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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: डेयरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹41,000 करोड़ का पैकेज मंजूर

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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: डेयरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹41,000 करोड़ का पैकेज मंजूर

सारांश

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने ₹41,000 करोड़ का विशाल पैकेज मंजूर किया — डेयरी नेटवर्क को 7,331 से 26,000 गाँवों तक फैलाने और दूध प्रोसेसिंग क्षमता को चार गुना करने का लक्ष्य। यह केंद्रीय मंत्री अमित शाह की सलाह के बाद मिशन मोड में उठाया गया ठोस कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 1 सितंबर 2026 को ₹41,000 करोड़ के विकास पैकेज को मंजूरी दी।
विकसित भारत-जी राम जी योजना के लिए ₹29,619 करोड़ आवंटित किए गए।
डेयरी सेक्टर के लिए कुल ₹2,973 करोड़ , जिसमें प्रोसेसिंग क्षमता विस्तार हेतु ₹1,547 करोड़ विशेष रूप से निर्धारित।
सहकारी दुग्ध समितियों का नेटवर्क 7,331 गाँवों से बढ़ाकर 26,000 गाँवों तक पहुँचाने का लक्ष्य।
दूध संग्रह 12 लाख किग्रा से बढ़कर 52 लाख किग्रा प्रतिदिन और प्रोसेसिंग क्षमता 17.8 लाख लीटर से 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन होगी।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मिशन मोड में दूध उत्पादन बढ़ाने की सलाह के बाद यह निर्णय लिया गया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को भोपाल में लगभग ₹41,000 करोड़ के व्यापक विकास पैकेज को मंजूरी दी। इस पैकेज में डेयरी सेक्टर की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए ₹1,547 करोड़ और बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए बड़ी राशि शामिल है।

मुख्य घटनाक्रम

कैबिनेट बैठक के बाद लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत पैकेज में विकसित भारत-जी राम जी योजना को लागू करने के लिए ₹29,619 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दूध उत्पादकों और डेयरी सेक्टर के विकास के लिए कुल ₹2,973 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

डेयरी सेक्टर पर फोकस

मंजूर राशि में से ₹1,547 करोड़ विशेष रूप से विभिन्न डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग क्षमता विस्तार के लिए निर्धारित किए गए हैं। डेयरी विकास योजना के अंतर्गत सरकार ने अगले पाँच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों के नेटवर्क को मौजूदा 7,331 गाँवों से बढ़ाकर 26,000 गाँवों तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है।

मंत्री सिंह के अनुसार, दूध संग्रह को वर्तमान 12 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। इसी तरह, प्रोसेसिंग क्षमता को मौजूदा 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने की योजना है। दूध पैकेट की बिक्री भी 7 लाख लीटर से बढ़कर 35 लाख लीटर प्रतिदिन होने का अनुमान है।

केंद्र सरकार की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह पहले ही मध्य प्रदेश सरकार को मिशन मोड में दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाकर दूध उत्पादन में तेज़ी लाने की सलाह दे चुके थे। यह कैबिनेट निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

आम जनता और किसानों पर असर

मंत्री सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि इन उपायों से राज्य भर के दूध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने कहा कि ये फैसले बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कृषि-डेयरी अर्थव्यवस्था को गति देने की सरकार की प्राथमिकता को दर्शाते हैं।

क्या होगा आगे

सरकार के अनुसार, ये निर्णय मध्य प्रदेश में किसानों और पशुपालकों के लिए संतुलित विकास और बेहतर आजीविका सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार और सहकारी नेटवर्क के विस्तार पर अब सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह पैकेज संख्याओं में प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — विशेषकर सहकारी दुग्ध समितियों को 7,331 से 26,000 गाँवों तक ले जाने का लक्ष्य महत्त्वाकांक्षी है। मध्य प्रदेश में सहकारी ढाँचे की ऐतिहासिक कमज़ोरियाँ और ग्रामीण कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएँ इस विस्तार की रफ्तार तय करेंगी। विकसित भारत-जी राम जी योजना के लिए ₹29,619 करोड़ की राशि के क्रियान्वयन का विस्तृत रोडमैप अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, जो पारदर्शिता की दृष्टि से एक अहम सवाल बनता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने डेयरी सेक्टर के लिए कितनी राशि मंजूर की?
कैबिनेट ने डेयरी सेक्टर के लिए कुल ₹2,973 करोड़ मंजूर किए हैं, जिसमें से ₹1,547 करोड़ विशेष रूप से विभिन्न डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निर्धारित हैं। यह निर्णय 1 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
मध्य प्रदेश में दूध सहकारी समितियों का नेटवर्क कितना बड़ा होगा?
सरकार ने अगले पाँच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों के नेटवर्क को मौजूदा 7,331 गाँवों से बढ़ाकर 26,000 गाँवों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। इससे दूध संग्रह 12 लाख किग्रा से बढ़कर 52 लाख किग्रा प्रतिदिन होने की उम्मीद है।
विकसित भारत-जी राम जी योजना के लिए कितनी राशि रखी गई है?
₹41,000 करोड़ के कुल पैकेज में से ₹29,619 करोड़ विकसित भारत-जी राम जी योजना को लागू करने के लिए आवंटित किए गए हैं। यह इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा है।
इन फैसलों से मध्य प्रदेश के किसानों को क्या फायदा होगा?
लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, इन उपायों से राज्य भर के दूध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। दूध पैकेट की बिक्री 7 लाख लीटर से बढ़कर 35 लाख लीटर प्रतिदिन होने का अनुमान है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह का इस योजना से क्या संबंध है?
केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने पहले मध्य प्रदेश सरकार को मिशन मोड में दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाकर दूध उत्पादन में तेज़ी लाने की सलाह दी थी। यह कैबिनेट निर्णय उसी सलाह के अनुरूप उठाया गया कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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