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फ्रांस में PM मोदी और मैक्रों करेंगे 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन, 120 स्टार्ट-अप्स और 500+ निवेशक होंगे शामिल

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फ्रांस में PM मोदी और मैक्रों करेंगे 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन, 120 स्टार्ट-अप्स और 500+ निवेशक होंगे शामिल

सारांश

नीस में 14 जून को PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों मिलकर 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन करेंगे — 120 स्टार्ट-अप्स, 13 डीप टेक क्षेत्र और 500+ वैश्विक निवेशकों के साथ यह भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष का सबसे बड़ा मंच है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 14 जून 2026 को नीस में 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन करेंगे।
आयोजन में 120 भारतीय इनोवेटर्स , 15 उच्च शिक्षण संस्थान और 500 से अधिक निवेशक भाग लेंगे।
सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक, बायोटेक सहित 13 प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस रहेगा।
जयशंकर , वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद भी उपस्थित रहेंगे।
यह आयोजन भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के तहत है, जिसका उद्घाटन फरवरी 2026 में मुंबई में हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 14 जून 2026 को नीस के पैलेस डेस एक्सपोजिशंस में भारत के सबसे बड़े वैश्विक इनोवेशन शोकेस 'भारत इनोवेट्स 2026' का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की इस पहल में 120 भारतीय इनोवेटर्स, 15 उच्च शिक्षण संस्थान और 500 से अधिक निवेशक भाग लेंगे।

आयोजन में क्या होगा खास

इस इवेंट में 13 प्रमुख क्षेत्र केंद्र में रहेंगे — जिनमें एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सुविधा और मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। इसका पहला सत्र वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के सामने भारत के डीप टेक इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स को प्रस्तुत करेगा।

आयोजन में बड़े कॉर्पोरेट घराने और वेंचर कैपिटल फर्मों के साथ-साथ वैश्विक सीईओ और उद्योग जगत के नेता भी शामिल होंगे। उम्मीद है कि यह मंच भारत और वैश्विक हितधारकों के बीच इनोवेशन-आधारित साझेदारी को नई दिशा देगा।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल

प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी नीस पहुँचने की उम्मीद है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि सूद ने ही इस आयोजन के लिए भारत से 120 स्टार्ट-अप्स के चयन हेतु टेक्निकल ओवरसाइट कमेटी का नेतृत्व किया था।

आयोजन के अपेक्षित नतीजे

इस कार्यक्रम के दौरान डीप टेक, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्ट-अप स्केलिंग और क्रॉस-बॉर्डर निवेश सुविधा में मजबूत सहयोग ढाँचे की घोषणाएँ अपेक्षित हैं। इसके अलावा भारत और फ्रांस के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच सह-विकास, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी के नए अवसर भी रेखांकित किए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य भाग लेने वाले नवप्रवर्तकों और संस्थानों को निवेशकों, कॉर्पोरेट कंपनियों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संगठनों और सरकारी हितधारकों से जोड़ना है — जिससे निवेश, प्रौद्योगिकी सत्यापन, पायलट परियोजनाएँ और विनिर्माण साझेदारियों के रास्ते खुलें।

भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष का हिस्सा

यह आयोजन भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के तहत हो रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने फरवरी 2026 में मुंबई में संयुक्त रूप से किया था। 'भारत इनोवेट्स 2026' को ग्लोबल इनोवेशन नेटवर्क में भारत की उपस्थिति गहरी करने और तकनीक-आधारित विकास के एक अग्रणी केंद्र के रूप में देश की स्थिति को और मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह आयोजन भारत के डीप टेक स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और इसके नतीजे आने वाले महीनों में भारत-फ्रांस तकनीकी सहयोग की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की डीप टेक महत्वाकांक्षाओं को वैश्विक पूँजी और साझेदारी से जोड़ने की रणनीतिक कोशिश है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि नीस में हुई बैठकें वास्तविक निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में कितनी तब्दील होती हैं — अतीत में ऐसे आयोजन घोषणाओं तक सीमित रहे हैं। भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के ढाँचे में यह पहल संस्थागत है, जो इसे द्विपक्षीय कूटनीति का हिस्सा बनाती है और जवाबदेही का दायरा बढ़ाती है। स्टार्ट-अप चयन में टेक्निकल ओवरसाइट कमेटी की भूमिका सराहनीय है, लेकिन परिणामों की पारदर्शी निगरानी तंत्र के बिना यह मंच अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा पाएगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत इनोवेट्स 2026' क्या है?
'भारत इनोवेट्स 2026' केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य भारत के डीप टेक स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स को वैश्विक निवेशकों, कॉर्पोरेट कंपनियों और अनुसंधान संगठनों से जोड़ना है। इसका उद्घाटन 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस में होगा।
'भारत इनोवेट्स 2026' में कौन-कौन शामिल होंगे?
इस आयोजन में 120 भारतीय इनोवेटर्स, 15 उच्च शिक्षण संस्थान और 500 से अधिक निवेशक — जिनमें वेंचर कैपिटल फर्म, वैश्विक सीईओ और उद्योग जगत के नेता शामिल हैं — भाग लेंगे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में PM मोदी के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी होंगे।
इस आयोजन में किन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा?
एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सुविधा और मैन्युफैक्चरिंग सहित कुल 13 प्रमुख क्षेत्र इस इवेंट के केंद्र में हैं। ये क्षेत्र भारत के बढ़ते डीप टेक इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
यह आयोजन भारत-फ्रांस संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
'भारत इनोवेट्स 2026' भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का हिस्सा है, जिसका उद्घाटन PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने फरवरी 2026 में मुंबई में किया था। यह आयोजन दोनों देशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच सह-विकास, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने का अवसर है।
120 स्टार्ट-अप्स का चयन कैसे हुआ?
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद के नेतृत्व में एक टेक्निकल ओवरसाइट कमेटी ने इन 120 स्टार्ट-अप्स का चयन किया। यह कमेटी भारत के विभिन्न डीप टेक क्षेत्रों से सर्वश्रेष्ठ इनोवेटर्स को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए गठित की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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