ओडिशा: कॉलेजों के 500 मीटर दायरे में शराब-तंबाकू दुकानों की जांच के आदेश, 15 जुलाई तक रिपोर्ट अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग ने 2 जुलाई 2026 को राज्य के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया कि वे अपने परिसर के 500 मीटर के दायरे में शराब, तंबाकू, मादक दवाएं और अन्य नशीले पदार्थ बेचने वाली दुकानों का भौतिक सत्यापन करें। यह आदेश राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय (NCORD) व्यवस्था के तहत छात्रों के लिए नशामुक्त शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की व्यापक सरकारी पहल का हिस्सा है।
मुख्य निर्देश और समयसीमा
विभाग के एसएनओ-सह-उप सचिव रमेश चंद्र बेहरा द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 500 मीटर के दायरे में मादक दवाएं, साइकोट्रॉपिक पदार्थ, शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थ बेचने वाली कोई भी दुकान या आउटलेट संचालित नहीं होनी चाहिए।
सभी प्राचार्यों को 15 जुलाई 2026 तक भौतिक सत्यापन पूर्ण कर निर्धारित जानकारी HIMS पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। पत्र में कहा गया है, "यह संबंधित कानूनों और सरकारी निर्देशों के अनुसार लागू किया जाएगा।"
NCORD व्यवस्था और कानूनी आधार
यह पहल राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय (NCORD) ढाँचे के अंतर्गत आती है, जो केंद्र और राज्य सरकारों को नशे की रोकथाम के लिए समन्वित कार्रवाई का अधिकार देता है। गौरतलब है कि शैक्षणिक संस्थानों के निकट नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध पहले से कानूनी प्रावधानों में शामिल है, परंतु जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित करने के लिए यह सत्यापन अभियान एक नई कार्यकारी कड़ी के रूप में सामने आया है।
पृष्ठभूमि: युवाओं में नशे की बढ़ती चिंता
छात्रों के बीच नशे और तंबाकू उत्पादों के बढ़ते उपयोग को लेकर ओडिशा सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है। यह नया निर्देश उस व्यापक अभियान की अगली कड़ी है जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों और उनके आसपास के वातावरण को नशामुक्त बनाना है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कॉलेज परिसरों के निकट नशे की उपलब्धता को लेकर शिक्षाविदों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ रही हैं।
आम जनता और संस्थानों पर असर
इस आदेश के तहत राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्राचार्य सीधे जवाबदेह होंगे। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस को नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सूचित किया जा सकता है। विभाग को उम्मीद है कि इस कदम से उच्च शिक्षण संस्थानों के आसपास निगरानी तंत्र मजबूत होगा और छात्रों को सुरक्षित शैक्षणिक परिवेश मिलेगा।
आगे क्या होगा
15 जुलाई 2026 की समयसीमा के बाद विभाग प्राप्त रिपोर्टों की समीक्षा करेगा और उल्लंघन के मामलों में आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। यह अभियान ओडिशा में नशामुक्त शिक्षा परिवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक परीक्षा भी साबित होगा।