पीओजेके को भारत में मिलाने का वक्त आया: तस्लीमा अख्तर की अपील, 10 अगस्त को एकजुटता का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
कश्मीर आतंकी पीड़ित संगठन (एटीवीके) की अध्यक्ष तस्लीमा अख्तर ने 4 अगस्त 2026 को श्रीनगर में पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के लोगों के साथ एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि अब पीओजेके को भारत में मिलाने का समय आ गया है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों को लेकर गहरी चिंता जताई और 10 अगस्त को पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से एकजुट होने की अपील की।
मुख्य बयान और अपील
तस्लीमा अख्तर ने कहा, "हमें इंसानियत के लिए लड़ना चाहिए। इंसानियत का तकाजा है कि यहाँ से भी उनके लिए आवाज उठाई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।" उन्होंने आगे कहा, "10 अगस्त को एकजुट होकर पीओजेके के लोगों के साथ खड़े हों और उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करें।"
पीओजेके में बिगड़ते हालात
तस्लीमा अख्तर के अनुसार पीओजेके के लोग 1947 से अब तक लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सरकार और सेना वहाँ के नागरिकों पर अत्याचार करती आ रही है। उनका कहना है कि जब पीओजेके के लोग अपनी माँगों को लेकर आवाज उठाते हैं, तो पाकिस्तानी सैनिक उन पर गोली चलाते हैं।
पाकिस्तान पर गंभीर आरोप
तस्लीमा अख्तर ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने रावलकोट से मीरपुर तक कब्रिस्तान बना दिए हैं। उन्होंने मुजफ्फराबाद में हो रहे चुनावों पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि वे न तो पारदर्शी हैं और न ही निष्पक्ष। उनके शब्दों में, "पाकिस्तान को पीओजेके की जमीन चाहिए, लोग नहीं।"
पीओजेके विलय की माँग
तस्लीमा अख्तर ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना से पीओजेके के लोगों को आजादी दिलाई जाए और पीओजेके को भारत के कश्मीर में मिलाया जाए। उन्होंने कहा, "वहाँ के लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं। वे अपने वाजिब अधिकारों की माँग कर रहे हैं, खैरात नहीं माँग रहे — यह उनकी अपनी जमीन है।"
आगे क्या होगा
तस्लीमा अख्तर की इस अपील के बाद 10 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में एकजुटता प्रदर्शन की संभावना है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पीओजेके में तनाव और हिंसा की रिपोर्टें सामने आ रही हैं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी वहाँ के हालात पर नजर रख रहे हैं।