23 जुलाई 2026
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केरल हाई कोर्ट ने बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला रद्द किया, आपसी सहमति से हुआ समझौता

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केरल हाई कोर्ट ने बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला रद्द किया, आपसी सहमति से हुआ समझौता

सारांश

केरल हाई कोर्ट ने ज्वैलरी कारोबारी बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ मलयालम अभिनेत्री द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। जनवरी 2025 की गिरफ्तारी से शुरू हुआ यह हाई-प्रोफाइल मामला आपसी सहमति और सार्वजनिक माफी के बाद समझौते पर खत्म हुआ।

मुख्य बातें

केरल हाई कोर्ट ने 23 जुलाई 2026 को बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द की।
जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने एर्नाकुलम की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया।
चेम्मनूर को 8 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था; हाई कोर्ट ने 14 जनवरी 2025 को जमानत दी थी।
मामला कन्नूर के अलाकोड में चेम्मनूर इंटरनेशनल ज्वैलर्स शोरूम उद्घाटन के दौरान कथित उत्पीड़न से जुड़ा था।
चेम्मनूर ने सोशल मीडिया पर बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगी थी, जिसके बाद समझौते का मार्ग बना।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता धारा 75 और IT अधिनियम धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया था।

केरल हाई कोर्ट ने 23 जुलाई 2026 को ज्वैलरी कारोबारी बॉबी चेम्मनूर के विरुद्ध एक मलयालम अभिनेत्री द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में आपराधिक कार्यवाही औपचारिक रूप से रद्द कर दी। जनवरी 2025 में चेम्मनूर की गिरफ्तारी के बाद से सुर्खियों में रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले का अंत तब हुआ जब दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की पुष्टि की।

न्यायालय का फैसला और प्रक्रिया

जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने एर्नाकुलम की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की बॉबी चेम्मनूर की याचिका स्वीकार कर ली। कोर्ट ने 3 जुलाई को ही आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, जब शिकायतकर्ता अभिनेत्री ने स्वयं न्यायालय को सूचित किया था कि मामला सुलझा लिया गया है।

इसके बाद अभिनेत्री ने समझौते की पुष्टि करते हुए हलफनामा दायर किया। न्यायालय ने सरकारी अभियोजक को इस हलफनामे की सत्यता जाँचने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष द्वारा सत्यापन के बाद गुरुवार को कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही विधिवत रद्द करने का आदेश सुनाया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला कन्नूर के अलाकोड स्थित चेम्मनूर इंटरनेशनल ज्वैलर्स शोरूम के उद्घाटन समारोह के दौरान कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि जब अभिनेत्री ने बाद के प्रमोशनल कार्यक्रमों में शामिल होने से इनकार किया, तो चेम्मनूर ने यूट्यूब चैनलों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए उनके विरुद्ध यौन प्रकृति की टिप्पणियाँ कीं।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया था।

गिरफ्तारी और जमानत की कार्यवाही

बॉबी चेम्मनूर को 8 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। ट्रायल कोर्ट ने उनकी प्रारंभिक जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद केरल हाई कोर्ट ने 14 जनवरी 2025 को उन्हें जमानत प्रदान की। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने जमानत आदेश के बावजूद रिहाई में हुई देरी पर कड़ी आपत्ति जताई थी और चेतावनी दी थी कि ऐसी चूक जमानत रद्द होने का कारण बन सकती है।

समझौते की राह कैसे बनी

रिपोर्टों के अनुसार, बॉबी चेम्मनूर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेत्री से अपने आचरण के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगी थी और शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया था। इसी के बाद समझौते का मार्ग प्रशस्त हुआ और अंततः अभिनेत्री ने हलफनामे के ज़रिए सहमति की पुष्टि की।

आगे की स्थिति

न्यायालय के इस आदेश के साथ एर्नाकुलम की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही समस्त आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है। यह मामला केरल के मनोरंजन और व्यापारिक जगत में व्यापक चर्चा का विषय रहा था और अब इसका पटाक्षेप आपसी सहमति के आधार पर हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक व्यापक सवाल उठाता है — क्या यौन उत्पीड़न के मामलों में समझौते की यह राह पीड़िता की स्वतंत्र सहमति को पर्याप्त रूप से सुनिश्चित करती है? केरल हाई कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से हलफनामे की सत्यता जाँचवाई, जो प्रक्रियागत सतर्कता का संकेत है। फिर भी, जब आरोपी पक्ष सोशल मीडिया पर सार्वजनिक माफी के ज़रिए शिकायत वापसी का अनुरोध करे, तो शक्ति-असंतुलन की संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यह मामला केरल के मनोरंजन उद्योग में महिला सुरक्षा की बहस के बीच आया है और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग को और प्रासंगिक बनाता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला क्या था?
यह मामला कन्नूर के अलाकोड में चेम्मनूर इंटरनेशनल ज्वैलर्स शोरूम के उद्घाटन के दौरान एक मलयालम अभिनेत्री के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा था। शिकायत में यह भी आरोप था कि अभिनेत्री द्वारा बाद के प्रमोशनल इवेंट्स में शामिल होने से इनकार करने पर चेम्मनूर ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ यौन प्रकृति की टिप्पणियाँ कीं।
केरल हाई कोर्ट ने मामला रद्द क्यों किया?
केरल हाई कोर्ट ने मामला इसलिए रद्द किया क्योंकि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझा लिया। अभिनेत्री ने हलफनामा दायर कर समझौते की पुष्टि की, और अभियोजन पक्ष ने भी इसकी सत्यता की जाँच कर न्यायालय को अवगत कराया, जिसके बाद जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने आपराधिक कार्यवाही रद्द करने का आदेश दिया।
बॉबी चेम्मनूर को कब गिरफ्तार किया गया था और जमानत कब मिली?
बॉबी चेम्मनूर को 8 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज होने के बाद केरल हाई कोर्ट ने 14 जनवरी 2025 को उन्हें जमानत दी थी।
इस मामले में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया था। IT अधिनियम की धारा 67 ऑनलाइन माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित करने से संबंधित है।
समझौते की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी?
रिपोर्टों के अनुसार, बॉबी चेम्मनूर ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्री से बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगी और शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया। इसके बाद 3 जुलाई को अभिनेत्री ने कोर्ट को समझौते की जानकारी दी, हलफनामा दायर किया, और अभियोजन पक्ष की पुष्टि के बाद 23 जुलाई को कार्यवाही औपचारिक रूप से रद्द हुई।
राष्ट्र प्रेस
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