नालासोपारा फेरीवाला पिटाई विवाद: भाजपा नेता अशोक शेलके बोले — 'वायरल वीडियो अधूरा है, पहले हमारे कार्यकर्ता पर हुआ हमला'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नगर सेवक अशोक शेलके उस समय विवादों में घिर गए जब नालासोपारा (मुंबई) में एक फेरीवाले की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। 16 जून को सामने आए इस वीडियो में शेलके कथित तौर पर एक फेरीवाले को मारते दिखाई दे रहे हैं। अब शेलके ने इस वायरल वीडियो को 'आधा-अधूरा' करार देते हुए अपना पक्ष रखा है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
रविवार शाम वसई-विरार महानगरपालिका की टीम नालासोपारा पूर्व स्थित डी-मार्ट परिसर के सामने अवैध स्टॉलों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान वहाँ मौजूद फेरीवालों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान एक फेरीवाले ने भाजपा कार्यकर्ता हरीलाल जायसवाल पर हाथ उठाया, जिसके बाद शेलके ने कथित तौर पर फेरीवाले को मारा। किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस घटना को रिकॉर्ड कर लिया और वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शेलके की सफाई: 'सुरक्षा खतरे की अनदेखी नहीं कर सकते थे'
शेलके ने अपने बचाव में कहा कि वायरल वीडियो पूरी घटना नहीं दिखाता। उन्होंने दावा किया कि डी-मार्ट परिसर के 100 मीटर के दायरे में करीब 150 गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जो एक गंभीर सुरक्षा खतरा थे। उनके अनुसार, उस क्षेत्र में वीकएंड पर 5,000 से 7,000 लोगों की आवाजाही होती है और आसपास लगभग 25,000 लोगों की बस्ती भी है। शेलके का तर्क है कि यदि ये सिलेंडर किसी कारण फट जाते, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
पिछले दो हफ्तों से चल रही थी समझाइश
शेलके ने बताया कि पिछले दो रविवारों से फेरीवालों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझाया जा रहा था, लेकिन वे तैयार नहीं थे। उनका कहना है कि जब वे और उनके कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे, तभी फेरीवालों ने भाजपा कार्यकर्ता हरीलाल जायसवाल पर हमला बोल दिया।
उत्तर भारतीय कोण पर पलटवार
शेलके ने यह भी कहा कि कुछ लोग इस विवाद को उत्तर भारतीयों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि घायल भाजपा कार्यकर्ता हरीलाल जायसवाल स्वयं उत्तर भारतीय हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके कार्यकर्ता पर हमला हुआ, तब उसके समर्थन में कोई आगे क्यों नहीं आया। यह मामला अब नालासोपारा में अतिक्रमण-विरोधी अभियान और स्थानीय राजनीति दोनों के लिहाज़ से संवेदनशील बन गया है।
आगे क्या होगा
फिलहाल इस मामले में किसी के खिलाफ औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो के चलते स्थानीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है और मामले के और तूल पकड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।