जापानी कंपनियां भारत में करेंगी ₹1.04 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान, ताकाइची की तीन दिवसीय यात्रा शुरू
सारांश
मुख्य बातें
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की 2 जुलाई 2026 से शुरू हुई तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान 150 से अधिक जापानी कंपनियां भारत में करीब 12.5 अरब डॉलर (2 ट्रिलियन येन) के निवेश की घोषणा कर सकती हैं। यह निवेश जापान-इंडिया इकोनॉमिक फोरम के मंच पर प्रस्तावित है और भारत-जापान रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
निवेश की पृष्ठभूमि
यह घोषणा उस व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें जापान सरकार ने एक दशक के भीतर भारत में 10 ट्रिलियन येन का निजी जापानी निवेश लाने में सहयोग का ऐलान पहले ही किया था। जापान-इंडिया इकोनॉमिक फोरम में भाग ले रही कंपनियों का मकसद भारत में अपनी व्यावसायिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करना है। जापानी अखबार 'द योमिउरी शिंबुन' ने इन निवेशों का मूल्य लगभग 2 ट्रिलियन येन बताया है।
एक्स पर जापानी अधिकारी की पोस्ट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ताकाइची के साथ नई दिल्ली आए जापान के डिप्टी चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मासानाओ ओजाकी ने पुष्टि की कि जापान-भारत इकोनॉमिक फोरम में 150 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। उन्होंने 'द योमिउरी शिंबुन' की रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें निवेश की विस्तृत जानकारी दी गई थी।
मोदी-ताकाइची द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अपनी जापानी समकक्ष ताकाइची से द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक से पूर्व दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि बैठक कक्ष की ओर जाते समय प्रधानमंत्री ताकाइची ने दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वजों के सामने सिर झुकाकर सम्मान प्रकट किया।
मारुति सुजुकी प्लांट उद्घाटन और रक्षा सहयोग
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और ताकाइची मिलकर हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी इंडिया के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे। यह भारत में मारुति का चौथा प्लांट है और इसकी कुल लागत करीब ₹35,000 करोड़ बताई जा रही है। यह कदम 'मेक इन इंडिया' पहल को बड़ा बल देता है। इसके अलावा, भारत और जापान एनर्जी सिक्योरिटी के क्षेत्र में संयुक्त भंडारण पहल पर विचार करेंगे और रक्षा सहयोग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
ताकाइची की यात्रा के उद्देश्य
ताकाइची ने बुधवार को टोक्यो में पत्रकारों से कहा, "इस यात्रा के माध्यम से, मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ तीन प्रमुख क्षेत्रों में ठोस सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद करती हूं: मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए जापान-भारत रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना; आर्थिक सुरक्षा में सहयोग को बढ़ावा देना; और निवेश तथा नवाचार के क्षेत्र में हमारे दोनों देशों के व्यवसायों के बीच सहयोग को मजबूत करना।" गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में तेज़ी से बदलाव आ रहे हैं और दोनों देश अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविध बनाने की दिशा में सक्रिय हैं।