मार्को रुबियो बोले — भारतीयों पर नस्लीय टिप्पणी करने वाले 'बेवकूफ', अमेरिका स्वागत करने वाला देश
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 24 मई 2026 को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीयों के खिलाफ अमेरिका में हो रही नस्लीय टिप्पणियों को 'बेवकूफ लोगों की हरकत' करार दिया। रुबियो अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा के दूसरे दिन थे जब उन्होंने यह बयान दिया।
नस्लीय टिप्पणियों पर रुबियो का रुख
एक पत्रकार के सवाल के जवाब में रुबियो ने कहा, 'मैं ऐसी टिप्पणियों को बेहद गंभीरता से लेता हूं। दुनिया के हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते हैं — यहां भी हैं और अमेरिका में भी कुछ लोग लगातार मूर्खतापूर्ण टिप्पणियां करते रहते हैं।' उन्होंने साथ ही जोड़ा कि अमेरिका मूलतः एक स्वागत-प्रिय राष्ट्र है जहाँ दुनियाभर से आए लोगों ने खुद को ढालकर देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भारतीय मूल के नागरिकों पर नस्लीय हमलों और अपमानजनक टिप्पणियों की खबरें बढ़ी हैं।
भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना
रुबियो ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में $20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि यह निवेश आगे भी बढ़ता रहे।' भारतीय पेशेवरों की विशेषज्ञता को उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए 'बड़ा फायदा' बताया। गौरतलब है कि अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय तकनीक, चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी स्थान रखता है।
वीजा और इमिग्रेशन नीति पर स्पष्टीकरण
रुबियो ने J-1, F-1 और H-1B वीजा नियमों में हालिया बदलावों को लेकर स्पष्ट किया कि ये नीतियाँ किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं बनाई गई हैं, बल्कि पूरी दुनिया पर समान रूप से लागू हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में 2 करोड़ से अधिक लोग अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे इमिग्रेशन प्रणाली में सुधार अनिवार्य हो गया। उन्होंने माना कि इन बदलावों का असर भारत जैसे देशों पर अपेक्षाकृत अधिक दिख सकता है, क्योंकि भारत बड़ी संख्या में उच्च-कुशल पेशेवर अमेरिका भेजता है।
इमिग्रेशन सुधार: संक्रमण काल की चुनौतियाँ
रुबियो ने स्वीकार किया कि सुधार प्रक्रिया के दौरान 'कुछ परेशानियाँ और चुनौतियाँ' आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, 'हम अपने इमिग्रेशन सिस्टम को 21वीं सदी के अनुरूप आधुनिक बना रहे हैं — ताकि यह सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि यहाँ आने वाले लोगों के लिए भी बेहतर साबित हो।' उन्होंने यह भी कहा कि हर साल करीब 10 लाख लोग अमेरिका के स्थायी निवासी बनते हैं और देश के विकास में योगदान देते हैं।
आगे क्या
रुबियो की यह यात्रा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इमिग्रेशन सुधारों पर उनके बयान से भारतीय पेशेवर समुदाय में जो अनिश्चितता है, उसे कुछ हद तक दिशा मिलने की उम्मीद है। नई इमिग्रेशन व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद भारत से अमेरिका जाने वाले कामगारों और नवप्रवर्तकों पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव स्पष्ट होगा।