नीता अंबानी को मिला 'केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025', महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि
सारांश
Key Takeaways
- नीता अंबानी को 'केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025' से सम्मानित किया गया।
- यह पुरस्कार सामाजिक कार्यों के लिए दिया गया है।
- समारोह में 40,000 छात्रों ने भाग लिया।
- नीता अंबानी ने छात्रों को प्रेरणा दी कि लड़के और लड़कियों में कोई भेद नहीं है।
- केआईएसएस संस्थान की स्थापना 2008 में हुई थी।
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी को मंगलवार को 'केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025' से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भुवनेश्वर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार कलिंगा सामाजिक विज्ञान संस्थान (केआईएसएस) के परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां उन्हें रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से किए गए सामाजिक कार्यों के लिए सराहा गया।
उन्हें यह सम्मान नोबेल पुरस्कार विजेता मोहन मुनासिंघे और केआईएसएस, केआईआईटी व केआईएमएस के संस्थापक अच्युता सामंता द्वारा प्रदान किया गया।
इस समारोह में लगभग 40,000 जनजातीय छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया।
अपने संबोधन में नीता अंबानी ने कहा कि उन्हें यह सम्मान पाकर गर्व महसूस हो रहा है और उन्होंने इसे रिलायंस फाउंडेशन की पूरी टीम को समर्पित किया।
उन्होंने अच्युत सामंत की प्रशंसा करते हुए कहा कि केआईआईटी और केआईएसएस जैसे विश्वस्तरीय संस्थान देश के लिए गर्व का विषय हैं।
नीता अंबानी ने छात्रों द्वारा मिले स्नेह और स्वागत के लिए आभार जताया और कहा कि वह इस अनुभव को हमेशा याद रखेंगी।
उन्होंने ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की भी सराहना की और कहा कि यहां के लोगों का प्रकृति से गहरा जुड़ाव है।
छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियों में कोई अंतर नहीं है और दोनों में समान क्षमता होती है। उन्होंने छात्रों से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और ईमानदारी के रास्ते पर चलने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केआईएसएस के छात्रों को देखकर उन्हें विश्वास होता है कि भारत का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।
नीता अंबानी ने इस दौरे को अपने लिए खास और यादगार अनुभव बताया।
वर्ष 2008 में स्थापित केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड, संस्थान द्वारा दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है, जो दुनिया भर में उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को प्रदान किया जाता है।
इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र और सोने की परत चढ़ी ट्रॉफी दी जाती है, जो दया, उम्मीद और दूसरों की मदद करने की भावना का प्रतीक है।