20 जुलाई 2026
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ADM नवीन बाबू मौत मामला CBI को सौंपा, केरल कैबिनेट का बड़ा फैसला; बेटी को सरकारी नौकरी

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ADM नवीन बाबू मौत मामला CBI को सौंपा, केरल कैबिनेट का बड़ा फैसला; बेटी को सरकारी नौकरी

सारांश

केरल कैबिनेट का बड़ा फैसला — कन्नूर के पूर्व ADM नवीन बाबू की संदिग्ध मौत की जाँच अब CBI करेगी। नई सरकार के कार्यकाल का यह पहला CBI रेफरल है और CPI(M) नेता पी.पी. दिव्या पर पहले से दर्ज चार्जशीट को देखते हुए राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील। बेटी निरंजना को आश्रित कोटे से सरकारी नौकरी भी मिलेगी।

मुख्य बातें

केरल कैबिनेट ने पूर्व ADM नवीन बाबू की मौत की जाँच CBI को सौंपने का फैसला किया।
नवीन बाबू 15 अक्टूबर 2024 को कन्नूर के पल्लीकुन्नू स्थित आवास पर मृत पाए गए थे।
विदाई समारोह में CPI(M) नेता पी.पी.
दिव्या ने सार्वजनिक रूप से उन पर NOC को लेकर आरोप लगाए थे; वे अब तक की चार्जशीट में एकमात्र नामज़द आरोपी हैं।
बेटी निरंजना को 'आश्रित नियुक्ति योजना' के तहत सरकारी नौकरी दी जाएगी।
नई सरकार के गठन के बाद यह पहला मामला है जिसमें CBI को विशेष सिफारिश के ज़रिए जाँच सौंपी गई है।

केरल सरकार ने कन्नूर के पूर्व अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) नवीन बाबू की संदिग्ध मौत के मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसके साथ ही मृतक के परिवार की लंबे समय से चली आ रही माँग को आखिरकार स्वीकार कर लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

कैबिनेट ने यह भी तय किया कि नवीन बाबू की बेटी निरंजना को 'आश्रित नियुक्ति योजना' के तहत सरकारी नौकरी दी जाएगी। परिवार ने राज्य पुलिस और विशेष जाँच दल (SIT) की अब तक की जाँच पर खुलकर अविश्वास जताया था और किसी केंद्रीय एजेंसी से जाँच करवाने की माँग की थी।

परिवार का कहना रहा है कि “सिर्फ CBI जाँच ही सच सामने ला सकती है और नवीन बाबू को इंसाफ दिला सकती है।”

राजनीतिक रूप से क्यों अहम है यह फैसला

यह सिफारिश इसलिए और महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नई सरकार बनने के बाद यह पहला ऐसा मामला है जिसमें केंद्रीय एजेंसी को जाँच सौंपी जा रही है। गौरतलब है कि पिछली सरकार ने राज्य में सीधे मामले दर्ज करने के लिए CBI को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली थी, जिसके बाद किसी भी केंद्रीय हस्तक्षेप के लिए राज्य की विशेष सिफारिश ज़रूरी हो गई थी।

आलोचकों का कहना है कि इस कदम से CPI(M) नेतृत्व बैकफुट पर आ सकता है। विपक्ष पहले से आरोप लगाता रहा है कि पिछली सरकार ने CPI(M) नेता और कन्नूर ज़िला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पी.पी. दिव्या को बचाने की कोशिश की। अब तक दाख़िल चार्जशीट में दिव्या ही एकमात्र नामज़द आरोपी हैं।

क्या हुआ था नवीन बाबू के साथ

नवीन बाबू 15 अक्टूबर 2024 को कन्नूर के पल्लीकुन्नू स्थित अपने सरकारी आवास पर फंदे से लटके पाए गए थे। यह घटना कन्नूर कलेक्ट्रेट में उनके विदाई समारोह के ठीक एक दिन बाद हुई थी।

विदाई समारोह में पी.पी. दिव्या, जो उस समय ज़िला पंचायत अध्यक्ष थीं, कथित तौर पर बिना न्योते पहुँचीं और एक पेट्रोल पंप के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने को लेकर सबके सामने नवीन बाबू पर आरोप लगाए। समारोह के वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद बताया जाता है कि नवीन बाबू बेहद विचलित होकर कलेक्ट्रेट से निकले और उन्हें दिए गए तोहफे तक स्वीकार नहीं किए।

