मोतिहारी वॉटर पार्क विवाद: राजद सांसद सुधाकर सिंह बोले — किसानों की जमीन का दुरुपयोग, एफआईआर राजनीतिक साजिश
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने 9 जुलाई को बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोतिहारी में प्रस्तावित वॉटर पार्क परियोजना के लिए किसानों की जमीन का अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर एक सुनियोजित राजनीतिक दबाव की कोशिश है, जिसका उद्देश्य उनकी आवाज़ को दबाना है।
एफआईआर पर सवाल: ठेकेदार के मुनीम ने क्यों कराया मुकदमा?
सुधाकर सिंह ने तर्क दिया कि इस मामले में सबसे बड़ी विसंगति यह है कि उनके खिलाफ शिकायत किसी सरकारी अधिकारी ने नहीं, बल्कि ठेकेदार के मुनीम ने दर्ज कराई। उनका कहना है कि यदि सरकारी कार्य में वास्तव में बाधा पहुँची होती, तो प्राथमिकी किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा दर्ज होनी चाहिए थी। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की माँग की कि एक निजी ठेकेदार के प्रतिनिधि को यह अधिकार किस कानूनी आधार पर दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि उन पर पॉकेटमारी, हत्या के प्रयास और गला दबाने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं, जबकि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और हजारों स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। उनके अनुसार, यदि ऐसी कोई घटना सच में हुई होती तो उसका वीडियो या कोई प्रत्यक्ष प्रमाण अवश्य सामने आता।
हाई कोर्ट का नोटिस, फिर भी जारी रहा निर्माण
सांसद सिंह ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के इस विवाद में वे पहले ही उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुके हैं। अदालत ने मामला स्वीकार कर नोटिस भी जारी किया, किंतु इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका। उनका आरोप है कि न्यायालय की यथास्थिति बनाए रखने की मंशा के विपरीत प्रशासन ने काम जारी रखा, जो अदालत की अवमानना के समान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बेबुनियाद धाराएँ नहीं हटाईं, तो वे पुनः न्यायालय की शरण लेंगे।
पेपर लीक और राहुल गांधी के बयान पर समर्थन
कथित पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने ठोस तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अपनी बात रखी है। उन्होंने बिहार के लखीसराय में 50 फर्जी परीक्षार्थियों के पकड़े जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि गड़बड़ियों के संकेत पहले से मिल रहे थे। उनके अनुसार, जब परीक्षा की निगरानी उच्चतम स्तर पर हो और प्रश्नपत्र पहुँचाने की जिम्मेदारी सेना तक निभाए, फिर भी अनियमितताएँ सामने आएँ, तो विपक्ष का मुखर होना स्वाभाविक है।
राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
राम मंदिर के चंदे को लेकर सुधाकर सिंह ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि गाँव-गाँव से रसीद काटकर एकत्र किया गया धन अयोध्या तक पूरी तरह नहीं पहुँचा। उनके दावे के अनुसार यह मामला लगभग ₹10,000 करोड़ का है, जिसमें चंदा संग्रह, निर्माण कार्य और चढ़ावे — तीनों स्तरों पर कथित अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है, जिसमें देशभर से प्राप्त चंदे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की माँग की गई है।
राहुल गांधी की इस मुद्दे पर चुप्पी के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी एक आस्थावान हिंदू हैं और उचित समय पर इस विषय पर अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में एक साथ इतने बड़े मुद्दे खड़े कर दिए गए हैं कि विपक्ष को हर मोर्चे पर एक साथ सक्रिय रहना पड़ रहा है।
आगे की राह
सुधाकर सिंह ने स्पष्ट किया कि वे भ्रष्टाचार और बेईमानी के विरुद्ध अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि एक निर्वाचित सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। मोतिहारी भूमि विवाद में उच्च न्यायालय की अगली सुनवाई और PIL पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख इस पूरे मामले की दिशा तय करेगा।