24 जुलाई 2026
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मानसून सत्र का पहला सप्ताह हंगामे में बर्बाद, लोकसभा-राज्यसभा में नहीं चला प्रश्नकाल

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मानसून सत्र का पहला सप्ताह हंगामे में बर्बाद, लोकसभा-राज्यसभा में नहीं चला प्रश्नकाल

सारांश

मानसून सत्र का पहला सप्ताह पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ा — लोकसभा और राज्यसभा में एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं चल सका। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर अड़े विपक्ष ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में चर्चा से इनकार किया।

मुख्य बातें

मानसून सत्र 2024 के पहले पूरे सप्ताह लोकसभा और राज्यसभा में एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सका।
विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक किसी भी चर्चा में भाग लेने से इनकार किया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने इस्तीफे की माँग दोहराई।
शुक्रवार, 24 जुलाई को लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
खड़गे जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाना चाह रहे थे, लेकिन हंगामे ने उन्हें बोलने नहीं दिया।

संसद के मानसून सत्र 2024 का पहला पूरा सप्ताह लगातार हंगामे की भेंट चढ़ गया। नई दिल्ली में 24 जुलाई तक चले इस सप्ताह में लोकसभा और राज्यसभा — दोनों सदनों में एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी। विपक्ष की केंद्रीय माँग रही — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा — जिसके बिना विपक्षी सांसदों ने किसी भी चर्चा में भाग लेने से इनकार किया।

शुक्रवार को क्या हुआ

शुक्रवार, 24 जुलाई को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी पर उतर आए। लोकसभा में कई सांसद अपनी सीटें छोड़कर वेल में आ गए, जिससे कार्यवाही ठप हो गई और सदन को पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा में भी कुछ ऐसा ही दृश्य रहा। जैसे ही राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए खड़े हुए, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शोर-शराबा बढ़ गया। खड़गे जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उन पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाना चाह रहे थे। हंगामे के कारण राज्यसभा भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित हुई और बाद में फिर से कार्यवाही बाधित होने पर एक बार और स्थगन लागू करना पड़ा।

विपक्ष की माँग और नेताओं के बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने के बाद ही सदन में चर्चा संभव होगी। सदन से बाहर निकले विपक्षी सांसदों ने भी इस्तीफे की माँग को लेकर नारेबाजी जारी रखी।

राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने दोपहर बाद कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी यही माँग दोहराई — शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और सरकार को सदन में इस विषय पर बयान देना चाहिए। इस पर फिर हंगामा शुरू हो गया और सदन स्थगित करना पड़ा।

पूरे सप्ताह का असर

मानसून सत्र के दौरान पूरे सप्ताह प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य विधायी कार्य बाधित रहे। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के पास कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित करने की ज़िम्मेदारी है। गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में प्रश्नकाल सांसदों के लिए सरकार से सीधे जवाब माँगने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर होता है — उसका पूरे सप्ताह ठप रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दृष्टि से गंभीर माना जाता है।

आगे क्या होगा

सोमवार को सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी। यह देखना होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच किसी समझौते की ज़मीन तैयार होती है या गतिरोध जारी रहता है। विपक्ष की माँग अभी भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर टिकी है, जबकि सरकार की ओर से इस पर कोई सकारात्मक संकेत नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हंगामे को हथियार बनाकर पूरे सदन को बंधक बनाना उसी जनता के हितों के विरुद्ध जाता है जिसके नाम पर यह प्रदर्शन हो रहा है। दूसरी ओर, सरकार का मौन भी सवाल खड़ा करता है — यदि शिक्षा मंत्री के कामकाज पर कोई आपत्ति नहीं है, तो सदन में बयान देने से परहेज़ क्यों? गतिरोध तब तक नहीं टूटेगा जब तक दोनों पक्ष संसद को राजनीतिक अखाड़े से ऊपर उठाने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाते।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानसून सत्र 2024 में प्रश्नकाल क्यों नहीं चला?
विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण पूरे पहले सप्ताह लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी। विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर अड़ा था।
विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
विपक्षी दलों का कहना है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा मंत्री को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से इस विषय पर सदन में बयान देने की माँग भी की।
राहुल गांधी ने संसद में क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने के बाद ही सदन में चर्चा होगी। उन्होंने सदन से बाहर भी इस्तीफे की माँग दोहराई।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कब तक स्थगित हुई?
शुक्रवार, 24 जुलाई को लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर सोमवार तक के लिए स्थगित की गई। राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित हुई और बाद में एक बार फिर स्थगन लागू किया गया।
संसद में प्रश्नकाल का न चलना क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रश्नकाल वह समय होता है जब सांसद सरकार के मंत्रियों से सीधे सवाल पूछ सकते हैं और जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं। इसका पूरे सप्ताह ठप रहना न केवल विधायी कार्य को प्रभावित करता है, बल्कि जनता के प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी कमज़ोर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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