9 अगस्त 2026
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श्रीनगर में 23 जून को पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी पर क्षेत्रीय कार्यशाला, उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे उद्घाटन

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श्रीनगर में 23 जून को पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी पर क्षेत्रीय कार्यशाला, उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे उद्घाटन

सारांश

पंचायती राज मंत्रालय 23 जून को श्रीनगर में 'सेवा से समृद्धि' कार्यशाला आयोजित करेगा, जिसमें 7 राज्यों के पंचायत प्रतिनिधि, VLE और सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवा प्रदायगी और जवाबदेह पंचायती राज को मज़बूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

मुख्य बातें

पंचायती राज मंत्रालय 23 जून 2026 को श्रीनगर में 'सेवा से समृद्धि: पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी' विषयक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा।
उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे; मंत्रालय सचिव विवेक भारद्वाज सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
7 राज्यों — हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश — के पंचायत प्रतिनिधि, निर्वाचित सदस्य और VLE भाग लेंगे।
कार्यशाला CSC-SPV और जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों और कॉमन सर्विस सेंटर्स को कार्यशाला के दौरान सम्मानित किया जाएगा।

पंचायती राज मंत्रालय 23 जून 2026 को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में 'सेवा से समृद्धि: पंचायत-आधारित सेवा प्रदायगी' विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। इस कार्यशाला का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे। यह आयोजन ग्रामीण भारत में पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से सेवा प्रदायगी को सुदृढ़ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों की कड़ी है।

कार्यशाला में कौन-कौन होंगे शामिल

उद्घाटन सत्र में जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, मंत्रालय की संयुक्त सचिव पलका साहनी और जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव मोहम्मद एजाज असद उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त सात राज्योंहरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश — के पंचायत पदाधिकारी, निर्वाचित प्रतिनिधि और ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) भी भाग लेंगे।

आयोजन का उद्देश्य और संरचना

यह कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विसेज सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल (CSC-SPV) और जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में पैनल चर्चा, तकनीकी सत्र और राज्य-स्तरीय अनुभव साझाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो राज्यों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले गवर्नेंस मॉडल के प्रसार का मंच बनेंगे।

नागरिक समाज संगठनों, शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों तथा ग्रामीण प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों के प्रतिनिधि भी इस कार्यशाला में अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम पंचायती राज मंत्रालय की चल रही 'सेवा से समृद्धि' श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जवाबदेह और उत्तरदायी पंचायती राज संस्थाओं के ज़रिये ग्रामीण जनता की जीवनयापन सुगमता को बेहतर बनाना है।

उत्कृष्ट पंचायतों और CSC को सम्मान

कार्यशाला के दौरान भाग लेने वाले राज्यों की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों और असाधारण कार्य करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर्स को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। डिजिटल परिवर्तन, नागरिक भागीदारी, नवाचार और जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के विषयों पर विचार-विमर्श इस आयोजन का केंद्रबिंदु रहेगा।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में ज़मीनी स्तर पर शासन को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर दे रही है। श्रीनगर में इस कार्यशाला का आयोजन संकेत देता है कि पंचायती राज व्यवस्था को सीमांत और संवेदनशील क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवा प्रदायगी की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया तेज़ हो रही है। इस आयोजन से निकलने वाली सिफारिशें और साझा किए गए सर्वोत्तम अभ्यास भविष्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को दिशा दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है — कि जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज व्यवस्था को केंद्र की मुख्यधारा शासन प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। 'सेवा से समृद्धि' श्रृंखला की अवधारणा सही दिशा में है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि कार्यशाला में साझा किए गए 'सर्वोत्तम अभ्यास' वास्तव में नीतिगत बदलाव में तब्दील होते हैं या केवल एक और प्रस्तुति बनकर रह जाते हैं। डिजिटल सेवा प्रदायगी और CSC नेटवर्क की पहुंच जम्मू-कश्मीर के दूरदराज़ इलाकों में अभी भी असमान है, जो इस पूरी पहल की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सेवा से समृद्धि' कार्यशाला क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह पंचायती राज मंत्रालय की एक चल रही श्रृंखला है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों के ज़रिये बेहतर सेवा प्रदायगी और जीवनयापन की सुगमता सुनिश्चित करना है। 23 जून 2026 को श्रीनगर में आयोजित यह कार्यशाला इसी श्रृंखला का हिस्सा है।
इस कार्यशाला में कौन-से राज्य भाग लेंगे?
कार्यशाला में 7 राज्यों — हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश — के पंचायत पदाधिकारी, निर्वाचित प्रतिनिधि और ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) शामिल होंगे। राज्य सरकारों के अधिकारी, नागरिक समाज संगठन और शैक्षणिक संस्थान भी भाग लेंगे।
कार्यशाला का उद्घाटन कौन करेंगे और कहाँ होगा?
कार्यशाला का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे। यह आयोजन 23 जून 2026 को श्रीनगर में होगा।
CSC-SPV की इस कार्यशाला में क्या भूमिका है?
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कॉमन सर्विसेज सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल (CSC-SPV) इस कार्यशाला का सह-आयोजक है। कार्यशाला में असाधारण कार्य करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर्स को सम्मानित भी किया जाएगा।
इस कार्यशाला से ग्रामीण नागरिकों को क्या फायदा होगा?
कार्यशाला में डिजिटल परिवर्तन, नागरिक भागीदारी और जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श होगा। इससे निकलने वाले गवर्नेंस मॉडल और सर्वोत्तम अभ्यास भविष्य में ग्रामीण सेवा प्रदायगी की नीतियों को आकार दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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