मथुरा में फर्जी साधु गिरफ्तार: IIT रुड़की पासआउट इंजीनियर ऑनलाइन प्रवचन की आड़ में करता था युवतियों का शोषण
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस ने ऑनलाइन प्रवचन और भजन-कीर्तन की आड़ में युवतियों को कथित तौर पर जाल में फँसाकर शोषण करने वाले एक फर्जी साधु को राधाकुंड स्थित उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अभिषेक मिश्रा उर्फ अधिकार्ता नारायण दास के रूप में हुई है, जो पुलिस के अनुसार IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुका है। कार्रवाई के दौरान आश्रम का स्वरूप दिए गए मकान से दो युवतियों और एक बालक को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपी आध्यात्मिक कार्यक्रमों और ऑनलाइन सत्संग के माध्यम से युवतियों के संपर्क में आता था। आरोप है कि वह उन्हें कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म करता था और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें तथा वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेल करता था।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक युवती के परिवार ने मथुरा पुलिस से शिकायत की। शिकायत के अनुसार, 15 मई को जन्मदिन मनाने मथुरा आई युवती को आरोपी ने प्रसाद बताकर दूध पिलाया, जिसके बाद वह अचेत हो गई। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ अश्लील हरकत की और बाद में धमकाया भी।
गोवर्धन थाने में दर्ज हुआ मामला
परिजनों की शिकायत पर गोवर्धन थाने में 25 मई को मामला दर्ज किया गया। जाँच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि आरोपी कई अन्य युवतियों को भी इसी तर्ज पर निशाना बना चुका है। पीड़िता की बहन राधाकुंड क्षेत्र में रहकर इंटर्नशिप कर रही थी और आरोपी के संपर्क में थी।
इंजीनियर से ‘साधु’ बनने तक का सफर
जाँच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है और वर्ष 2021 में IIT रुड़की से बीटेक करने के बाद उसने एक निजी कंपनी में नौकरी की थी। बाद में नौकरी छोड़कर वह मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में बस गया और साधु का रूप धारण कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी विशेष रूप से उच्च शिक्षित और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत युवतियों को निशाना बनाता था। वह ऑनलाइन प्रवचन और धार्मिक गतिविधियों के ज़रिए विश्वास हासिल कर उन्हें अपने पास बुलाता था। आरोप है कि ब्लैकमेलिंग से प्राप्त धन से उसने राधाकुंड में एक मकान भी खरीदा, जिसे आश्रम का स्वरूप दिया गया था।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को राधाकुंड स्थित उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया है। मुक्त कराई गई दो युवतियों और एक बालक को आवश्यक सहायता के लिए नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से एक दर्जन से अधिक युवक-युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद होने का दावा किया है। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि आरोपी कथित तौर पर युवक-युवतियों के बीच विवाह जैसी गतिविधियों के नाम पर संपर्क स्थापित कर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।
क्या होगा आगे
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब डिजिटल माध्यमों से धार्मिक प्रवचन और ‘ऑनलाइन गुरु’ के बढ़ते चलन पर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। मामले की जाँच जारी है।