पैलेट गन विवाद: राहुल गांधी के धरने पर BJP का पलटवार, TMC ने बताया साहसी कदम
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन, नई दिल्ली में धरना देने और एफआईआर दर्ज कराने के कदम ने 22 अगस्त को तीखा राजनीतिक रंग ले लिया। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे महज राजनीतिक नाटक करार दिया, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राहुल गांधी के इस प्रदर्शन को छात्रों के साथ एकजुटता का प्रतीक बताते हुए समर्थन दिया।
BJP का तीखा पलटवार
नई दिल्ली से BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी के विरोध को सिरे से राजनीतिक ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी केवल ड्रामेबाजी करके लोगों के दिल में अपने राजनीतिक नैरेटिव को सेट करना चाहते हैं। राहुल गांधी को किसी व्यक्ति से कोई सरोकार नहीं है। गिरती, लुटती, पिटती कांग्रेस को बचाने के लिए वो इस प्रकार के राजनीतिक हथकंडे अपना रहे हैं जो आसानी से लोगों के गले नहीं उतर रहा है।'
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'ये मुद्दा विहीन लोग हैं, कोई इनके पास मुद्दा नहीं है, भारत विरोधी ताकतों के हाथ का खिलौना बन गए हैं ये लोग। भारत जो तेजी से आगे बढ़ता हुआ एक देश है, जो विकसित राष्ट्र बनने की तरफ अग्रसर है, उसको अस्थिर करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी की तरफ से हो रहा है।'
हैदराबाद में BJP नेता टी.आर. श्रीनिवास ने एफआईआर दर्ज कराने के तरीके पर तंज कसा। उन्होंने कहा, 'कल जंतर-मंतर पर हुई कथित घटना को लेकर राहुल गांधी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में जो एफआईआर का ड्रामा किया — यह "पॉलिटिक्स किश्तों पे" है। आप फुल-टाइम पॉलिटिशियन नहीं हैं। बिना सबूत के आप कोई ड्रामा नहीं कर सकते। आपका पूरा दावा ही बेबुनियाद है।'
TMC का समर्थन
कोलकाता से TMC सांसद सौगत रॉय ने राहुल गांधी के कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी ने छात्रों का पक्ष लिया। उन्होंने नौ घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया और आखिरकार, छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और कथित ज्यादतियों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। यह राहुल गांधी के लिए एक बड़ी कामयाबी है।'
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा है। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक आवाज़ पर दमन बताते हुए स्वयं पुलिस स्टेशन पहुँचकर एफआईआर दर्ज कराई — एक ऐसा कदम जो नेता प्रतिपक्ष के लिए असामान्य माना जा रहा है। गौरतलब है कि पैलेट गन का उपयोग भीड़ नियंत्रण में विवादास्पद रहा है और इस पर मानवाधिकार संगठन पहले भी सवाल उठा चुके हैं।
आगे क्या होगा
दर्ज एफआईआर पर पुलिस की आगामी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी दलों की नज़र बनी रहेगी। यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों मोर्चों पर राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।