उन्होंने उसी रात 8:55 बजे कन्नूर से रवाना होने वाली 'मालाबार एक्सप्रेस' में टिकट बुक कराया था, लेकिन अगली सुबह चेंगन्नूर पहुँचे रिश्तेदारों को वे ट्रेन में नहीं मिले। बाद में उनके ड्राइवर ने उन्हें घर पर मृत पाया।

विरोध, इस्तीफा और गिरफ्तारी

घटना के बाद राज्यभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और जबरदस्त राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। दबाव में आकर पी.पी. दिव्या को ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा और बाद में उन्हें इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया।

अब CBI जाँच में क्या देखा जाएगा

CBI अब यह पड़ताल करेगी कि दिव्या को विदाई समारोह तक लाने के पीछे किसकी भूमिका थी, नवीन बाबू पर लगाए गए आरोपों की पृष्ठभूमि क्या थी, और पेट्रोल पंप NOC विवाद के संभावित तार कहाँ-कहाँ तक जुड़े हैं।

बेटी को आश्रित कोटे से नौकरी देने के फैसले से सरकार ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति का संदेश तो दिया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या CBI जाँच इस त्रासदी के लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों की पहचान कर पाएगी और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा कर सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि केरल की राजनीति में एक संवेदनशील मोड़ है। पिछली LDF सरकार द्वारा CBI को दी गई सामान्य सहमति वापस लिए जाने के बाद, राज्य का खुद CBI को बुलाना अपने ही पूर्ववर्ती रुख से एक सूक्ष्म दूरी बनाने जैसा है। चार्जशीट में अब तक केवल पी.पी. दिव्या का नाम होना और परिवार का स्थानीय जाँच पर अविश्वास, इस सवाल को जिंदा रखता है कि क्या जाँच पार्टी-स्तरीय दबावों से प्रभावित रही। असली कसौटी यह होगी कि CBI पेट्रोल पंप NOC विवाद और विदाई समारोह की कथित साजिश की कड़ियों को कितनी ईमानदारी से जोड़ पाती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवीन बाबू कौन थे और उनकी मौत कब हुई?
नवीन बाबू केरल के कन्नूर ज़िले में अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM) के पद पर तैनात रह चुके वरिष्ठ अधिकारी थे। उन्हें 15 अक्टूबर 2024 को कन्नूर के पल्लीकुन्नू स्थित अपने सरकारी आवास पर फंदे से लटका हुआ पाया गया था, उनके विदाई समारोह के ठीक एक दिन बाद।
केरल सरकार ने यह मामला CBI को क्यों सौंपा?
नवीन बाबू के परिवार ने राज्य पुलिस और विशेष जाँच दल (SIT) की जाँच पर अविश्वास जताते हुए लंबे समय से केंद्रीय एजेंसी से जाँच की माँग की थी। परिवार का कहना था कि उनकी मौत के असली हालात अब तक सामने नहीं आए हैं, और कैबिनेट ने इसी माँग को स्वीकार करते हुए CBI जाँच की सिफारिश की।
पी.पी. दिव्या की इस मामले में क्या भूमिका है?
CPI(M) नेता और कन्नूर ज़िला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पी.पी. दिव्या नवीन बाबू के विदाई समारोह में कथित तौर पर बिना न्योते पहुँचीं और एक पेट्रोल पंप के लिए NOC जारी करने को लेकर सार्वजनिक रूप से उन पर आरोप लगाए। विवाद के बाद उन्हें पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा और बाद में गिरफ्तार किया गया; वे अब तक दाख़िल चार्जशीट में एकमात्र नामज़द आरोपी हैं।
क्या नवीन बाबू के परिवार को सरकार से कोई राहत मिली है?
हाँ, कैबिनेट ने नवीन बाबू की बेटी निरंजना को 'आश्रित नियुक्ति योजना' के तहत सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है। इसे सरकार की ओर से पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति प्रकट करने वाला कदम माना जा रहा है।
CBI जाँच में अब किन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित होगा?
CBI मुख्य रूप से यह जाँचेगी कि पी.पी. दिव्या को विदाई समारोह तक लाने में और कौन-कौन शामिल थे, नवीन बाबू पर लगाए गए आरोपों के पीछे की परिस्थितियाँ क्या थीं, और पेट्रोल पंप NOC विवाद से जुड़े संभावित तार कहाँ तक फैले हैं।
राष्ट्र प्रेस
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