मारुति सुजुकी का खरखौदा मेगा प्लांट उद्घाटित, ₹35,000 करोड़ निवेश और 21,000 नौकरियों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
मारुति सुजुकी इंडिया ने 2 जुलाई 2025 को हरियाणा के आईएमटी खरखौदा में अपनी सर्वाधिक आधुनिक वाहन निर्माण इकाई राष्ट्र को समर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इस संयंत्र का उद्घाटन किया। यह परियोजना ₹35,000 करोड़ के कुल निवेश के साथ भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े एकल निवेशों में से एक है।
संयंत्र की विशेषताएँ और क्षमता
करीब 800 एकड़ में फैला यह एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स एक आधुनिक सप्लायर पार्क के साथ विकसित किया गया है। फिलहाल संयंत्र में प्रति वर्ष 5 लाख वाहनों के उत्पादन के साथ कार्य शुरू हो चुका है। अगले चरण में उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष किया जाएगा, जिसके बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माण इकाइयों में शामिल हो जाएगा।
परियोजना पूर्ण होने पर यहाँ 21,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार मिलने की उम्मीद जताई गई है। यह संयंत्र मारुति सुजुकी के 40 लाख वाहन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता हासिल करने के दीर्घकालिक लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगा।
स्मार्ट फैक्ट्री और हरित तकनीक
खरखौदा संयंत्र को सुजुकी के 'स्मार्ट फैक्ट्री' कॉन्सेप्ट के अंतर्गत इंडस्ट्री 5.0 तकनीकों से लैस किया गया है, जिसका उद्देश्य उत्पादन गुणवत्ता, सुरक्षा और उत्पादकता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना है। संयंत्र की समस्त बिजली आवश्यकता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाएगी — इसमें सौर ऊर्जा, बायोगैस, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और अन्य हरित ऊर्जा विकल्प शामिल हैं। यह भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग में टिकाऊ उत्पादन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुजुकी समूह का बयान
सुजुकी समूह के प्रमुख तोशिहिरो सुजुकी ने इस परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कंपनी की सबसे आधुनिक निर्माण इकाई का उद्घाटन दो देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा किए जाने पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए अनुकूल नीतिगत माहौल के कारण सुजुकी भारत में निवेश, रोज़गार सृजन, निर्यात और तकनीकी विकास को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। तोशिहिरो सुजुकी ने इस परियोजना को भारत-जापान साझेदारी और 'मेक इन इंडिया' पहल की सफलता का प्रतीक भी बताया।
ई-विटारा और वैश्विक निर्यात
तोशिहिरो सुजुकी ने यह भी रेखांकित किया कि सुजुकी समूह की पहली बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन ई-विटारा का निर्माण विशेष रूप से मारुति सुजुकी के गुजरात स्थित संयंत्र में किया जा रहा है। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी का निर्यात 100 देशों में किए जाने की योजना है, जो भारत को वैश्विक ईवी आपूर्ति श्रृंखला में एक केंद्रीय भूमिका में स्थापित करती है। यह उद्घाटन भारत में मारुति सुजुकी की चार दशक से अधिक की यात्रा का एक निर्णायक पड़ाव है और भारत-जापान रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने वाला कदम भी।