गुलाम अली खटाना बोले: मुसलमानों को वोटबैंक की राजनीति छोड़ मुख्यधारा में आना होगा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 22 जून को नई दिल्ली में स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुसलमान समुदाय को वोटबैंक की राजनीति के चंगुल से बाहर निकलकर देश की मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश के कुछ मुस्लिम सांसदों ने सरकार से धरोहर स्थलों पर लक्षित कार्रवाई से बचने की अपील की है।
मुस्लिम समुदाय और वोटबैंक राजनीति
खटाना ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दलों ने देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को अशिक्षा, पिछड़ापन और अपराध जैसी बुराइयों से जोड़े रखा है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने मुसलमानों को महज वोटबैंक बनाकर रखा और उनके वास्तविक विकास की कभी परवाह नहीं की। खटाना के अनुसार, अब मुस्लिम समुदाय को इन सियासी जमातों से मुक्ति पाकर देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।
उद्धव ठाकरे के आरोपों पर BJP का जवाब
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने BJP पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया है। इस पर खटाना ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि BJP दुनिया की सबसे बड़ी कैडर-आधारित पार्टी है और विपक्षी दलों को तोड़ने या जोड़ने से उसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP का एकमात्र एजेंडा देशहित है, और जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। नागरिकों को किस दल में जाना है, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
राम मंदिर फंड विवाद और SIT जांच
राम मंदिर फंड विवाद को लेकर विपक्ष का आरोप है कि सच्चाई छिपाने के लिए SIT जांच को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है। इस पर भाजपा नेता खटाना ने संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट जवाब दिया — 'कानून अपना काम करेगा।' उन्होंने इस मसले पर आगे कोई विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा एडवाइजरी ट्रीटी दोबारा करने की संभावना जताए जाने पर खटाना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ ही आज़ाद हुआ था, लेकिन जहाँ भारत ने बुनियादी ढाँचे और विकास में उल्लेखनीय प्रगति की, वहीं पाकिस्तान 'दलाल' की भूमिका में सिमट गया है। खटाना ने कहा कि भारत हमेशा चाहता है कि उसके पड़ोसी देश तरक्की करें और वहाँ अमन-शांति कायम रहे, लेकिन पाकिस्तान की नीयत पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने नागरिकों की आवाज़ दबाकर दूसरे देशों को अशांत करने की आदत से बाज़ नहीं आया।
राजस्थान मस्जिद विवाद और ओवैसी की अपील
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी समेत कुछ सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राजस्थान में मस्जिदों पर कार्रवाई रोकने की अपील की है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। इस पर खटाना ने स्पष्ट किया कि जो भी कार्रवाई कानून के दायरे में हुई है, उस पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई जाएगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसदीय बहस और न्यायिक समीक्षा दोनों में केंद्र में रह सकता है।