बिहार कैबिनेट विस्तार: दिलीप जायसवाल को राजस्व विभाग, NDA नेताओं ने जनकल्याण को बताया प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई कैबिनेट के गठन और विभागों के बंटवारे के बाद 8 मई 2026 को पटना में एनडीए (NDA) नेताओं ने सरकार की प्राथमिकताओं को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया। मंत्रियों का कहना है कि नई सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता तक सरकारी सुविधाएँ पहुँचाना और बिहार के विकास को नई गति देना है।
दिलीप जायसवाल को मिली नई जिम्मेदारी
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि एनडीए एक मज़बूत और एकजुट गठबंधन है और इसमें शामिल सभी लोग जनता के कल्याण के लिए काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे उसी दिन कार्यभार ग्रहण करने जा रहे थे। जायसवाल ने कहा कि विभाग संभालने के बाद सरकार की कोशिश होगी कि बिहार के हर नागरिक को सरकारी सुविधाएँ उनके घर तक मिलें और लोगों को न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
संजय झा ने कैबिनेट को बताया संतुलित
राज्यसभा सांसद और जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने नई कैबिनेट को संतुलित बताया। उन्होंने कहा कि इसमें महिलाओं, युवाओं और अनुभवी नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। झा ने यह भी बताया कि मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के उसी शाम कैबिनेट का गठन कर दिया गया। उनके अनुसार, अब पूरी सरकार 2025 में मिले जनादेश के आधार पर बिहार के विकास के लिए पूरी क्षमता के साथ काम शुरू करेगी।
जदयू प्रवक्ता का विभाग बंटवारे पर बयान
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कैबिनेट गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए के घटक दलों के बीच विभागों का बंटवारा शीर्ष नेतृत्व के निर्णय के आधार पर किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में नई सरकार के सामने विकास और प्रशासनिक दक्षता की दोहरी चुनौती है।
निशांत कुमार की मंत्री पद पर एंट्री
निशांत कुमार के मंत्री पद की शपथ लेने पर नीरज कुमार ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के अनुरोध पर वे सक्रिय राजनीति में आए। इसके बाद पार्टी ने उन्हें मंत्रिपरिषद में शामिल होने का निर्देश दिया और उसी आधार पर वे अब मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। गौरतलब है कि नई कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल करना सरकार के नवीनीकरण की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की राह
नई बिहार कैबिनेट के सामने अब यह साबित करने की जिम्मेदारी है कि विभागों का यह बंटवारा सिर्फ राजनीतिक संतुलन नहीं, बल्कि प्रशासनिक कुशलता की दिशा में भी एक सार्थक कदम है। आने वाले हफ्तों में विभिन्न मंत्रालयों की कार्ययोजनाएँ स्पष्ट होने की उम्मीद है।