15 अगस्त 2026
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उजड़ी जातियों को संवैधानिक अधिकार दिलाना एनडीए की प्राथमिकता: संजय निषाद

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उजड़ी जातियों को संवैधानिक अधिकार दिलाना एनडीए की प्राथमिकता: संजय निषाद

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर UP कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने एनडीए सरकार को उजड़ी और विस्थापित जातियों का असली हमदर्द बताया, सपा पर शहीदों और महिलाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया और सीधी नकद सहायता के बजाय आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने की वकालत की।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने 15 अगस्त 2026 को कहा कि एनडीए सरकार उजड़ी जातियों को संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेज़ों और मुग़लों के दौर में विस्थापित हुए समुदायों की पिछली सरकारों ने कभी सुध नहीं ली।
सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने शहीदों की उपेक्षा और महिलाओं के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया।
निषाद ने सीधी नकद सहायता की जगह रोज़गार-आधारित आत्मनिर्भरता को बेहतर नीति बताया।
यह बयान उत्तर प्रदेश 2027 विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि देश की आज़ादी के लिए जिन लोगों ने अपना सर्वस्व बलिदान किया — तलवार और तोप का सामना किया, फाँसी के फंदे को गले लगाया — उनकी पिछली सरकारों ने कभी सुध नहीं ली। निषाद के अनुसार, एनडीए सरकार अब उन उजड़ी और विस्थापित जातियों को फिर से स्थापित करने और उनके संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।

उजड़ी जातियों के उत्थान का दावा

संजय निषाद ने कहा कि अंग्रेज़ों और मुग़लों के दौर में जो समाज विस्थापित हुए, उन्हें पिछली व्यवस्थाओं के 'गजट और बजट' ने और भी हाशिये पर धकेल दिया। उन्होंने कहा, एनडीए सरकार इन तबकों के संवैधानिक अधिकारों के लिए हमेशा आवाज़ उठाती रहेगी। उनके अनुसार, जो निर्बल हैं उन्हें सबल बनाना इस सरकार की मूल प्राथमिकता है।

सपा पर सीधा निशाना

निषाद ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि वे सत्ता में रहते हुए शहीदों को याद करते, तिरंगा यात्रा निकालते और उजड़ी जातियों के उत्थान के लिए कार्य करते, तो उसका कोई अर्थ होता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में महिलाओं की घोर उपेक्षा हुई और उनके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

आत्मनिर्भरता बनाम सीधी नकद सहायता

निषाद ने सामाजिक कल्याण की अवधारणा पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में केवल पैसा बाँटना स्थायी समाधान नहीं है। उनके शब्दों में, बेहतर नीतियों और योजनाओं के ज़रिये रोज़गार उपलब्ध कराना और लोगों को आत्मनिर्भर बनाना ही असली विकास है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार रोज़गार के अवसर देने के साथ-साथ उन्हें हासिल करने के लिए ज़रूरी सहयोग भी प्रदान कर रही है।

स्वतंत्रता दिवस पर राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब 78वें स्वतंत्रता दिवस पर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी उपलब्धियाँ गिनाने में जुटे हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के बीच निषाद जैसे नेताओं का उजड़ी और पिछड़ी जातियों पर ध्यान केंद्रित करना राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। निषाद पार्टी परंपरागत रूप से मछुआरों और नाविक समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है, जो उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

आगे की राह

संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार उन समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी जो ऐतिहासिक रूप से हाशिये पर रहे हैं। उनके बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में इन जातियों के लिए विशेष नीतिगत कदमों की घोषणा हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मल्लाह और नाविक समुदायों को एनडीए के पाले में मज़बूती से बनाए रखने की रणनीति इसमें साफ़ दिखती है। हालाँकि 'उजड़ी जातियों' के संवैधानिक अधिकारों का दावा आकर्षक है, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस नीतिगत घोषणा या आँकड़े पेश नहीं किए हैं जो इस दावे को सत्यापित कर सकें। सपा पर हमला करना आसान है, पर असली कसौटी यह है कि एनडीए शासन में इन समुदायों की आर्थिक स्थिति, शिक्षा और रोज़गार में कितना मापनीय सुधार हुआ — जिसका जवाब इस बयान में नहीं मिलता।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 15 अगस्त 2026 को कहा कि एनडीए सरकार उन उजड़ी और विस्थापित जातियों को संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है, जिन्होंने देश की आज़ादी में योगदान दिया लेकिन पिछली सरकारों ने उनकी अनदेखी की।
संजय निषाद ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
निषाद ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने शहीदों को याद नहीं किया, उजड़ी जातियों के उत्थान के लिए कुछ नहीं किया और महिलाओं की घोर उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसे में सपा से किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।
एनडीए सरकार उजड़ी जातियों के लिए क्या कर रही है?
संजय निषाद के अनुसार, एनडीए सरकार अंग्रेज़ों और मुग़लों के दौर में विस्थापित हुए समुदायों को फिर से स्थापित करने, उनके संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने और रोज़गार के अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है।
संजय निषाद ने सीधी नकद सहायता पर क्या कहा?
निषाद ने कहा कि लोकतंत्र में केवल पैसा बाँटना स्थायी समाधान नहीं है। उनके अनुसार, बेहतर नीतियों और योजनाओं के ज़रिये रोज़गार उपलब्ध कराना और लोगों को आत्मनिर्भर बनाना ही असली विकास का रास्ता है।
निषाद पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों महत्त्वपूर्ण है?
निषाद पार्टी परंपरागत रूप से मछुआरों, मल्लाहों और नाविक समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है, जो उत्तर प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर निर्णायक मतदाता हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह समुदाय एनडीए की रणनीति के केंद्र में है।
राष्ट्र प्रेस
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