25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के खतरे से कांग्रेस ने MP के 45-50 विधायकों को बेंगलुरु भेजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के खतरे से कांग्रेस ने MP के 45-50 विधायकों को बेंगलुरु भेजा

सारांश

BJP के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट के मैदान में उतरते ही कांग्रेस की नींद उड़ गई — 62 में से 58 वोटों की दरकार और महज 4 का मार्जिन। इसीलिए 45-50 विधायकों को चार्टर्ड फ्लाइट से बेंगलुरु रवाना किया गया। मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें दाँव पर हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 9 जून को मध्य प्रदेश के 45-50 विधायकों को चार्टर्ड फ्लाइट से बेंगलुरु भेजा।
BJP ने तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को मैदान में उतारकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।
राज्यसभा सीट जीतने के लिए 58 वोट चाहिए; कांग्रेस के पास 62 विधायक — मार्जिन सिर्फ 4 ।
BJP के पास 165 सीटें ; दो उम्मीदवारों के बाद 49 अधिशेष वोट , तीसरी सीट के लिए 10-12 और वोट चाहिए।
यदि कांग्रेस के 10-12 विधायक क्रॉस वोट करते हैं, तो मीनाक्षी नटराजन की जीत खतरे में पड़ सकती है।

कांग्रेस ने मंगलवार, 9 जून को मध्य प्रदेश के अपने विधायकों को बेंगलुरु रवाना कर दिया — यह कदम आगामी राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच उठाया गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने के बाद जो मुकाबला सीधा-सादा लग रहा था, वह अब एक तीखी राजनीतिक जंग में तब्दील हो चुका है।

मुख्य घटनाक्रम

विधायकों का पहला समूह भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे से पार्टी की चार्टर्ड फ्लाइट से बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ। सूत्रों के अनुसार, इस पहली उड़ान में लगभग 45 से 50 विधायक सवार थे, जबकि दूसरा समूह उसी शाम बाद की फ्लाइट से रवाना होने वाला था। यह निर्णय कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन और BJP उम्मीदवार महेश केवट द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के एक दिन बाद लिया गया।

विधानसभा का गणित और BJP की रणनीति

मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है। BJP के पास फिलहाल विधानसभा में 165 सीटें हैं — यानी अपने पहले दो उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ को जिताने के बाद उसके पास 49 अतिरिक्त वोट बचते हैं। इन्हीं अधिशेष वोटों के आधार पर BJP ने महेश केवट को तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारकर तीसरी सीट के लिए दावेदारी ठोकी है। हालाँकि, तीसरी सीट जीतने के लिए BJP को कांग्रेस या अन्य दलों के लगभग 10 से 12 विधायकों के समर्थन की भी दरकार होगी।

कांग्रेस की मुश्किल स्थिति

कांग्रेस के पास विधानसभा में 62 विधायक हैं — अपनी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को जिताने के लिए आवश्यक 58 वोटों से मात्र 4 अधिक। यह मार्जिन इतना पतला है कि यदि 10 से 12 विधायक भी BJP के तीसरे उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करते हैं, तो नटराजन की जीत खतरे में पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में BJP के लिए मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें जीतने का रास्ता खुल सकता है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि विधायकों को किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित कर मतदान तक साथ रखने की यह रणनीति भारतीय राजनीति में 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' के नाम से जानी जाती है। कांग्रेस नेतृत्व ने यह कदम इसीलिए उठाया ताकि विधायकों को किसी बाहरी दबाव या प्रलोभन से दूर रखा जा सके। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के कारण यह राज्य पार्टी के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प माना गया।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में BJP की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में है और राज्यसभा की तीनों सीटों पर कब्जे का मौका उसके लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। मतदान की तारीख नज़दीक आने के साथ-साथ दोनों दलों के बीच संख्याओं का यह खेल और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या कांग्रेस को इतना व्यस्त रखे कि वह अपनी ही सीट बचाने में उलझी रहे। मध्य प्रदेश में दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में BJP की भारी जीत के बाद यह राज्यसभा मुकाबला उसके लिए 'क्लीन स्वीप' का अवसर है। कांग्रेस के लिए असली सवाल यह है कि जब विधायकों को बाहर भेजना पड़े, तो आंतरिक अनुशासन की स्थिति पर पार्टी नेतृत्व को गंभीरता से विचार करना होगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने MP के विधायकों को बेंगलुरु क्यों भेजा?
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजा है, ताकि मतदान तक उन्हें किसी बाहरी दबाव या प्रलोभन से दूर रखा जा सके। पार्टी के पास 62 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 58 वोट चाहिए — यानी मार्जिन मात्र 4 का है।
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में BJP की रणनीति क्या है?
BJP ने 165 सीटों के बल पर पहले दो उम्मीदवारों — रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ — को निर्वाचित कराने के बाद बचे 49 अधिशेष वोटों के आधार पर तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को मैदान में उतारा है। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे कांग्रेस या अन्य दलों के 10-12 विधायकों के समर्थन की भी जरूरत होगी।
मीनाक्षी नटराजन की जीत कितनी सुरक्षित है?
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की जीत के लिए 58 वोट चाहिए और पार्टी के पास 62 विधायक हैं। यदि 5 या उससे अधिक विधायक क्रॉस वोट करते हैं, तो उनकी जीत खतरे में पड़ सकती है।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कितनी सीटें खाली हैं?
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 3 सीटें रिक्त हैं। BJP ने तीनों के लिए उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने एक — मीनाक्षी नटराजन — को मैदान में उतारा है।
क्या भारत में विधायकों को दूसरे राज्य भेजना आम बात है?
'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' भारतीय राजनीति में एक जानी-पहचानी रणनीति है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न दल महत्वपूर्ण मतदान से पहले अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए करते हैं। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के कारण बेंगलुरु पार्टी के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प रहा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले