नरोत्तम मिश्रा बोले — पद नहीं, BJP के लिए काम चाहिए; 30 साल विधायक, 15 साल मंत्री रहे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नरोत्तम मिश्रा ने 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि वे संगठन में किसी औपचारिक पद की दौड़ में नहीं हैं, बल्कि पार्टी जो भी ज़िम्मेदारी सौंपे, उसे पूरी निष्ठा से निभाना चाहते हैं। उन्होंने पार्टी के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तीन दशकों की राजनीतिक यात्रा में BJP ने उन्हें जो दिया, उसका कोई मोल नहीं।
मिश्रा का स्पष्ट संदेश
अपनी संगठनात्मक भूमिका के बारे में पूछे जाने पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'जहां तक मेरी भूमिका का सवाल है, मैं कोई पद नहीं चाहता, बल्कि पार्टी के लिए काम चाहता हूं, जैसा पार्टी अब तक मुझे देती आई है।' यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जो उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर पार्टी हलकों में चल रही थीं।
चुनाव हार के बाद भी सक्रिय भूमिका
मिश्रा ने बताया कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी पार्टी ने उन्हें निष्क्रिय नहीं रहने दिया। उन्होंने कहा, 'चुनाव हारने के बाद मुझे प्रदेश जॉइनिंग टीम का संयोजक बनाया गया। जब महाराष्ट्र का चुनाव आया तो वहां काम दिया गया, दिल्ली का चुनाव आया तो वहां काम दिया गया और जब बिहार का चुनाव आया तो वहां भी काम सौंपा गया।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब कई वरिष्ठ नेता चुनावी पराजय के बाद हाशिये पर चले जाते हैं।
तीन दशकों की BJP यात्रा पर आभार
मिश्रा ने पार्टी के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा, 'पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। उसने मुझे 30 साल तक विधायक रखा और 15 साल मंत्री बनाया।' गौरतलब है कि वे दतिया से लंबे समय तक विधायक रहे और मध्य प्रदेश सरकार में गृह व स्वास्थ्य मंत्री के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात पर स्थिति
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के सवाल पर मिश्रा ने कहा, 'मैं किसी से नहीं मिला, और न ही अभी मैंने समय मांगा है। जब मैं अगली बार आऊंगा तो निश्चित रूप से सबसे मिलूंगा। वे हमारे नेता हैं, इसलिए मुझे उनसे मिलना है।' इस बयान से स्पष्ट है कि दिल्ली दौरे का उद्देश्य कोई तत्काल राजनीतिक पैंतरेबाज़ी नहीं थी।
दतिया उपचुनाव पर पार्टी के फैसले का समर्थन
दतिया उपचुनाव के लिए उम्मीदवार चयन पर मिश्रा ने पार्टी के निर्णय का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उम्मीदवार का चयन सही था क्योंकि आशुतोष तिवारी एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता हैं। वे एक ईमानदार कार्यकर्ता हैं जिन्होंने अपना अधिकांश जीवन पार्टी और देश को समर्पित किया है।' आने वाले समय में मिश्रा की भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्टी उन्हें किन राज्यों के चुनावी प्रबंधन में लगाती है।