सहरसा में 'पिंक बस' सेवा शुरू: GPS, पैनिक बटन और महिला कंडक्टर से सुरक्षित सफर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने 18 जुलाई 2025 को सहरसा में महिलाओं और स्कूली छात्राओं के लिए विशेष 'पिंक बस सेवा' की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य जिले में सुरक्षित, आरामदायक और किफायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। यह पहल उन कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो प्रतिदिन सार्वजनिक बसों में यात्रा करती हैं।
मुख्य मार्ग और सुविधाएँ
फिलहाल पिंक बसें सहरसा-नवहट्टा-मुरादपुर जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर संचालित की जा रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन बसों में GPS ट्रैकिंग, पैनिक बटन और महिला कंडक्टर जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। ये तकनीकी और मानवीय उपाय मिलकर महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक सुरक्षा और भरोसे का एहसास दिलाएँगे।
स्थानीय महिलाओं की प्रतिक्रिया
पिंक बस सेवा की शुरुआत के बाद सहरसा की स्थानीय महिलाओं ने इस कदम का स्वागत किया। एक स्थानीय महिला ने कहा कि यह सेवा महिलाओं के लिए बेहद अच्छी पहल है और कामकाजी महिलाएँ जो हमेशा समय की कमी से जूझती हैं, उन्हें इससे सुरक्षित तरीके से समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
एक अन्य महिला यात्री ने कहा कि बस में महिला कंडक्टर होने से महिला यात्रियों का आत्मविश्वास और बढ़ जाता है तथा वे बिना किसी डर के यात्रा कर सकेंगी।
आम जनता पर असर
यह सेवा विशेष रूप से उन छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए लाभकारी मानी जा रही है जो प्रतिदिन इन मार्गों पर आवागमन करती हैं। सुरक्षित परिवहन की उपलब्धता से महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक सुविधाजनक ढंग से पूरा कर सकेंगी।
क्या होगा आगे
BSRTC की यह पहल बिहार में महिला-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि सहरसा में सफल संचालन के बाद इस सेवा को अन्य जिलों तक भी विस्तारित किया जा सकता है, जिससे बड़ी संख्या में महिला यात्रियों को लाभ मिलेगा।