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मथुरा में फर्जी साधु गिरफ्तार: IIT रुड़की पासआउट इंजीनियर ऑनलाइन प्रवचन की आड़ में करता था युवतियों का शोषण

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मथुरा में फर्जी साधु गिरफ्तार: IIT रुड़की पासआउट इंजीनियर ऑनलाइन प्रवचन की आड़ में करता था युवतियों का शोषण

सारांश

IIT रुड़की से बीटेक करने वाला एक इंजीनियर मथुरा में साधु बनकर ऑनलाइन प्रवचन की आड़ में युवतियों को कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर शोषण और ब्लैकमेल करता रहा। पुलिस ने राधाकुंड के ‘आश्रम’ से दो युवतियों और एक बालक को मुक्त कराया; मोबाइल से दर्जनों आपत्तिजनक तस्वीरें-वीडियो बरामद।

मुख्य बातें

मथुरा पुलिस ने राधाकुंड से फर्जी साधु अभिषेक मिश्रा उर्फ अधिकार्ता नारायण दास को गिरफ्तार किया।
आरोपी IIT रुड़की से 2021 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक पासआउट, मूल रूप से ओडिशा का निवासी।
परिजनों की शिकायत पर गोवर्धन थाने में 25 मई को मामला दर्ज; घटना कथित तौर पर 15 मई की।
कार्रवाई में दो युवतियों और एक बालक को मुक्त कराया गया, नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया।
मोबाइल फोन से एक दर्जन से अधिक युवक-युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद होने का दावा।
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में जाँच जारी; नेटवर्क में अन्य संलिप्तता की पड़ताल।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस ने ऑनलाइन प्रवचन और भजन-कीर्तन की आड़ में युवतियों को कथित तौर पर जाल में फँसाकर शोषण करने वाले एक फर्जी साधु को राधाकुंड स्थित उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अभिषेक मिश्रा उर्फ अधिकार्ता नारायण दास के रूप में हुई है, जो पुलिस के अनुसार IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुका है। कार्रवाई के दौरान आश्रम का स्वरूप दिए गए मकान से दो युवतियों और एक बालक को सुरक्षित मुक्त कराया गया।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आरोपी आध्यात्मिक कार्यक्रमों और ऑनलाइन सत्संग के माध्यम से युवतियों के संपर्क में आता था। आरोप है कि वह उन्हें कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म करता था और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें तथा वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेल करता था।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक युवती के परिवार ने मथुरा पुलिस से शिकायत की। शिकायत के अनुसार, 15 मई को जन्मदिन मनाने मथुरा आई युवती को आरोपी ने प्रसाद बताकर दूध पिलाया, जिसके बाद वह अचेत हो गई। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ अश्लील हरकत की और बाद में धमकाया भी।

गोवर्धन थाने में दर्ज हुआ मामला

परिजनों की शिकायत पर गोवर्धन थाने में 25 मई को मामला दर्ज किया गया। जाँच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि आरोपी कई अन्य युवतियों को भी इसी तर्ज पर निशाना बना चुका है। पीड़िता की बहन राधाकुंड क्षेत्र में रहकर इंटर्नशिप कर रही थी और आरोपी के संपर्क में थी।

इंजीनियर से ‘साधु’ बनने तक का सफर

जाँच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है और वर्ष 2021 में IIT रुड़की से बीटेक करने के बाद उसने एक निजी कंपनी में नौकरी की थी। बाद में नौकरी छोड़कर वह मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में बस गया और साधु का रूप धारण कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी विशेष रूप से उच्च शिक्षित और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत युवतियों को निशाना बनाता था। वह ऑनलाइन प्रवचन और धार्मिक गतिविधियों के ज़रिए विश्वास हासिल कर उन्हें अपने पास बुलाता था। आरोप है कि ब्लैकमेलिंग से प्राप्त धन से उसने राधाकुंड में एक मकान भी खरीदा, जिसे आश्रम का स्वरूप दिया गया था।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को राधाकुंड स्थित उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया है। मुक्त कराई गई दो युवतियों और एक बालक को आवश्यक सहायता के लिए नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है।

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से एक दर्जन से अधिक युवक-युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद होने का दावा किया है। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि आरोपी कथित तौर पर युवक-युवतियों के बीच विवाह जैसी गतिविधियों के नाम पर संपर्क स्थापित कर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।

क्या होगा आगे

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब डिजिटल माध्यमों से धार्मिक प्रवचन और ‘ऑनलाइन गुरु’ के बढ़ते चलन पर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। मामले की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ‘डिजिटल आध्यात्म’ के अनियंत्रित बाज़ार पर तीखा सवाल है — जहाँ ऑनलाइन सत्संग और ‘गुरु ब्रांडिंग’ के लिए न तो कोई सत्यापन तंत्र है, न कोई जवाबदेही ढाँचा। उल्लेखनीय है कि आरोपी एक प्रतिष्ठित IIT का स्नातक बताया जा रहा है, जो ‘बाबा’ बनने के बढ़ते आर्थिक-सामाजिक प्रलोभन की ओर इशारा करता है। उच्च शिक्षित, कामकाजी युवतियों का निशाना बनाया जाना यह भी दिखाता है कि शिक्षा अकेली ढाल नहीं है — असली कमज़ोरी विश्वास के संस्थागत खालीपन में है। जब तक धार्मिक मंचों के लिए न्यूनतम जाँच-पड़ताल का ढाँचा नहीं बनता, ऐसी घटनाएँ अपवाद नहीं, पैटर्न बनती रहेंगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मथुरा में गिरफ्तार फर्जी साधु कौन है?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक मिश्रा उर्फ अधिकार्ता नारायण दास के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वह 2021 में IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुका है और नौकरी छोड़ने के बाद मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में साधु बनकर रहने लगा था।
आरोपी युवतियों को कैसे निशाना बनाता था?
पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन प्रवचन, भजन-कीर्तन और सत्संग के माध्यम से युवतियों का विश्वास हासिल करता था और उन्हें अपने पास बुलाता था। आरोप है कि वह उन्हें कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर शोषण करता और आपत्तिजनक तस्वीरें-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था।
मामला कब और कहाँ दर्ज हुआ?
छत्तीसगढ़ की पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर 25 मई को मथुरा के गोवर्धन थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, घटना 15 मई की है, जब पीड़िता जन्मदिन मनाने मथुरा आई थी।
पुलिस कार्रवाई में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने राधाकुंड स्थित आरोपी के ठिकाने से दो युवतियों और एक बालक को मुक्त कराया, जिन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है। आरोपी के मोबाइल फोन से एक दर्जन से अधिक युवक-युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद होने का दावा किया गया है।
मामले में आगे क्या जाँच होगी?
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, विवाह जैसी गतिविधियों के नाम पर संपर्क स्थापित करने के कथित पहलू की भी जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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