12 सितंबर 2026
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निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जीएसटी की बड़ी छापेमारी, ₹5 करोड़ का माल जब्त

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निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जीएसटी की बड़ी छापेमारी, ₹5 करोड़ का माल जब्त

सारांश

दिल्ली जीएसटी विभाग ने निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर ₹5 करोड़ का माल जब्त किया — 25 टन तांबे का स्क्रैप आंध्र प्रदेश के रेणिगुंटा से बिना किसी वैध दस्तावेज के दिल्ली पहुँचाया जा रहा था। यह कार्रवाई रेलवे नेटवर्क पर जीएसटी निगरानी के विस्तार की नई रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

दिल्ली जीएसटी विभाग ने 12 सितंबर 2026 को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर संयुक्त अभियान चलाया।
कुल 50 टन माल जब्त, जिसमें 25 टन तांबे का स्क्रैप (अनुमानित ₹3 करोड़ ) और 25 टन मिश्रित स्क्रैप व अन्य सामान (अनुमानित ₹2 करोड़ ) शामिल।
खेप आंध्र प्रदेश के रेणिगुंटा से आई थी; इनवॉइस और ई-वे बिल अनुपस्थित थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की घोषणा की।
विभाग माल के स्वामित्व और वैधानिक अनुपालन उल्लंघन की विस्तृत जाँच कर रहा है।

दिल्ली सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने 12 सितंबर 2026 को रेलवे अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर करीब ₹5 करोड़ मूल्य का माल जब्त किया। जब्त सामग्री में लगभग 25 टन तांबे का स्क्रैप समेत कुल 50 टन से अधिक माल शामिल है, जिसे अनिवार्य दस्तावेजों — इनवॉइस और ई-वे बिल — के बिना परिवहन किया जा रहा था।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि

जीएसटी विभाग को पूर्व सूचना मिली थी कि रेलवे मार्ग से बड़ी मात्रा में माल बिना वैध दस्तावेजों के भेजा जा रहा है। इस सूचना के आधार पर विभाग ने रेलवे अधिकारियों के सहयोग से विशेष अभियान तैयार किया और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर समन्वित छापेमारी को अंजाम दिया। यह खेप आंध्र प्रदेश के रेणिगुंटा से चलकर दिल्ली पहुँची थी।

जब्त माल का विवरण

अधिकारियों के अनुसार, बरामद माल में करीब 25 टन तांबे का स्क्रैप शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹3 करोड़ आँकी गई है। इसके अतिरिक्त करीब 25 टन मिश्रित स्क्रैप, कपड़े और अन्य सामान भी बरामद हुआ, जिसका अनुमानित मूल्य ₹2 करोड़ बताया गया है। इस प्रकार जब्त माल का कुल मूल्य ₹5 करोड़ के करीब है।

गौरतलब है कि जब्त की गई किसी भी खेप के साथ अनिवार्य इनवॉइस अथवा ई-वे बिल उपलब्ध नहीं था, जो जीएसटी कानून के तहत माल परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज हैं। विभाग अब माल और संबंधित कागजात का विस्तृत सत्यापन कर रहा है।

रेलवे नेटवर्क पर निगरानी का संदेश

जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल सड़क मार्ग तक सीमित निगरानी को रेलवे नेटवर्क तक विस्तारित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। रेलवे मार्गों पर बिना हिसाब-किताब वाले माल, दस्तावेजी अनियमितताओं और संभावित कर चोरी की पहचान के लिए रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकारें जीएसटी राजस्व संग्रह में सुधार के लिए नए प्रवर्तन उपाय अपना रही हैं।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर कर चोरी और राजस्व नुकसान को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रभावी व्यवस्था विकसित करना भी है जिससे कारोबार पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हों और देय कर का पूरा भुगतान सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे समेत सभी परिवहन माध्यमों पर निगरानी बढ़ाकर जीएसटी अनुपालन को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और सरकारी राजस्व की सुरक्षा दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं तथा कर चोरी में लिप्त लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

आगे की जाँच

विभाग अब जब्त माल के स्वामित्व, उत्पत्ति और परिवहन की पूरी श्रृंखला की जाँच कर रहा है। जीएसटी कानून के तहत वैधानिक अनुपालन उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव तभी होगा जब रेलवे-जीएसटी समन्वय को संस्थागत रूप दिया जाए, न कि इसे छिटपुट अभियानों तक सीमित रखा जाए।
RashtraPress
12 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली जीएसटी विभाग ने निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर क्या जब्त किया?
दिल्ली जीएसटी विभाग ने 12 सितंबर 2026 को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर करीब ₹5 करोड़ मूल्य का माल जब्त किया, जिसमें 25 टन तांबे का स्क्रैप और 25 टन मिश्रित स्क्रैप व अन्य सामान शामिल है। यह सारा माल बिना अनिवार्य इनवॉइस और ई-वे बिल के परिवहन किया जा रहा था।
जब्त माल कहाँ से आ रहा था?
जब्त खेप आंध्र प्रदेश के रेणिगुंटा से रेलवे मार्ग द्वारा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुँची थी। जाँच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि माल के साथ कोई वैध दस्तावेज नहीं थे।
जीएसटी कानून के तहत ई-वे बिल क्यों जरूरी है?
जीएसटी कानून के अंतर्गत एक निश्चित मूल्य से अधिक के माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल और इनवॉइस अनिवार्य दस्तावेज हैं। इनके अभाव में माल को कर चोरी का साक्ष्य माना जाता है और विभाग उसे जब्त कर सकता है।
दिल्ली सरकार आगे क्या कार्रवाई करेगी?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि रेलवे समेत सभी परिवहन माध्यमों पर जीएसटी निगरानी और बढ़ाई जाएगी। विभाग जब्त माल के स्वामित्व और वैधानिक उल्लंघन की विस्तृत जाँच कर रहा है, जिसके बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
क्या रेलवे मार्ग से जीएसटी चोरी पहले भी हुई है?
जीएसटी प्रवर्तन अब तक मुख्यतः सड़क मार्ग पर केंद्रित रहा है और रेलवे नेटवर्क पर निगरानी अपेक्षाकृत कम थी। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई रेलवे मार्गों पर निगरानी मजबूत करने की नई रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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