प्रशांत किशोर का डिप्टी CM सम्राट चौधरी पर वार, ‘हरा-भगवा गमछे से नहीं सुलझेंगी बिहार की समस्याएं’
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 3 जून को सीवान में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘हरे या भगवा गमछे’ की राजनीति से राज्य की मूल समस्याओं — शिक्षा, रोजगार, पलायन और भ्रष्टाचार — का समाधान नहीं होगा। किशोर ने मुख्यमंत्री आवास के विस्तार, महिलाओं को ₹2 लाख देने के वादे और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने की घोषणा पर सरकार से जवाब मांगा।
मुख्य आरोप: गमछे की राजनीति
किशोर ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के नेता अपनी सुविधा के अनुसार रंग बदलते हैं। उन्होंने कहा, ‘कह रहे हैं कि हरा गमछा वाले को मारिए। मैं कह रहा हूं कि भैया, कल तक तो तुम खुद ही हरा गमछा लेकर घूम रहे थे। पूरे जीवन भर आप और आपके पिताजी तो हरा गमछा की ही राजनीति कर रहे थे।’
उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ‘इनको गमछे के रंग से मतलब नहीं है, इनको सत्ता से मतलब है। अगर आज हरा गमछा वाले इनको कुर्सी पर बैठा दें, तो ये भगवा झंडा को गाली देने लगेंगे।’
महिलाओं और युवाओं से किए वादों पर सवाल
जन सुराज प्रमुख ने सरकार से चुनावी वादों का हिसाब मांगा। उन्होंने कहा, ‘सम्राट चौधरी को ये बताना है कि ₹2 लाख आप कब देने वाले हो? ₹10,000 आपने दिया और जिन महिलाओं का वोट लिया, उनको ₹1,90,000 कब मिलेगा?’
नौकरियों के मुद्दे पर किशोर ने कहा, ‘1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किए थे। छह महीने हो गए, उसके हिसाब से कम से कम 10 लाख लोगों को नौकरी मिलनी चाहिए थी। वो नौकरी न मिलके, TRE-4 के छात्रों पर लाठी क्यों चलवा रहे हैं?’
मुख्यमंत्री आवास के विस्तार पर निशाना
किशोर ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के दायरे को बढ़ाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि बचत की मांग के दौर में यह खर्च गैर-जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘जिन दलित, अति-पिछड़े समाज के लोगों को 3 डिसमिल जमीन आप नहीं दे पाए, आप अपना बंगला 10 एकड़ में क्यों बनाए हुए हैं? 1 अणे मार्ग जो पहले से था, उसमें देशरत्न मार्ग के चार एकड़ के बंगले को क्यों मिलाया गया है?’
उन्होंने बड़े बंगले के कॉम्प्लेक्स की बिजली व रखरखाव लागत पर भी चिंता जताते हुए करदाताओं के पैसे के उपयोग में पारदर्शिता की मांग की।
बुलडोजर कार्रवाई पर तीखी टिप्पणी
किशोर ने सरकारी बुलडोजर कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘जिन गरीब लोगों के घर पर आप बुलडोजर चला रहे हैं, वो होटल मालिक के होटल पर कब बुलडोजर चलेगा? जिसके होटल में एक लड़की को रात 1:30 बजे उसके पिता के सामने खींचा गया। गरीब का घर तोड़ना सबसे आसान है।’
आगे की राजनीतिक दिशा
किशोर ने अपने अभियान को रंग-आधारित राजनीति से अलग बताते हुए कहा, ‘हम लोग गरीबी का रंग खत्म करना चाहते हैं। बिहार में लोग भ्रष्टाचार का रंग खत्म करना चाहते हैं, पलायन का रंग खत्म करना चाहते हैं। लाल गमछा, हरा गमछा, इससे कुछ नहीं होने वाला है।’
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में प्रतीकों और जातीय समीकरणों की बहस तेज़ है। आने वाले महीनों में जन सुराज की रणनीति और सत्ताधारी गठबंधन के जवाब पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।