केरल हाई कोर्ट ने बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला रद्द किया, आपसी सहमति से हुआ समझौता
सारांश
मुख्य बातें
केरल हाई कोर्ट ने 23 जुलाई 2026 को ज्वैलरी कारोबारी बॉबी चेम्मनूर के विरुद्ध एक मलयालम अभिनेत्री द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में आपराधिक कार्यवाही औपचारिक रूप से रद्द कर दी। जनवरी 2025 में चेम्मनूर की गिरफ्तारी के बाद से सुर्खियों में रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले का अंत तब हुआ जब दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की पुष्टि की।
न्यायालय का फैसला और प्रक्रिया
जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने एर्नाकुलम की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की बॉबी चेम्मनूर की याचिका स्वीकार कर ली। कोर्ट ने 3 जुलाई को ही आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, जब शिकायतकर्ता अभिनेत्री ने स्वयं न्यायालय को सूचित किया था कि मामला सुलझा लिया गया है।
इसके बाद अभिनेत्री ने समझौते की पुष्टि करते हुए हलफनामा दायर किया। न्यायालय ने सरकारी अभियोजक को इस हलफनामे की सत्यता जाँचने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष द्वारा सत्यापन के बाद गुरुवार को कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही विधिवत रद्द करने का आदेश सुनाया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला कन्नूर के अलाकोड स्थित चेम्मनूर इंटरनेशनल ज्वैलर्स शोरूम के उद्घाटन समारोह के दौरान कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि जब अभिनेत्री ने बाद के प्रमोशनल कार्यक्रमों में शामिल होने से इनकार किया, तो चेम्मनूर ने यूट्यूब चैनलों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए उनके विरुद्ध यौन प्रकृति की टिप्पणियाँ कीं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया था।
गिरफ्तारी और जमानत की कार्यवाही
बॉबी चेम्मनूर को 8 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। ट्रायल कोर्ट ने उनकी प्रारंभिक जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद केरल हाई कोर्ट ने 14 जनवरी 2025 को उन्हें जमानत प्रदान की। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने जमानत आदेश के बावजूद रिहाई में हुई देरी पर कड़ी आपत्ति जताई थी और चेतावनी दी थी कि ऐसी चूक जमानत रद्द होने का कारण बन सकती है।
समझौते की राह कैसे बनी
रिपोर्टों के अनुसार, बॉबी चेम्मनूर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेत्री से अपने आचरण के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगी थी और शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया था। इसी के बाद समझौते का मार्ग प्रशस्त हुआ और अंततः अभिनेत्री ने हलफनामे के ज़रिए सहमति की पुष्टि की।
आगे की स्थिति
न्यायालय के इस आदेश के साथ एर्नाकुलम की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही समस्त आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है। यह मामला केरल के मनोरंजन और व्यापारिक जगत में व्यापक चर्चा का विषय रहा था और अब इसका पटाक्षेप आपसी सहमति के आधार पर हुआ है।