20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भुवनेश्वर हिंसक विरोध: 400 ऑटो-रिक्शा के परमिट रद्द करने की कार्रवाई, 113 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भुवनेश्वर हिंसक विरोध: 400 ऑटो-रिक्शा के परमिट रद्द करने की कार्रवाई, 113 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

सारांश

भुवनेश्वर में ऐप-आधारित कैब चालकों के हिंसक विरोध के बाद ओडिशा परिवहन विभाग ने 400 से अधिक ऑटो-रिक्शा के परमिट रद्द करने की कार्रवाई शुरू की। 113 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, 354 वाहन जब्त और 7 आपराधिक मामले दर्ज — गिग-वर्कर आंदोलन अब कानूनी शिकंजे में है।

मुख्य बातें

ओडिशा परिवहन विभाग ने 400 से अधिक ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई शुरू की।
हिंसक प्रदर्शन 20 अगस्त को भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन स्क्वायर में हुआ; सरकारी संपत्तियों को कथित नुकसान।
कमिश्नरेट पुलिस ने 113 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया; 354 ऑटो-रिक्शा जब्त।
खारवेल नगर पुलिस स्टेशन में कुल 7 आपराधिक मामले दर्ज।
60 ऑनलाइन कैब चालकों को अच्छे आचरण के आधार पर जमानत पर रिहा किया गया।
वाहन मालिकों को निर्धारित समय में आरटीओ के समक्ष स्पष्टीकरण देना होगा, अन्यथा परमिट रद्द।

ओडिशा परिवहन विभाग ने भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन स्क्वायर में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के मद्देनज़र 400 से अधिक ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित या रद्द करने की औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार, 20 अगस्त को ऐप-आधारित कैब चालकों और बाइक सवारों द्वारा किए गए इस प्रदर्शन में सड़क अवरोध और कथित तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आईं, जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने अब तक 113 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार को मास्टर कैंटीन चौक क्षेत्र में उपद्रवी प्रदर्शनकारियों ने सड़क अवरुद्ध कर दी, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य यातायात ठप रहा। इस दौरान सीआरयूटी/अमा बस के वाहनों सहित कई सरकारी संपत्तियों को कथित तौर पर नुकसान पहुँचाया गया। पुलिस रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और जब्ती सूचियों की प्रारंभिक जाँच के आधार पर अधिकारियों ने 354 ऑटो-रिक्शा जब्त किए।

परिवहन विभाग की कार्रवाई

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क अवरोध जैसी अवैध गतिविधियों में वाहनों का उपयोग परमिट की शर्तों का सीधा उल्लंघन है। वाहन मालिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और आरटीओ के समक्ष व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में कोई जवाब नहीं मिला या संबंधित व्यक्ति अनुपस्थित रहे, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर परमिट निलंबन या रद्द करने का निर्णय लिया जाएगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि परमिट के विरुद्ध यह प्रशासनिक कार्रवाई इस घटना से जुड़ी किसी भी आपराधिक या अन्य कानूनी कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगी — दोनों प्रक्रियाएँ स्वतंत्र रूप से चलेंगी।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ

कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को बताया कि हिंसक प्रदर्शन के संबंध में खारवेल नगर पुलिस स्टेशन में कुल सात मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक 113 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है। वहीं, प्रदर्शन में शामिल 60 ऑनलाइन कैब सेवा चालकों को अच्छे आचरण के आधार पर जमानत पर रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ओडिशा में ऐप-आधारित कैब चालक और बाइक सवार पिछले कुछ दिनों से भुवनेश्वर में अपनी कई माँगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन गिग-इकॉनमी श्रमिकों की व्यापक असंतुष्टि को दर्शाता है, जो देश के कई अन्य शहरों में भी समय-समय पर सामने आती रही है।

आगे क्या होगा

वाहन मालिकों के स्पष्टीकरण की समय-सीमा समाप्त होने के बाद परिवहन विभाग अंतिम आदेश जारी करेगा। आपराधिक मामलों में अदालती सुनवाई जारी रहेगी, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मनमाने एल्गोरिदम, सामाजिक सुरक्षा का अभाव — देशभर में एक ही पैटर्न दोहराती हैं। हिंसा अस्वीकार्य है और कानूनी कार्रवाई ज़रूरी है, परंतु यदि ओडिशा सरकार केवल दंडात्मक उपायों तक सीमित रही और संवाद की कोई ठोस प्रक्रिया नहीं बनाई, तो यह असंतोष दोबारा सतह पर आएगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर में ऑटो-रिक्शा के परमिट क्यों रद्द किए जा रहे हैं?
ओडिशा परिवहन विभाग ने 20 अगस्त को मास्टर कैंटीन स्क्वायर में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क अवरोध में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए 400 से अधिक ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई शुरू की है। विभाग का कहना है कि अवैध गतिविधियों में वाहन का उपयोग परमिट की शर्तों का उल्लंघन है।
भुवनेश्वर विरोध प्रदर्शन में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
कमिश्नरेट पुलिस ने अब तक 113 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। इसके अलावा 60 ऑनलाइन कैब सेवा चालकों को अच्छे आचरण के आधार पर जमानत पर रिहा किया गया है।
ओडिशा में ऐप-आधारित कैब चालक किस बात का विरोध कर रहे हैं?
ऐप-आधारित कैब चालक और बाइक सवार पिछले कुछ दिनों से भुवनेश्वर में अपनी कई माँगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्रोत में माँगों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है, लेकिन यह आंदोलन गिग-इकॉनमी श्रमिकों की व्यापक असंतुष्टि का हिस्सा बताया जा रहा है।
वाहन मालिकों को परमिट बचाने के लिए क्या करना होगा?
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ लिखित स्पष्टीकरण देने और आरटीओ के समक्ष व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यदि वे अनुपस्थित रहे या जवाब नहीं दिया, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर परमिट रद्द किया जा सकता है।
इस मामले में कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं?
खारवेल नगर पुलिस स्टेशन में इस हिंसक विरोध प्रदर्शन के संबंध में कुल सात आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। परिवहन विभाग की प्रशासनिक कार्रवाई इन आपराधिक मामलों से अलग और स्वतंत्र रूप से चलेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले