पश्चिम बंगाल चुनावों की घोषणा पर विकास रंजन भट्टाचार्य की कड़ी प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा की गई है।
- विकास रंजन भट्टाचार्य ने इसे गलत बताया है।
- मतदाता सूची के न होने पर उठाए गए सवाल गंभीर हैं।
- लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
कोलकाता, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। निर्वाचन आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा की है। इस पर सीपीआईएम सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की घोषणा को एक बड़ी गलती करार दिया।
उन्होंने सोमवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि अब तक चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची भी जारी नहीं की गई है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब मतदाता सूची भी तैयार नहीं है, तो चुनाव कैसे आयोजित किए जा सकते हैं। यह विषय अपने आप में एक बड़ी समस्या पेश करता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस स्थिति में यदि चुनाव आयोग किसी राज्य में चुनाव कराने का विचार करता है, तो उसे पुरानी मतदाता सूची का ही सहारा लेना होगा। यदि वर्तमान में चुनाव आयोग राज्य में चुनावी प्रक्रिया को शुरू करने का प्रयास करेगा, तो निश्चित रूप से इससे स्थिति और भी जटिल हो जाएगी। ऐसे में चुनाव आयोग के लिए आवश्यक है कि वह पहले मतदाताओं की अंतिम सूची को सार्वजनिक करे। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।
भट्टाचार्य ने उन आरोपों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया है कि कई विधानसभा क्षेत्रों से केवल मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह से सत्य है। इसे आंशिक सत्य कहना अधिक उचित होगा। विशेषकर कई विधानसभा क्षेत्रों में यह देखा जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो कि पूरी तरह गलत है। ऐसा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त है। यदि आप किसी का नाम मतदाता सूची से हटाते हैं, तो आप लोकतांत्रिक हितों पर कुठाराघात कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाना चाहिए।