26 जुलाई 2026
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नेहरू युग में सीमित बजट के बावजूद भारत को मिला था वैश्विक सम्मान: पप्पू यादव का मोदी सरकार पर निशाना

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नेहरू युग में सीमित बजट के बावजूद भारत को मिला था वैश्विक सम्मान: पप्पू यादव का मोदी सरकार पर निशाना

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने नेहरू युग की वैश्विक प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए मोदी सरकार पर आतंकवाद, काले धन और बेरोज़गारी के वादे न निभाने का आरोप लगाया। साथ ही मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय जाने की माँग की।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने कहा कि नेहरू युग में सीमित बजट के बावजूद भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गहरा सम्मान प्राप्त था।
उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद, काला धन और बेरोज़गारी पर किए गए बड़े वादे अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके।
मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा और युवाओं की स्थिति को उन्होंने अर्थव्यवस्था की असली परीक्षा बताया।
मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने की माँग की।
डीज़ल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतें और रोज़गार को उन्होंने असली जन-मुद्दे बताया।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 10 जून 2026 को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के संदर्भ में केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में देश के पास सीमित संसाधन और छोटा बजट था, फिर भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गहरा सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त थी।

बजट बढ़ा, आम जनता की मुश्किलें भी

पप्पू यादव ने कहा कि आज देश का बजट पहले की तुलना में कई गुना बढ़ चुका है, लेकिन इसके बावजूद आम नागरिकों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, विशेष रूप से मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोग और युवा सबसे अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इन वर्गों की आय और रोज़गार की स्थिति देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर पेश करती है।

वादे और हकीकत: आतंकवाद, काला धन, बेरोज़गारी

सांसद ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि आतंकवाद, काले धन की वापसी और बेरोज़गारी के खिलाफ किए गए बड़े वादे अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि देश से आतंकवाद की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और काला धन वापस लाने का वादा भी केवल घोषणा तक सीमित रह गया। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार के तीसरे कार्यकाल की उपलब्धियों पर राष्ट्रीय बहस तेज़ है।

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर पप्पू यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमज़ोर किया जा रहा है और चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने माँग की कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया जाना चाहिए और विपक्ष को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखना होगा।

असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

बिहार सरकार में मंत्री निशांत कुमार को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेताओं की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यदि किसी ने तथ्यात्मक बात कही है तो उसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि डीज़ल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतें, शिक्षा और रोज़गार जैसी समस्याएँ कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, कुछ राजनीतिक दल जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाकर अनावश्यक विवादों को हवा देने का प्रयास कर रहे हैं।

आगे क्या

पप्पू यादव के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है और विपक्षी दल केंद्र सरकार की नीतियों पर लगातार हमलावर हैं। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन मामले में न्यायिक प्रक्रिया का रुख आने वाले दिनों में राजनीतिक परिदृश्य को और प्रभावित कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने नेहरू और मोदी की तुलना क्यों की?
पप्पू यादव ने यह तुलना प्रधानमंत्री मोदी के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के संदर्भ में की। उनका तर्क था कि नेहरू के समय सीमित बजट के बावजूद भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अधिक सम्मान मिलता था।
पप्पू यादव ने मोदी सरकार पर कौन-से मुख्य आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद समाप्त करने, काला धन वापस लाने और बेरोज़गारी दूर करने के वादे पूरे नहीं हुए। साथ ही उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और युवाओं की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों रद्द हुआ और पप्पू यादव ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द हो गया। पप्पू यादव ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमज़ोर करने की कोशिश बताया और माँग की कि इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाए।
पप्पू यादव के अनुसार बिहार और देश के असली जन-मुद्दे क्या हैं?
उन्होंने डीज़ल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतें, शिक्षा और रोज़गार को असली जन-मुद्दे बताया। उनका कहना था कि कुछ राजनीतिक दल इन मुद्दों से ध्यान भटकाकर अनावश्यक विवादों को हवा देते हैं।
पप्पू यादव कौन हैं और वे किस दल से हैं?
पप्पू यादव बिहार के पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय सांसद हैं। वे बिहार की राजनीति में एक सक्रिय आवाज़ हैं और अक्सर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर मुखर रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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