चुनाव आयोग के SIR फैसले का निरुपम ने स्वागत किया, विपक्ष पर झूठे प्रचार का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 7 नवंबर 2026 को चुनाव आयोग के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें दिल्ली समेत सात राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए गए लोगों को दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया गया है। निरुपम ने साथ ही विपक्ष पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए अनावश्यक विरोध और झूठा प्रचार फैलाने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग का फैसला और निरुपम का स्वागत
निरुपम ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन लोगों को एक और मौका दिया है, जो योग्य और वैध मतदाता हैं, लेकिन किसी कारणवश उनके नाम मतदाता सूची से हट गए। आयोग ने एक नई तारीख घोषित की है, जिसके तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए लोग पुनः आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने इस पहल को 'सकारात्मक कदम' बताते हुए कहा कि इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोप
निरुपम के अनुसार विपक्ष ने पूरे देश में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, धरने और आंदोलन किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई गैरकानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह संविधान के प्रावधानों के तहत संचालित वैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी भी है, इसलिए इसे गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।
आशंकाओं पर आयोग की प्रतिक्रिया
निरुपम ने स्वीकार किया कि कुछ वर्गों की ओर से यह चिंता जताई गई थी कि SIR के कारण कुछ राज्यों में वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हट सकते हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलेगा। इन्हीं आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने अतिरिक्त मोहलत देने का निर्णय लिया। उनके अनुसार विपक्ष को झूठा प्रचार करने के बजाय मतदाताओं के हित में किए गए इस प्रयास को समझना चाहिए।
NCP विलय पर शिवसेना की चुप्पी
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर निरुपम ने कहा कि यह विषय पूरी तरह उन दलों का आंतरिक मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती, क्योंकि दोनों गुटों को किस दिशा में आगे बढ़ना है, यह उनका अपना फैसला है।
सोनिया गांधी के X पोस्ट पर पलटवार
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के हालिया X पोस्ट पर निरुपम ने उन पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिवाली और छठ महापर्व जैसे शुभ अवसर पर नकारात्मक विचार रखना 'अनुचित और निंदनीय' है। निरुपम के अनुसार पिछले 12 वर्षों में देश में लोकतंत्र की ताकत बढ़ी है और यह इसी से स्पष्ट है कि विरोधी दल रामलीला मैदान में हजारों-लाखों लोगों को जुटाकर रैलियाँ करने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष SIR प्रक्रिया को लेकर सरकार पर मतदाता सूची से अल्पसंख्यक और विपक्षी मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगा रहा है।