मोहन भागवत का जेन-जी से संवाद राष्ट्र निर्माण की नींव: सतीश महाना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की युवाओं से हुई बातचीत को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। महाना ने कहा कि भागवत ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और देश को समर्पित किया है और वे हर विषय की गहरी समझ रखते हैं।
भागवत और युवा पीढ़ी का संवाद
सतीश महाना ने कहा, 'जब नौजवान आता है तो नई ऊर्जा के साथ आता है, उनमें एक नया जज्बा होता है। ऐसे में मोहन भागवत उनके साथ बैठे और बहुत सारे विषयों पर बातचीत की।' उन्होंने यह भी कहा कि 2047 में आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर भारत कैसा दिखेगा — इसी सवाल को केंद्र में रखकर भागवत ने युवाओं से संवाद किया। उनके अनुसार, आज का युवा बेहद योग्य और नवाचारी है, और उसके सपनों का भारत बनाना ही इस संवाद का उद्देश्य था।
शाखाओं की भूमिका और व्यक्तिगत अनुभव
महाना ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा, 'मेरे पिता RSS से जुड़े थे, तो हम बाल स्वयंसेवक के रूप में शाखा में जाते थे। वहीं हमने मूल्य और अनुशासन सीखा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि शाखाएँ केवल खेल का स्थान नहीं हैं, बल्कि ये नागरिकों में राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान और समर्पण भाव जगाने का माध्यम हैं।
भारतीय संस्कृति और हथकरघा विरासत
यूपी विधानसभा अध्यक्ष ने भारत की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि भारत में निर्मित वस्त्र कभी पूरे विश्व में निर्यात होते थे और ऐतिहासिक रूप से 200 वर्षों से भी अधिक समय तक टिकाऊ साबित हुए हैं। उन्होंने हथकरघा उद्योग को पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक बताते हुए कहा, 'जब पूरा परिवार मिलकर कपड़ा बुनता है, तो न केवल पारिवारिक रिश्ते मज़बूत होते हैं, बल्कि हमारी कलात्मक परंपराएँ और शिल्प भी सुरक्षित रहते हैं।'
पीएम मोदी की MSME और हथकरघा पहल
महाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही मोदी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास पर ध्यान दे रहे हैं। मुद्रा लोन और अन्य सरकारी योजनाओं के ज़रिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने एक वीडियो जारी कर नागरिकों से हथकरघे से बने उत्पाद खरीदने की अपील की थी।
आम जनता से अपील
महाना ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे हैंडलूम उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता दें। उनका मानना है कि यह कदम बुनकरों और उपभोक्ताओं — दोनों के लिए लाभकारी होगा और भारत की पारंपरिक शिल्प कला को जीवित रखने में सहायक बनेगा। यह संवाद ऐसे समय में आया है जब सरकार 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को लेकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की मुहिम तेज़ कर रही है।