नीट री-एग्जाम: जयपुर में AI से नकल करने वाली छात्रा जेल भेजी, लखीसराय में 30 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर में नीट री-एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन के ज़रिए AI टूल्स से उत्तर खोजने के आरोप में पकड़ी गई छात्रा हिमांशी तिवारी को सोमवार, 22 जून को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अदालत से कस्टडी रिमांड नहीं माँगी। वहीं बिहार के लखीसराय में पुलिस ने नीट परीक्षा के दौरान कदाचार में लिप्त 30 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे पकड़ी गई छात्रा
यह घटना रविवार, 21 जून को जयपुर के बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र पर उस समय सामने आई जब नीट री-एग्जाम चल रहा था। एक शिक्षक को छात्रा की गतिविधि संदिग्ध लगी, जिसके बाद तलाशी ली गई और उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। जाँच में पता चला कि छात्रा ने मोबाइल को अपनी शर्ट के बटन और अंडरगारमेंट्स में छिपा रखा था।
उल्लेखनीय है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर दो बार बजा था। सुरक्षा कर्मचारियों के पूछने पर छात्रा ने इसे अंडरगारमेंट्स के मेटल हुक्स की वजह बताया, जिसके बाद उसे अंदर जाने दिया गया — यह सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक मानी जा रही है।
AI टूल्स और प्रश्न पत्र की तस्वीरें: जाँच के निष्कर्ष
पुलिस पूछताछ में हिमांशी तिवारी ने स्वीकार किया कि वह परीक्षा में AI टूल्स की सहायता से उत्तर खोजने के लिए मोबाइल अंदर ले गई थी। जाँच में यह भी सामने आया कि परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले मोबाइल में नीट प्रश्न पत्र की तस्वीरें ली गई थीं। हालाँकि परीक्षा केंद्र के बाहर लगे सिग्नल जैमर के कारण वह इन तस्वीरें बाहर भेजने में असफल रही।
पुलिस ने मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि फोन का उपयोग केवल AI से उत्तर खोजने के लिए हुआ था या परीक्षा केंद्र के बाहर किसी को प्रश्न पत्र भेजने की भी कोशिश हुई थी।
परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से पूछताछ
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने परीक्षा केंद्र के सुपरिंटेंडेंट और स्टाफ से देर रात तक पूछताछ की। पुलिस यह जाँच कर रही है कि मोबाइल परीक्षा केंद्र के अंदर कैसे पहुँचा और सुरक्षा जाँच में यह क्यों नहीं पकड़ा गया। इस पूरे मामले की रिपोर्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भेज दी गई है।
लखीसराय में 30 गिरफ्तार: फर्जी परीक्षार्थी और बायोमेट्रिक कर्मी भी शामिल
बिहार के लखीसराय में पुलिस ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान कदाचार में लिप्त 30 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। लखीसराय पुलिस ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर बताया कि जिले के 4 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को हुई परीक्षा के दौरान 9 फर्जी परीक्षार्थी, 1 मूल परीक्षार्थी, 2 सहयोगी और 18 बायोमेट्रिक कर्मी पकड़े गए।
बायोमेट्रिक कर्मियों की गिरफ्तारी इस मामले को और गंभीर बनाती है, क्योंकि यह संकेत देती है कि परीक्षा की पहचान-सत्यापन प्रणाली में ही सेंध लगाई गई।
कानूनी प्रावधान और आगे की कार्रवाई
अगर जाँच में नकल की पुष्टि होती है, तो सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। यह मामला उस समय सामने आया है जब नीट परीक्षा पहले से ही पारदर्शिता और कदाचार के आरोपों के कारण सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में है।