई 2023 से जारी संकट ने सैकड़ों लोगों की जान ली है और हज़ारों विस्थापित हुए हैं — ऐसे में एक अंतिम संस्कार में दिया गया बयान राजनीतिक इच्छाशक्ति की कसौटी नहीं बन सकता। असली परीक्षा ठोस शांति प्रक्रिया की शुरुआत से होगी।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह चुराचांदपुर क्यों गए?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह 4 जुलाई को भाजपा नेता वुंगजागिन वाल्टे के अंतिम संस्कार में शामिल होने चुराचांदपुर गए। मई 2023 की जातीय हिंसा के बाद यह कुकी-जो बहुल जिले में उनका पहला दौरा था।
वुंगजागिन वाल्टे कौन थे और उनका निधन कैसे हुआ?
वाल्टे थानलॉन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे और जोमी आदिवासी समुदाय के वरिष्ठ भाजपा नेता थे। 4 मई 2023 को इंफाल में जातीय हिंसा के दौरान उन पर हमला हुआ था; लंबे उपचार के बाद 21 फरवरी को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया।
मणिपुर में शांति बहाली के लिए सरकार की क्या योजना है?
मुख्यमंत्री सिंह ने कहा है कि बातचीत ही स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है और सरकार हिंसा रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। हालाँकि, वार्ता प्रक्रिया की विस्तृत रूपरेखा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
मणिपुर में जातीय हिंसा कब शुरू हुई और इसका असर क्या रहा?
मणिपुर में जातीय हिंसा 3 मई 2023 को भड़की थी, जो मुख्यतः मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच थी। इस हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए और हज़ारों विस्थापित हुए; राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर दबाव बना हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री सिंह ने चुराचांदपुर दौरे के दिन ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई एक वर्चुअल बैठक में भाग लिया। इसी कारण उन्होंने हेलीकॉप्टर से यात्रा की ताकि समय रहते इंफाल लौट सकें।
राष्ट्र प्रेस
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