ओवैसी-सपा गठबंधन बयान पर NDA का पलटवार: शाइना NC बोलीं — 'जीत सिर्फ योगी आदित्यनाथ की होगी'
सारांश
मुख्य बातें
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन को लेकर दिए गए बयान ने 21 सितंबर 2026 को राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी, जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई नेताओं ने एक साथ तीखी प्रतिक्रिया दी। शिवसेना नेता शाइना एनसी से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों तक, सभी ने एकजुट होकर ओवैसी के गठबंधन प्रयासों को खारिज किया और 2027 के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में NDA की जीत का दावा किया।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर की दो टूक
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ओवैसी और सपा के बीच गठबंधन की संभावना ही नहीं है। उनके अनुसार, 'अखिलेश यादव और राहुल गांधी खुद को मुस्लिम समुदाय का नेता मानते हैं, जबकि ओवैसी चाहते हैं कि कोई मुस्लिम मुख्यमंत्री बने — ऐसे में इन दोनों के बीच गठबंधन की गुंजाइश कहाँ है?'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ विपक्षी गठजोड़ की अटकलें तेज हो चली हैं।
मंत्री जयवीर सिंह और अनिल राजभर का आत्मविश्वास
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि विपक्ष मिलकर लड़े या अलग-अलग, भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दावा किया कि '50 प्रतिशत से अधिक वोट और समर्थन NDA के पक्ष में रहेगा और स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनेगी।'
अनिल राजभर ने इसे 'लुकाछिपी का खेल' बताते हुए कहा कि जनता ने तय कर लिया है कि 2027 में 2017 की पुनरावृत्ति होगी — यानी भाजपा की प्रचंड वापसी।
नकवी और राम कदम का सीधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ओवैसी 'हर चुनाव से पहले गठबंधन की गुहार लगाते हैं, लेकिन न कोई सुनता है और न जवाब देता है।'
भाजपा नेता राम कदम ने ओवैसी के बयान और अखिलेश यादव के तीखे रवैये — जैसे किसी को 'चवन्नी' कहना — को आपस में जोड़ते हुए तर्क दिया कि ये 'डरे-सहमे बयान' साबित करते हैं कि विपक्ष ने 'चुनाव से पहले ही हार मान ली है।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी।
शाइना एनसी का सीधा दावा
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने सबसे सीधे शब्दों में कहा — 'ओवैसी को जितना जोर लगाना है लगाएँ, जीतेंगे तो सिर्फ योगी आदित्यनाथ और NDA।' उन्होंने ओवैसी पर 'तुष्टीकरण की राजनीति' का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि यह वही राजनीतिक बहस है जो हर विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में उठती है — विपक्षी गठजोड़ की संभावना और भाजपा की काट की रणनीति। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि ओवैसी और सपा के बीच कोई औपचारिक समझौता होता है या नहीं।