25 अगस्त 2026
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मिशन शक्तिसैट: चिराग पासवान से मिले 108+ देशों के राजदूत, अंतरिक्ष शिक्षा व महिला सशक्तीकरण पर मंथन

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मिशन शक्तिसैट: चिराग पासवान से मिले 108+ देशों के राजदूत, अंतरिक्ष शिक्षा व महिला सशक्तीकरण पर मंथन

सारांश

मिशन शक्तिसैट के अंतरराष्ट्रीय राजदूतों ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। 108 से अधिक देशों की भागीदारी वाली इस वैश्विक पहल का लक्ष्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी शिक्षा के ज़रिए दुनिया भर की लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाना है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से 25 अगस्त 2026 को मिशन शक्तिसैट के अंतरराष्ट्रीय राजदूतों के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में मुलाकात की।
मिशन शक्तिसैट से 108 से अधिक देशों की भागीदारी जुड़ी है; नेतृत्व डॉ.
श्रीमती केसन के हाथों में है।
बैठक में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी शिक्षा, महिला व बालिका सशक्तीकरण और वैश्विक अवसर सृजन पर चर्चा हुई।
मंत्री ने मिशन को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' संकल्प से जोड़ा।
श्रीमती केसन की दूरदृष्टि और मिशन से जुड़ी महिलाओं के संकल्प की विशेष सराहना की।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में मिशन शक्तिसैट से जुड़े अंतरराष्ट्रीय राजदूतों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी शिक्षा, वैश्विक स्तर पर महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण और अवसर सृजन जैसे अहम विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

मिशन शक्तिसैट: वैश्विक पहल का परिचय

मिशन शक्तिसैट डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में संचालित एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका मूल उद्देश्य व्यावहारिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसरों के माध्यम से दुनिया भर की लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाना है। इस मिशन से अब तक 108 से अधिक देशों की भागीदारी जुड़ी हुई बताई गई है, जो इसके व्यापक वैश्विक स्वरूप को रेखांकित करती है।

बैठक के दौरान मिशन शक्तिसैट की टीम ने पहल के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और वैश्विक प्रभाव पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विभिन्न देशों के राजदूतों ने अपने-अपने देशों में मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों और अनुभवों को साझा किया।

मंत्री की प्रतिक्रिया और सराहना

पासवान ने मिशन शक्तिसैट की पहल की सराहना करते हुए इसे महिलाओं और बालिकाओं को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. श्रीमती केसन के प्रयासों और मिशन को वैश्विक स्तर पर आगे ले जाने की उनकी दूरदृष्टि की प्रशंसा की।

मंत्री ने कहा कि मिशन से जुड़ी महिलाओं ने अपनी क्षमता, दृढ़ता और संकल्प के माध्यम से एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और मिशन के उद्देश्यों को समझने में व्यक्तिगत रुचि दिखाई।

भारत सरकार के विकास दृष्टिकोण से जुड़ाव

चर्चा के दौरान पासवान ने मिशन शक्तिसैट के उद्देश्यों को भारत सरकार के व्यापक विकास दृष्टिकोण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ-साथ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी सरकारी पहल महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की भूमिका और उसके महत्व के बारे में भी प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया

बैठक में शामिल प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मंत्री के साथ हुई बातचीत और उनके प्रोत्साहन को महत्वपूर्ण बताया। प्रतिनिधियों के अनुसार, मंत्री के सकारात्मक व्यवहार और मिशन के प्रति उनकी रुचि ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के बीच उत्साहजनक प्रभाव छोड़ा।

यह बैठक ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर महिलाओं की अंतरिक्ष एवं STEM क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने के प्रयास तेज़ हो रहे हैं। 108 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ मिशन शक्तिसैट इस दिशा में एक उल्लेखनीय वैश्विक मंच के रूप में उभर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका सत्यापन और ज़मीनी प्रभाव अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं के साथ इस मिशन का जुड़ाव नीतिगत दिशा तो दर्शाता है, पर असली कसौटी यह होगी कि क्या यह कूटनीतिक संवाद ठोस शैक्षणिक और तकनीकी अवसरों में तब्दील होता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन शक्तिसैट क्या है?
मिशन शक्तिसैट डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में संचालित एक वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य व्यावहारिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसरों के ज़रिए दुनिया भर की लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाना है। इस मिशन से 108 से अधिक देशों की भागीदारी जुड़ी बताई गई है।
चिराग पासवान और मिशन शक्तिसैट के राजदूतों की बैठक में क्या हुआ?
25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में अंतरिक्ष शिक्षा, महिला एवं बालिका सशक्तीकरण और वैश्विक अवसर सृजन पर विस्तृत चर्चा हुई। मिशन की टीम ने उद्देश्यों और वैश्विक प्रभाव पर प्रस्तुति दी, और विभिन्न देशों के राजदूतों ने अपने अनुभव साझा किए।
मिशन शक्तिसैट से कितने देश जुड़े हैं?
मिशन शक्तिसैट से 108 से अधिक देशों की भागीदारी बताई गई है। यह आँकड़ा पहल के व्यापक वैश्विक स्वरूप को दर्शाता है, हालाँकि इसका स्वतंत्र सत्यापन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मिशन को किन सरकारी योजनाओं से जोड़ा?
पासवान ने मिशन शक्तिसैट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' संकल्प और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी केंद्रीय पहलों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास महिलाओं और बेटियों को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की दिशा में काम करते हैं।
डॉ. श्रीमती केसन कौन हैं?
डॉ. श्रीमती केसन मिशन शक्तिसैट की संस्थापक और नेतृत्वकर्ता हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उनके प्रयासों और मिशन को वैश्विक स्तर पर आगे ले जाने की उनकी दूरदृष्टि की विशेष सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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