7 अगस्त 2026
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मोहन भागवत का जेन-जी से संवाद राष्ट्र निर्माण की नींव: सतीश महाना

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मोहन भागवत का जेन-जी से संवाद राष्ट्र निर्माण की नींव: सतीश महाना

सारांश

यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने RSS सरसंघचालक मोहन भागवत के जेन-जी संवाद को 2047 के भारत की नींव बताया। शाखाओं की भूमिका, हथकरघा विरासत और MSME को लेकर उनका बयान 'विकसित भारत' की दिशा में सांस्कृतिक और आर्थिक दोनों आयामों को छूता है।

मुख्य बातें

सतीश महाना ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत के युवा संवाद को राष्ट्र निर्माण की दिशा में अहम कदम बताया।
भागवत ने 2047 में आज़ादी के 100 साल के संदर्भ में जेन-जी पीढ़ी से देश के भविष्य पर बातचीत की।
महाना ने RSS शाखाओं को मूल्य, अनुशासन और राष्ट्र-स्वाभिमान का माध्यम बताया।
भारत में बने वस्त्र ऐतिहासिक रूप से 200 वर्षों से अधिक टिकाऊ रहे हैं — महाना ने हथकरघा विरासत की सराहना की।
पीएम मोदी ने वीडियो जारी कर नागरिकों से हैंडलूम उत्पाद खरीदने की अपील की; मुद्रा लोन और MSME योजनाओं का भी उल्लेख किया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 7 अगस्त 2026 को लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की युवाओं से हुई बातचीत को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। महाना ने कहा कि भागवत ने अपना संपूर्ण जीवन समाज और देश को समर्पित किया है और वे हर विषय की गहरी समझ रखते हैं।

भागवत और युवा पीढ़ी का संवाद

सतीश महाना ने कहा, 'जब नौजवान आता है तो नई ऊर्जा के साथ आता है, उनमें एक नया जज्बा होता है। ऐसे में मोहन भागवत उनके साथ बैठे और बहुत सारे विषयों पर बातचीत की।' उन्होंने यह भी कहा कि 2047 में आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर भारत कैसा दिखेगा — इसी सवाल को केंद्र में रखकर भागवत ने युवाओं से संवाद किया। उनके अनुसार, आज का युवा बेहद योग्य और नवाचारी है, और उसके सपनों का भारत बनाना ही इस संवाद का उद्देश्य था।

शाखाओं की भूमिका और व्यक्तिगत अनुभव

महाना ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा, 'मेरे पिता RSS से जुड़े थे, तो हम बाल स्वयंसेवक के रूप में शाखा में जाते थे। वहीं हमने मूल्य और अनुशासन सीखा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि शाखाएँ केवल खेल का स्थान नहीं हैं, बल्कि ये नागरिकों में राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान और समर्पण भाव जगाने का माध्यम हैं।

भारतीय संस्कृति और हथकरघा विरासत

यूपी विधानसभा अध्यक्ष ने भारत की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि भारत में निर्मित वस्त्र कभी पूरे विश्व में निर्यात होते थे और ऐतिहासिक रूप से 200 वर्षों से भी अधिक समय तक टिकाऊ साबित हुए हैं। उन्होंने हथकरघा उद्योग को पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक बताते हुए कहा, 'जब पूरा परिवार मिलकर कपड़ा बुनता है, तो न केवल पारिवारिक रिश्ते मज़बूत होते हैं, बल्कि हमारी कलात्मक परंपराएँ और शिल्प भी सुरक्षित रहते हैं।'

पीएम मोदी की MSME और हथकरघा पहल

महाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही मोदी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास पर ध्यान दे रहे हैं। मुद्रा लोन और अन्य सरकारी योजनाओं के ज़रिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने एक वीडियो जारी कर नागरिकों से हथकरघे से बने उत्पाद खरीदने की अपील की थी।

आम जनता से अपील

महाना ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे हैंडलूम उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता दें। उनका मानना है कि यह कदम बुनकरों और उपभोक्ताओं — दोनों के लिए लाभकारी होगा और भारत की पारंपरिक शिल्प कला को जीवित रखने में सहायक बनेगा। यह संवाद ऐसे समय में आया है जब सरकार 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को लेकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की मुहिम तेज़ कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर RSS की सार्वजनिक छवि को 'सांस्कृतिक संरक्षक' के रूप में स्थापित करने की व्यापक कोशिश दिखती है — खासकर 2047 की विमर्श-राजनीति के संदर्भ में। यह ऐसे समय में आया है जब भागवत लगातार जेन-जी से सीधे संवाद की मुहिम चला रहे हैं, जो पारंपरिक शाखा-केंद्रित संगठन मॉडल से परे जाने का संकेत है। हथकरघा और MSME को राष्ट्रवाद की भाषा से जोड़ना आर्थिक और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के उस मेल की झलक है जो BJP-RSS की नीति-राजनीति की पहचान बन चुकी है। सवाल यह है कि युवाओं के साथ यह संवाद ठोस नीतिगत परिणामों में कब और कैसे बदलेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत ने युवाओं से किस विषय पर बातचीत की?
मोहन भागवत ने जेन-जी पीढ़ी के युवाओं से 2047 में आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर भारत के भविष्य के स्वरूप पर संवाद किया। इस बातचीत में युवाओं के सपनों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई।
सतीश महाना ने RSS शाखाओं के बारे में क्या कहा?
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि शाखाएँ केवल खेल का स्थान नहीं हैं, बल्कि ये मूल्य, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान जगाने का माध्यम हैं। उन्होंने बचपन में बाल स्वयंसेवक के रूप में शाखा में जाने का व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया।
भारत की हथकरघा विरासत को लेकर महाना ने क्या कहा?
महाना ने कहा कि भारत में बने वस्त्र ऐतिहासिक रूप से 200 वर्षों से भी अधिक समय तक टिकाऊ रहे हैं और कभी पूरे विश्व में निर्यात होते थे। उन्होंने हथकरघा उद्योग को पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बताया।
पीएम मोदी की MSME और हैंडलूम नीति से इस संवाद का क्या संबंध है?
महाना ने बताया कि पीएम मोदी ने मुद्रा लोन और अन्य सरकारी योजनाओं के ज़रिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया है और एक वीडियो जारी कर नागरिकों से हैंडलूम उत्पाद खरीदने की अपील की थी। यह बयान सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक नीति से जोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका को लेकर क्या संदेश दिया गया?
महाना और भागवत दोनों का संदेश यह है कि आज का युवा योग्य और नवाचारी है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में उसकी केंद्रीय भूमिका होगी। भागवत का जेन-जी संवाद इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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