22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुर्शिदाबाद में रेलवे कोच फैक्ट्री की माँग: अधीर रंजन चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुर्शिदाबाद में रेलवे कोच फैक्ट्री की माँग: अधीर रंजन चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र

सारांश

कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मुर्शिदाबाद में SAIL के सहयोग से रेलवे कोच फैक्ट्री स्थापित करने की माँग की — एक ऐसा प्रस्ताव जो उनके रेल राज्य मंत्री कार्यकाल से लंबित है और जिसे वे अब केंद्र से प्राथमिकता दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य बातें

अधीर रंजन चौधरी ने 6 जून 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर मुर्शिदाबाद में रेलवे कोच फैक्ट्री की माँग की।
प्रस्ताव में SAIL (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के सहयोग से फैक्ट्री स्थापित करने की योजना है।
चौधरी ने इससे पहले 12 मई 2026 को प्रधानमंत्री को भी इसी विषय पर पत्र लिखा था।
यह परियोजना चौधरी के रेल राज्य मंत्री कार्यकाल के दौरान प्रस्तावित की गई थी और अब तक लंबित है।
फैक्ट्री से मुर्शिदाबाद और आसपास के जिलों के हज़ारों बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार मिलने की संभावना बताई गई है।

कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के सहयोग से रेलवे कोच फैक्ट्री स्थापित करने की औपचारिक माँग की है। यह पत्र 6 जून 2026 को भेजा गया और इसमें चौधरी ने इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने का आग्रह किया है।

पत्र की पृष्ठभूमि और पुरानी माँग

अपने पत्र में अधीर रंजन चौधरी ने उल्लेख किया कि उन्होंने इससे पहले 12 मई 2026 को प्रधानमंत्री को भी इसी विषय पर पत्र लिखा था। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव उनके रेल राज्य मंत्री कार्यकाल के दौरान ही तैयार किया गया था, जो अब भी लंबित है। चौधरी ने यह भी रेखांकित किया कि रेलवे मंत्रालय पश्चिम बंगाल में रेलवे अवसंरचना सहित कई विकास परियोजनाओं को लागू करने की योजना बना रहा है — ऐसे में मुर्शिदाबाद को इस औद्योगिक पहल में शामिल करना स्वाभाविक कदम होगा।

मुर्शिदाबाद की चुनौतियाँ और परियोजना का महत्व

चौधरी के अनुसार, मुर्शिदाबाद अपनी ऐतिहासिक विरासत, सीमावर्ती भौगोलिक स्थिति और बड़ी आबादी के बावजूद औद्योगीकरण और रोज़गार सृजन जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। यह ज़िला पश्चिम बंगाल के उन पिछड़े क्षेत्रों में शुमार है जहाँ बेरोज़गार युवाओं की तादाद बड़ी है।

प्रस्तावित रेलवे कोच फैक्ट्री से मुर्शिदाबाद और आसपास के जिलों के हज़ारों बेरोज़गार युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार मिलने की संभावना है। चौधरी ने यह भी कहा कि यह फैक्ट्री सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन देगी, स्थानीय युवाओं के कौशल विकास में सहायक होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मज़बूती प्रदान करेगी।

SAIL की भूमिका और प्रस्तावित साझेदारी

इस परियोजना में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की भागीदारी का प्रस्ताव रखा गया है। यह साझेदारी सार्वजनिक क्षेत्र के दो बड़े उपक्रमों — रेलवे और SAIL — के बीच समन्वय का उदाहरण बन सकती है। गौरतलब है कि भारतीय रेलवे पहले से ही SAIL से स्टील खरीदता है, इसलिए एकीकृत कोच-निर्माण इकाई आपूर्ति शृंखला को भी सुदृढ़ कर सकती है।

सरकार से आग्रह

चौधरी ने रेल मंत्री से अनुरोध किया है कि पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए और शीघ्र घोषणा की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि यह परियोजना साकार होती है तो यह मुर्शिदाबाद के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

आगे की राह

अब यह देखना होगा कि रेल मंत्रालय इस माँग पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है। यह परियोजना लंबे समय से प्रस्ताव के स्तर पर है और केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में केंद्रीय औद्योगिक निवेश की गति राजनीतिक समीकरणों पर भी निर्भर करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी यह विचार वर्षों से फाइलों में दबा है। सवाल यह है कि एक पूर्व सांसद का पत्र, बिना किसी राजनीतिक दबाव या बजटीय आवंटन के, इस परियोजना को कितना आगे ले जा सकता है। पश्चिम बंगाल में केंद्र-राज्य संबंधों की जटिलता और TMC-BJP के बीच की खाई को देखते हुए, इस परियोजना की व्यावहारिक प्रगति राजनीतिक इच्छाशक्ति पर उतनी ही निर्भर है जितनी आर्थिक व्यवहार्यता पर।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित रेलवे कोच फैक्ट्री क्या है?
यह एक प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना है जिसमें पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में SAIL के सहयोग से रेलवे कोच निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना है। यह प्रस्ताव अधीर रंजन चौधरी के रेल राज्य मंत्री कार्यकाल के दौरान तैयार किया गया था।
अधीर रंजन चौधरी ने यह पत्र क्यों लिखा?
चौधरी ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस लंबित परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दिलाने का आग्रह किया है। उन्होंने 12 मई 2026 को प्रधानमंत्री को भी इसी विषय पर पत्र लिखा था और अब रेल मंत्रालय के स्तर पर भी पहल की है।
इस फैक्ट्री से मुर्शिदाबाद को क्या फायदा होगा?
प्रस्ताव के अनुसार, इस फैक्ट्री से मुर्शिदाबाद और आसपास के जिलों के हज़ारों बेरोज़गार युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार मिलेगा। इसके अलावा सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी।
SAIL की इस परियोजना में क्या भूमिका होगी?
प्रस्ताव में SAIL को सहयोगी संस्था के रूप में शामिल करने की बात कही गई है। यह रेलवे और सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उपक्रम के बीच एकीकृत साझेदारी का मॉडल होगा, हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक सहमति नहीं बनी है।
क्या केंद्र सरकार ने इस माँग पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक रेल मंत्रालय की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परियोजना को आगे बढ़ने के लिए केंद्र सरकार की मंज़ूरी और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय आवश्यक होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले