श्रीनगर में 23 जून को पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी पर क्षेत्रीय कार्यशाला, उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
पंचायती राज मंत्रालय 23 जून 2026 को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में 'सेवा से समृद्धि: पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी' विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। इस कार्यशाला का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे। यह आयोजन ग्रामीण भारत में पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से सेवा प्रदायगी को सुदृढ़ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों की कड़ी है।
कार्यशाला में कौन-कौन होंगे शामिल
उद्घाटन सत्र में जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, मंत्रालय की संयुक्त सचिव पलका साहनी और जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव मोहम्मद एजाज असद उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त सात राज्यों — हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश — के पंचायत पदाधिकारी, निर्वाचित प्रतिनिधि और ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) भी भाग लेंगे।
आयोजन का उद्देश्य और संरचना
यह कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विसेज सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल (CSC-SPV) और जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में पैनल चर्चा, तकनीकी सत्र और राज्य-स्तरीय अनुभव साझाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो राज्यों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले गवर्नेंस मॉडल के प्रसार का मंच बनेंगे।
नागरिक समाज संगठनों, शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों तथा ग्रामीण प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों के प्रतिनिधि भी इस कार्यशाला में अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम पंचायती राज मंत्रालय की चल रही 'सेवा से समृद्धि' श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जवाबदेह और उत्तरदायी पंचायती राज संस्थाओं के ज़रिये ग्रामीण जनता की जीवनयापन सुगमता को बेहतर बनाना है।
उत्कृष्ट पंचायतों और CSC को सम्मान
कार्यशाला के दौरान भाग लेने वाले राज्यों की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों और असाधारण कार्य करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर्स को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। डिजिटल परिवर्तन, नागरिक भागीदारी, नवाचार और जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के विषयों पर विचार-विमर्श इस आयोजन का केंद्रबिंदु रहेगा।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में ज़मीनी स्तर पर शासन को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर दे रही है। श्रीनगर में इस कार्यशाला का आयोजन संकेत देता है कि पंचायती राज व्यवस्था को सीमांत और संवेदनशील क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवा प्रदायगी की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया तेज़ हो रही है। इस आयोजन से निकलने वाली सिफारिशें और साझा किए गए सर्वोत्तम अभ्यास भविष्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को दिशा दे सकते हैं।