7 नवंबर 2026
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चुनाव आयोग के SIR फैसले का निरुपम ने स्वागत किया, विपक्ष पर झूठे प्रचार का आरोप

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चुनाव आयोग के SIR फैसले का निरुपम ने स्वागत किया, विपक्ष पर झूठे प्रचार का आरोप

सारांश

चुनाव आयोग ने SIR के तहत सात राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को दोबारा आवेदन का मौका दिया। शिवसेना के संजय निरुपम ने इसे सकारात्मक पहल बताया और विपक्ष पर वैधानिक प्रक्रिया को बदनाम करने का आरोप लगाया। साथ ही सोनिया गांधी के X पोस्ट पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 7 नवंबर 2026 को चुनाव आयोग के SIR संबंधी फैसले का स्वागत किया।
दिल्ली समेत सात राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए गए लोगों को दोबारा आवेदन का अवसर दिया गया है।
निरुपम ने कहा कि SIR संविधान के तहत वैधानिक प्रक्रिया है और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में है।
विपक्ष पर SIR को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार और आंदोलन करने का आरोप।
सोनिया गांधी के X पोस्ट पर निरुपम ने त्योहारी माहौल में नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाया।
NCP के दोनों गुटों के विलय को लेकर शिवसेना ने किसी भी टिप्पणी से इनकार किया।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 7 नवंबर 2026 को चुनाव आयोग के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें दिल्ली समेत सात राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए गए लोगों को दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया गया है। निरुपम ने साथ ही विपक्ष पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए अनावश्यक विरोध और झूठा प्रचार फैलाने का आरोप लगाया।

चुनाव आयोग का फैसला और निरुपम का स्वागत

निरुपम ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन लोगों को एक और मौका दिया है, जो योग्य और वैध मतदाता हैं, लेकिन किसी कारणवश उनके नाम मतदाता सूची से हट गए। आयोग ने एक नई तारीख घोषित की है, जिसके तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए लोग पुनः आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने इस पहल को 'सकारात्मक कदम' बताते हुए कहा कि इसका सम्मान किया जाना चाहिए।

SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोप

निरुपम के अनुसार विपक्ष ने पूरे देश में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, धरने और आंदोलन किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई गैरकानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह संविधान के प्रावधानों के तहत संचालित वैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी भी है, इसलिए इसे गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।

आशंकाओं पर आयोग की प्रतिक्रिया

निरुपम ने स्वीकार किया कि कुछ वर्गों की ओर से यह चिंता जताई गई थी कि SIR के कारण कुछ राज्यों में वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हट सकते हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलेगा। इन्हीं आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने अतिरिक्त मोहलत देने का निर्णय लिया। उनके अनुसार विपक्ष को झूठा प्रचार करने के बजाय मतदाताओं के हित में किए गए इस प्रयास को समझना चाहिए।

NCP विलय पर शिवसेना की चुप्पी

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर निरुपम ने कहा कि यह विषय पूरी तरह उन दलों का आंतरिक मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती, क्योंकि दोनों गुटों को किस दिशा में आगे बढ़ना है, यह उनका अपना फैसला है।

सोनिया गांधी के X पोस्ट पर पलटवार

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के हालिया X पोस्ट पर निरुपम ने उन पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिवाली और छठ महापर्व जैसे शुभ अवसर पर नकारात्मक विचार रखना 'अनुचित और निंदनीय' है। निरुपम के अनुसार पिछले 12 वर्षों में देश में लोकतंत्र की ताकत बढ़ी है और यह इसी से स्पष्ट है कि विरोधी दल रामलीला मैदान में हजारों-लाखों लोगों को जुटाकर रैलियाँ करने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर सरकार पर मतदाता सूची से अल्पसंख्यक और विपक्षी मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो SIR को लेकर विपक्षी आलोचना को 'राजनीति प्रेरित' साबित करना चाहती है — जबकि सर्वोच्च न्यायालय में इस प्रक्रिया को लेकर याचिकाएँ लंबित हैं। चुनाव आयोग का पुनः आवेदन का अवसर देना दरअसल स्वीकृति है कि शुरुआती प्रक्रिया में कमियाँ थीं, जिसे निरुपम 'सकारात्मक पहल' कहकर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। सोनिया गांधी के X पोस्ट पर हमला मुख्य मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश लगती है। असली सवाल यह है कि जो वैध मतदाता पहले ही सूची से बाहर हो चुके हैं, क्या नई तारीख तक सभी उन्हें पुनः शामिल कराने में सक्षम होंगे — और इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग का SIR फैसला क्या है?
चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत सात राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए गए लोगों को दोबारा आवेदन करने का अवसर देते हुए एक नई तारीख घोषित की है। यह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत उठाया गया कदम है।
संजय निरुपम ने SIR को लेकर विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने विपक्ष पर SIR प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार और अनावश्यक आंदोलन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि SIR संविधान के तहत वैधानिक प्रक्रिया है और इस पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी भी है।
सोनिया गांधी के X पोस्ट पर निरुपम की प्रतिक्रिया क्या थी?
निरुपम ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर दिवाली और छठ महापर्व जैसे शुभ अवसर पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस रवैये को 'अनुचित और निंदनीय' बताया और कहा कि उनकी पार्टी इसकी निंदा करती है।
NCP के दोनों गुटों के विलय पर शिवसेना का क्या रुख है?
निरुपम ने स्पष्ट किया कि NCP के दोनों गुटों का विलय होगा या नहीं, यह पूरी तरह उनका आंतरिक विषय है। शिवसेना इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।
SIR के तहत नाम हटाए गए मतदाता अब क्या कर सकते हैं?
चुनाव आयोग ने एक नई तारीख घोषित की है जिसके तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए गए लोग पुनः आवेदन कर सकते हैं। यदि संबंधित व्यक्ति योग्य और वैध मतदाता है, तो वह दोबारा प्रयास करके अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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