23 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान NHM टेंडर घोटाला: ACB ने IAS नीरज के. पवन समेत 5 के खिलाफ 5,000 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान NHM टेंडर घोटाला: ACB ने IAS नीरज के. पवन समेत 5 के खिलाफ 5,000 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की

सारांश

राजस्थान में 2016 के NHM टेंडर घोटाले की जाँच एक नए मोड़ पर है — ACB ने IAS अधिकारी नीरज के. पवन समेत पाँच आरोपियों के खिलाफ 5,000 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की है। आरोग्य रथ योजना में फर्जी दस्तावेजों और 17% कमीशन के ज़रिए ₹1 करोड़ से अधिक की कथित हेराफेरी का यह मामला अब अदालत में निर्णायक दौर में पहुँच गया है।

मुख्य बातें

ACB ने 2016 के कथित NHM टेंडर घोटाले में ACB कोर्ट-1, जयपुर में लगभग 5,000 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट में IAS अधिकारी नीरज के.
पवन , लेखाकार जोजी वर्गीज , सहायक लेखा अधिकारी दीपा गुप्ता और बिचौलिए अजीत सोनी व सुनील राठौड़ — कुल पाँच आरोपी नामज़द।
फरार आरोपी सुनील राठौड़ ने चार्जशीट दाखिल होते ही अदालत में आत्मसमर्पण किया।
आरोप — आरोग्य रथ योजना में कागजी रथों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से भुगतान; ठेकेदारों से 17% कमीशन वसूली (टेंडर के लिए 5% + बिल पास के लिए 12% )।
कथित घोटाले की राशि ₹1 करोड़ से अधिक ; आरोपी सुरेंद्र सिंह की जाँच अभी जारी।
वर्ष 2021 में अदालत ने नीरज के.
पवन पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी; ACB ने मई 2016 में 18 स्थानों पर छापेमारी की थी।

जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 2016 के कथित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) टेंडर घोटाले में ACB कोर्ट-1 के समक्ष लगभग 5,000 पन्नों की एक विस्तृत पूरक चार्जशीट प्रस्तुत की है। इस चार्जशीट में तत्कालीन NHM निदेशक और IAS अधिकारी नीरज के. पवन सहित कुल पाँच आरोपियों को नामज़द किया गया है। यह मामला ₹1 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें आरोग्य रथ योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भुगतान लेने का आरोप है।

मुख्य आरोपी और आत्मसमर्पण

चार्जशीट दाखिल होते ही लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सुनील राठौड़ ने अदालत में स्वयं आत्मसमर्पण कर दिया। ACB के विशेष लोक अभियोजक बी.एस. चौहान के अनुसार, एक अन्य आरोपी सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध जाँच अभी भी जारी है। चार्जशीट में नामज़द पाँच आरोपी हैं — नीरज के. पवन (तत्कालीन NHM निदेशक), जोजी वर्गीज (लेखाकार), दीपा गुप्ता (सहायक लेखा अधिकारी), और कथित बिचौलिए अजीत सोनी तथा सुनील राठौड़

आरोग्य रथ घोटाले की पृष्ठभूमि

जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु शुरू की गई आरोग्य रथ योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2016 में जिन आरोग्य रथों के संचालन का दावा किया गया था, वे अधिकांशतः केवल कागजों पर ही अस्तित्व में थे। जाँच एजेंसियों का कहना है कि भुगतान प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। गौरतलब है कि ACB ने मई 2016 में वरिष्ठ अधिकारियों के घरों और कार्यालयों सहित 18 स्थानों पर छापेमारी की थी।

कमीशन और रिश्वत का आरोप

जाँच के अनुसार, आरोग्य रथ परियोजना का मुख्य ठेका सुरेंद्र सिंह की कंपनी सुरेंद्र इलेक्ट्रोटेक को दिया गया था। आरोपों के मुताबिक, ठेकेदार कंपनियों से 17 प्रतिशत कमीशन वसूला जाता था — जिसमें टेंडर दिलाने के लिए 5 प्रतिशत रिश्वत और बिल पास करवाने के लिए 12 प्रतिशत राशि शामिल थी। कथित घोटाले की कुल राशि ₹1 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।

न्यायिक प्रक्रिया की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब वर्ष 2021 में अदालत ने नीरज के. पवन के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति पहले ही दे दी थी। ACB की यह पूरक चार्जशीट अब अदालत के समक्ष विचाराधीन है, जबकि सुरेंद्र सिंह की भूमिका की जाँच अभी भी जारी है। आगे की सुनवाई में अदालत तय करेगी कि इन आरोपों पर मुकदमा किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो असली नुकसान उन ग्रामीण नागरिकों का होता है जिनके लिए वह बनाई गई थी। एक IAS अधिकारी का इस मामले में नामज़द होना प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 5,000 पन्नों की चार्जशीट जाँच की गहराई दर्शाती है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि अदालत में दोषसिद्धि कितनी तेज़ी से और कितनी दृढ़ता से हो — क्योंकि घोटाले के आठ साल बाद भी एक प्रमुख आरोपी की जाँच अधूरी है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान NHM टेंडर घोटाला क्या है?
यह 2016 का कथित घोटाला है जिसमें आरोग्य रथ योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग की प्रचार गतिविधियों के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भुगतान लेने का आरोप है। जाँच एजेंसियों के अनुसार अधिकांश आरोग्य रथ केवल कागजों पर थे और ₹1 करोड़ से अधिक की हेराफेरी की गई।
ACB की पूरक चार्जशीट में किन्हें आरोपी बनाया गया है?
चार्जशीट में पाँच लोगों को आरोपी बनाया गया है — तत्कालीन NHM निदेशक व IAS अधिकारी नीरज के. पवन, लेखाकार जोजी वर्गीज, सहायक लेखा अधिकारी दीपा गुप्ता, और कथित बिचौलिए अजीत सोनी तथा सुनील राठौड़। एक अन्य आरोपी सुरेंद्र सिंह की जाँच अभी जारी है।
सुनील राठौड़ ने आत्मसमर्पण क्यों किया?
लंबे समय से फरार चल रहे सुनील राठौड़ ने ACB कोर्ट-1 में पूरक चार्जशीट दाखिल होते ही स्वयं अदालत में आत्मसमर्पण किया। ACB के विशेष लोक अभियोजक बी.एस. चौहान ने इसकी पुष्टि की है।
आरोग्य रथ योजना में कमीशन की क्या व्यवस्था बताई गई है?
जाँच एजेंसियों के अनुसार, ठेकेदार कंपनियों से कुल 17 प्रतिशत कमीशन वसूला जाता था — जिसमें टेंडर दिलाने के लिए 5 प्रतिशत रिश्वत और बिल पास करवाने के लिए 12 प्रतिशत राशि शामिल थी। मुख्य ठेका सुरेंद्र सिंह की कंपनी सुरेंद्र इलेक्ट्रोटेक को दिए जाने का आरोप है।
IAS अधिकारी नीरज के. पवन के खिलाफ मुकदमे की स्थिति क्या है?
नीरज के. पवन घटना के समय NHM के निदेशक थे। वर्ष 2021 में अदालत ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। अब ACB की पूरक चार्जशीट के साथ यह मामला अदालत में अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले