हैदराबाद नीट री-टेस्ट: फ्लश टैंक में छिपाए फोन से नकल करते 18 वर्षीय अभ्यर्थी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद पुलिस ने 22 जून को नीट री-टेस्ट के दौरान 18 वर्षीय एक अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र के वॉशरूम में फ्लश टैंक के भीतर छिपाए गए मोबाइल फोन से नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह घटना रागनगुडा स्थित एक सरकारी स्कूल में उस समय हुई जब अभ्यर्थी ने पेट दर्द का बहाना बनाकर वॉशरूम जाने की अनुमति ली।
घटनाक्रम: कैसे रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, अचमपेट निवासी इस अभ्यर्थी ने परीक्षा से पहले ही पूरी योजना तैयार कर ली थी। वह सुबह करीब 7 बजे स्कूल परिसर में पहुँचा और बाथरूम के वेंटिलेटर — जो स्कूल की बाहरी दीवार से सटा हुआ था — में मोबाइल फोन छिपा दिया। सुबह 11 बजे उसने फोन को जिप-लॉक कवर में रखकर फ्लश टैंक के अंदर स्थानांतरित कर दिया।
गौरतलब है कि सुरक्षा दलों ने सुबह 6 बजे और पुनः सुबह 11 बजे पूरे परिसर की तलाशी ली थी तथा प्रवेश द्वार पर सभी अभ्यर्थियों की सख्त जाँच भी की थी — फिर भी फ्लश टैंक के भीतर छिपाया गया फोन प्रारंभिक जाँच में नहीं मिल सका।
कैसे हुआ भंडाफोड़
परीक्षा के दौरान आरोपी ने पेट दर्द की शिकायत की और वॉशरूम जाने की अनुमति माँगी। जब इनविजिलेटर को लगा कि वह असामान्य रूप से अधिक समय से वॉशरूम में है, तो उसने कुछ स्टाफ सदस्यों को स्थिति जाँचने के लिए भेजा। पुलिस ने बताया कि आरोपी वॉशरूम के भीतर मोबाइल फोन पर गूगल क्रोम के ज़रिए उत्तर खोजते हुए पकड़ा गया।
जब्ती और पूछताछ
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त कर लिया। डिवाइस की जाँच में पाया गया कि आरोपी गूगल क्रोम पर उत्तर खोज रहा था; इंस्टाग्राम के अतिरिक्त कोई अन्य संबंधित ऐप सक्रिय नहीं था। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है।
कानूनी कार्रवाई
स्कूल प्रशासन की औपचारिक शिकायत के आधार पर आदिबतला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। यह मामला जेडपीएचएस, रागनगुडा परीक्षा केंद्र पर हुआ, जो आदिबतला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है। नीट री-टेस्ट की प्रक्रिया में इस तरह की सुनियोजित नकल की कोशिश परीक्षा केंद्रों पर निगरानी तंत्र की खामियों को उजागर करती है। आगे जाँच जारी है और यह देखा जाएगा कि आरोपी ने यह योजना अकेले बनाई थी या इसमें कोई और भी शामिल था।