8 अगस्त 2026
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अर्जुन अयंकी पर 'शूट-एट-साइट' का कोई आदेश नहीं, केरल गृह मंत्री चेन्निथला ने किया स्पष्ट

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अर्जुन अयंकी पर 'शूट-एट-साइट' का कोई आदेश नहीं, केरल गृह मंत्री चेन्निथला ने किया स्पष्ट

सारांश

केरल में फरार बदमाश अर्जुन अयंकी की तलाश तेज है — 23 मामले, राज्य से बाहर भागने की आशंका, और सोशल मीडिया पर पुलिस को खुली चुनौती। गृह मंत्री चेन्निथला ने 'शूट-एट-साइट' की अटकलें खारिज करते हुए कहा — कार्रवाई कानून के दायरे में होगी।

मुख्य बातें

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 8 अगस्त को स्पष्ट किया कि अर्जुन अयंकी के खिलाफ 'शूट-एट-साइट' का कोई आदेश नहीं है।
पुलिस की सभी कार्रवाइयाँ न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं और तय कानूनी प्रोटोकॉल के अनुसार होंगी।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि अयंकी कोच्चि के पलियक्कारा टोल प्लाजा पर देखे जाने के बाद केरल से बाहर जा चुका है।
तिरुवनंतपुरम में उसके 5 सहयोगियों को हिरासत में लिया गया; भाई सहित एक अन्य साथी एर्नाकुलम पुलिस की हिरासत में है।
अयंकी पर केरल में 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं; उच्च न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज की, अब केवल सर्वोच्च न्यायालय का विकल्प शेष।
पुलिस उसके डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच कर रही है।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 8 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में स्पष्ट किया कि फरार अपराधी अर्जुन अयंकी के विरुद्ध 'शूट-एट-साइट' यानी देखते ही गोली मारने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के दौरान पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी।

गृह मंत्री का स्पष्टीकरण

इस अटकल पर कि क्या पुलिस को गिरफ्तारी का विरोध करने पर अयंकी को गोली मारने की अनुमति है, चेन्निथला ने दो टूक कहा — 'पुलिस की कार्रवाई न्यायिक जांच के दायरे में आती है, इसलिए जो कुछ भी किया जाएगा, वह कानून के शासन के अनुसार ही होगा। पुलिस का एक प्रोटोकॉल है और वे उसी के अनुसार काम करेंगे।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पुलिस की हर कार्रवाई न्यायिक समीक्षा के अधीन है।

राज्यव्यापी तलाश और अयंकी की संभावित स्थिति

पुलिस अयंकी की पूरे केरल में गहन तलाश कर रही है। कई जिलों और अंतर-राज्यीय सीमाओं पर जांच के बावजूद वह अब तक पकड़ में नहीं आया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि कोच्चि के पलियक्कारा टोल प्लाजा पर देखे जाने के बाद वह संभवतः केरल से बाहर निकल चुका है।

सहयोगियों की हिरासत और डिजिटल जांच

शनिवार को तिरुवनंतपुरम में अयंकी के पाँच सहयोगियों को हिरासत में लिया गया। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसके भूमिगत रहने के दौरान उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार आ रहे अपडेट इन्हीं के माध्यम से हो रहे थे या नहीं। उसके भाई और एक अन्य साथी पहले से एर्नाकुलम पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या कोई संगठित नेटवर्क उसे फरार रहने में मदद कर रहा है।

सोशल मीडिया पर पुलिस का मजाक

अयंकी पर केरल के विभिन्न थानों में 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। छिपे रहने के बावजूद वह सोशल मीडिया के जरिए पुलिस को उकसाता रहा है। अपनी एक हालिया पोस्ट में उसने दावा किया कि व्यवस्था ने उसे ऐसा बनाया है और कहा कि घुटने के नीचे गोली लगने पर भी वह समर्पण नहीं करेगा। इस पोस्ट पर कई हैंडल्स से समर्थन में टिप्पणियाँ आई हैं।

कानूनी स्थिति और आगे की राह

अयंकी एक पुलिस अधिकारी को धमकी देने के मामले में वांछित है। उच्च न्यायालय द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद उसने पुलिस को चुनौती दी थी कि वह जमानत मिलने के बाद ही सरेंडर करेगा। अब उसके पास सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का ही कानूनी विकल्प शेष है। पुलिस ने सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी है और उसके डिजिटल फुटप्रिंट, गतिविधियों तथा साथियों की व्यापक जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु यह उस बड़े सवाल को नहीं छुपाता कि केरल पुलिस एक ऐसे व्यक्ति को, जो सोशल मीडिया पर खुलेआम उकसावा दे रहा है, दिनों से पकड़ने में असमर्थ क्यों है। अयंकी का डिजिटल सक्रियता बनाए रखना यह दर्शाता है कि या तो उसे किसी संगठित नेटवर्क का सहारा मिल रहा है या पुलिस की निगरानी में गंभीर कमियाँ हैं। 23 मामलों के बावजूद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत अस्वीकृति के बाद भी उसका फरार रहना न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस समन्वय दोनों पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्जुन अयंकी कौन है और वह क्यों फरार है?
अर्जुन अयंकी केरल का एक कुख्यात अपराधी है, जिस पर राज्य के विभिन्न थानों में 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उच्च न्यायालय द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद उसने पुलिस को चुनौती दी और जमानत मिलने तक सरेंडर करने से इनकार कर दिया।
केरल में 'शूट-एट-साइट' आदेश को लेकर क्या विवाद था?
अटकलें थीं कि पुलिस को अयंकी के गिरफ्तारी का विरोध करने पर गोली मारने की अनुमति दी गई है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 8 अगस्त को स्पष्ट किया कि ऐसा कोई आदेश नहीं है और पुलिस केवल कानूनी प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई करेगी।
अयंकी अभी कहाँ है और पुलिस उसे क्यों नहीं पकड़ पाई?
जांचकर्ताओं का मानना है कि कोच्चि के पलियक्कारा टोल प्लाजा पर देखे जाने के बाद अयंकी संभवतः केरल से बाहर निकल चुका है। कई जिलों और अंतर-राज्यीय सीमाओं पर तलाशी जारी है, लेकिन वह अब तक पकड़ में नहीं आया।
अयंकी के सहयोगियों पर क्या कार्रवाई हुई है?
8 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में उसके पाँच सहयोगियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके भाई और एक अन्य साथी पहले से एर्नाकुलम पुलिस की हिरासत में हैं।
अयंकी के पास अब क्या कानूनी विकल्प बचे हैं?
उच्च न्यायालय द्वारा जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब अयंकी के पास केवल सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प शेष है। जब तक जमानत नहीं मिलती, उसके सरेंडर करने की संभावना नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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