मध्यम वर्ग को राहत दें PM मोदी: राजद सांसद मनोज झा का केंद्र पर हमला, ऑटो हड़ताल पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज कुमार झा ने 21 मई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रस्तावित मंत्रिपरिषद बैठक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विवादित बयान और दिल्ली-एनसीआर में ऑटो-टैक्सी चालकों की हड़ताल — तीनों मुद्दों पर उन्होंने सरकार को घेरा। झा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएँ जनता की ज़रूरतों से कहीं पीछे रही हैं।
मंत्रिपरिषद बैठक पर राजद का रुख
मनोज झा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिपरिषद बैठक में काफी देरी हो चुकी है। उनके अनुसार, 28 फरवरी से ही वैश्विक स्तर पर यह अनुमान लग गया था कि एक बड़ा आर्थिक संकट आने वाला है और उसका प्रभाव किस हद तक बढ़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि PM मोदी की प्राथमिकता पहले चुनाव होती है, उसके बाद ही जनहित के मुद्दे आते हैं।
झा ने कहा, 'अब जब प्रधानमंत्री विदेश दौरे से लौटे हैं, तो उम्मीद है कि सरकार कोई ठोस फैसला लेगी।' उन्होंने मोदी से आग्रह किया कि जो भी निर्णय लिया जाए, उसमें मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित की जाए।
कच्चे तेल की कीमतें और आम जनता का बोझ
राजद सांसद ने यह भी कहा कि जब कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में काफी कम थीं, उस दौरान सरकार के करीबी उद्योगपतियों ने भारी मुनाफा कमाया। उनका तर्क था कि अब वह समय है जब उस मुनाफे का कुछ हिस्सा आम जनता की राहत के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब ईंधन की बढ़ती कीमतों से परिवहन और रोज़मर्रा की ज़िंदगी दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
राहुल गांधी के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए विवादित बयान पर मनोज झा ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान के संदर्भ में बात कर रहे थे, और सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा का समर्थन वे नहीं करते। साथ ही उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि PM मोदी स्वयं अक्सर विपक्ष को 'पाकिस्तान परस्त', 'एंटी नेशनल' और 'अर्बन नक्सल' जैसे शब्दों से संबोधित करते हैं — और उस पर भी बराबर चर्चा होनी चाहिए।
झा ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा किसी भी परिस्थिति में न गिरे।
दिल्ली-एनसीआर में ऑटो-टैक्सी हड़ताल पर चिंता
दिल्ली-एनसीआर में ऑटो-टैक्सी चालकों की हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज झा ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर कई क्षेत्रों पर पड़ना तय था। उन्होंने कहा कि जब पहली बार कीमतें बढ़ी थीं, तभी उन्होंने आगाह किया था कि इसका असर अलग-अलग सेक्टरों पर पड़ेगा। गौरतलब है कि ईंधन मूल्यवृद्धि और परिवहन क्षेत्र का यह संकट सीधे तौर पर लाखों दैनिक यात्रियों को प्रभावित करता है। झा ने सरकार से इस दिशा में सार्थक पहल करने की अपील की।
आगे क्या होगा
मंत्रिपरिषद की बैठक में ईंधन कीमतों और मध्यम वर्ग को राहत देने से जुड़े संभावित निर्णयों पर सबकी नज़रें टिकी हैं। विपक्ष की माँग है कि सरकार ठोस और सत्यापन-योग्य राहत उपाय घोषित करे — न कि केवल नीतिगत आश्वासन।