विदेश मंत्रालय की चेतावनी: 'एमईएभारत' फर्जी एक्स अकाउंट से रहें सावधान, 19,000 से अधिक फॉलोअर्स
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 13 जुलाई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर चल रहे एक फर्जी अकाउंट 'एमईएभारत' के बारे में आम जनता को सतर्क किया, जो मंत्रालय की आधिकारिक पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह कर रहा था। MEA फैक्ट चेक अकाउंट ने स्पष्ट किया कि इस संदिग्ध हैंडल का मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है और यह 19,000 से अधिक फॉलोअर्स के साथ सक्रिय है।
फर्जी अकाउंट की पहचान और चेतावनी
MEA फैक्ट चेक ने एक्स पर लिखा, 'हमें एमईएभारत नाम का एक अकाउंट मिला है। इस अकाउंट का विदेश मंत्रालय से कोई भी संबंध नहीं है। यह अकाउंट मंत्रालय की पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहा है, लोगों को गुमराह कर रहा है और जनहित को नुकसान पहुंचा रहा है। सभी लोगों से अपील है कि वे ऐसे मामलों में सावधानी बरतें।' यह फर्जी हैंडल विभिन्न सरकारी मंत्रालयों, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और राष्ट्रपति के पोस्ट को रीपोस्ट कर खुद को विश्वसनीय दिखाने की कोशिश कर रहा था।
फर्जी सलाहकारों को लेकर पूर्व चेतावनी
इसी महीने के शुरुआत में MEA की फैक्ट चेक टीम ने एक अलग मामले में भी अलर्ट जारी किया था। मंत्रालय ने कहा था, 'सोशल मीडिया पर कुछ लोग ऐसे पोस्ट कर रहे हैं, जिनसे लगता है कि वे व्यापार, प्रवासन और अन्य नीतिगत मामलों में एमईए को सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा, ये लोग एमईए के साथ काम करने के तरीके पर पैसे लेकर सलाह या सत्र देने की पेशकश भी कर रहे हैं। इन लोगों का मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है।' यह चेतावनी उन लोगों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो वीज़ा, प्रवासन या व्यापार नीति के लिए सरकारी मार्गदर्शन की तलाश में हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के नाम पर भी फर्जीवाड़ा
पिछले महीने भी MEA फैक्ट चेक ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के नाम पर ऑनलाइन फैलाई जा रही फर्जी घोषणाओं और विज्ञापनों का भंडाफोड़ किया था। मंत्रालय ने यात्रियों को चेताया था, 'एमईए की ओर से आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा के नाम पर फर्जी घोषणाएं और विज्ञापन ऑनलाइन फैलाए जा रहे हैं। ऐसे विज्ञापनों और घोषणाओं से सावधान रहें।' गौरतलब है कि यह तीसरी बड़ी चेतावनी है जो MEA ने हाल के हफ्तों में जारी की है, जो दर्शाता है कि सरकारी पहचान की आड़ में ऑनलाइन धोखाधड़ी का सिलसिला तेज हो रहा है।
आम जनता पर असर और सावधानी के उपाय
इस तरह के फर्जी अकाउंट विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए खतरनाक हैं जो वीज़ा आवेदन, विदेश यात्रा संबंधी जानकारी या सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर निर्भर रहते हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल MEA के सत्यापित आधिकारिक अकाउंट से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी संदिग्ध हैंडल को तुरंत रिपोर्ट करें। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल माध्यमों पर सरकारी संस्थाओं के नाम पर होने वाली ठगी के मामले देशभर में बढ़ रहे हैं।
क्या होगा आगे
मंत्रालय ने संकेत दिया है कि वह ऐसे फर्जी अकाउंट की निगरानी जारी रखेगा और समय-समय पर फैक्ट चेक अपडेट जारी करता रहेगा। नागरिकों को किसी भी संदिग्ध अकाउंट की सूचना संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और MEA को देने की अपील की गई है।