20 जुलाई 2026
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प्रशांत किशोर का डिप्टी CM सम्राट चौधरी पर वार, ‘हरा-भगवा गमछे से नहीं सुलझेंगी बिहार की समस्याएं’

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प्रशांत किशोर का डिप्टी CM सम्राट चौधरी पर वार, ‘हरा-भगवा गमछे से नहीं सुलझेंगी बिहार की समस्याएं’

सारांश

सीवान की रैली में प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार को ‘गमछे की राजनीति’ पर घेरा। ₹2 लाख का महिला-वादा, 1 करोड़ नौकरियों का संकल्प, TRE-4 छात्रों पर लाठीचार्ज और मुख्यमंत्री आवास के 10 एकड़ तक विस्तार पर उन्होंने सम्राट चौधरी से सीधा हिसाब मांगा। चुनावी साल में जन सुराज का नैरेटिव अब वादों की जवाबदेही पर केंद्रित हो रहा है।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 3 जून को सीवान में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा।
महिलाओं को ₹2 लाख देने के वादे में अब तक केवल ₹10,000 मिलने का आरोप, ₹1,90,000 कब मिलेगा — सवाल।
1 करोड़ नौकरियों के वादे के बावजूद छह माह में 10 लाख रोजगार भी न मिलने का दावा; TRE-4 छात्रों पर लाठीचार्ज पर सवाल।
मुख्यमंत्री आवास के 10 एकड़ तक विस्तार और देशरत्न मार्ग के बंगले के विलय पर पारदर्शिता की मांग।
किशोर का तर्क — ‘हरा-भगवा गमछा’ नहीं, गरीबी, भ्रष्टाचार और पलायन ही असली मुद्दे हैं।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 3 जून को सीवान में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘हरे या भगवा गमछे’ की राजनीति से राज्य की मूल समस्याओं — शिक्षा, रोजगार, पलायन और भ्रष्टाचार — का समाधान नहीं होगा। किशोर ने मुख्यमंत्री आवास के विस्तार, महिलाओं को ₹2 लाख देने के वादे और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने की घोषणा पर सरकार से जवाब मांगा।

मुख्य आरोप: गमछे की राजनीति

किशोर ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के नेता अपनी सुविधा के अनुसार रंग बदलते हैं। उन्होंने कहा, ‘कह रहे हैं कि हरा गमछा वाले को मारिए। मैं कह रहा हूं कि भैया, कल तक तो तुम खुद ही हरा गमछा लेकर घूम रहे थे। पूरे जीवन भर आप और आपके पिताजी तो हरा गमछा की ही राजनीति कर रहे थे।’

उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ‘इनको गमछे के रंग से मतलब नहीं है, इनको सत्ता से मतलब है। अगर आज हरा गमछा वाले इनको कुर्सी पर बैठा दें, तो ये भगवा झंडा को गाली देने लगेंगे।’

महिलाओं और युवाओं से किए वादों पर सवाल

जन सुराज प्रमुख ने सरकार से चुनावी वादों का हिसाब मांगा। उन्होंने कहा, ‘सम्राट चौधरी को ये बताना है कि ₹2 लाख आप कब देने वाले हो? ₹10,000 आपने दिया और जिन महिलाओं का वोट लिया, उनको ₹1,90,000 कब मिलेगा?’

नौकरियों के मुद्दे पर किशोर ने कहा, ‘1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किए थे। छह महीने हो गए, उसके हिसाब से कम से कम 10 लाख लोगों को नौकरी मिलनी चाहिए थी। वो नौकरी न मिलके, TRE-4 के छात्रों पर लाठी क्यों चलवा रहे हैं?’

मुख्यमंत्री आवास के विस्तार पर निशाना

किशोर ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के दायरे को बढ़ाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि बचत की मांग के दौर में यह खर्च गैर-जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘जिन दलित, अति-पिछड़े समाज के लोगों को 3 डिसमिल जमीन आप नहीं दे पाए, आप अपना बंगला 10 एकड़ में क्यों बनाए हुए हैं? 1 अणे मार्ग जो पहले से था, उसमें देशरत्न मार्ग के चार एकड़ के बंगले को क्यों मिलाया गया है?’

उन्होंने बड़े बंगले के कॉम्प्लेक्स की बिजली व रखरखाव लागत पर भी चिंता जताते हुए करदाताओं के पैसे के उपयोग में पारदर्शिता की मांग की।

बुलडोजर कार्रवाई पर तीखी टिप्पणी

किशोर ने सरकारी बुलडोजर कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘जिन गरीब लोगों के घर पर आप बुलडोजर चला रहे हैं, वो होटल मालिक के होटल पर कब बुलडोजर चलेगा? जिसके होटल में एक लड़की को रात 1:30 बजे उसके पिता के सामने खींचा गया। गरीब का घर तोड़ना सबसे आसान है।’

आगे की राजनीतिक दिशा

किशोर ने अपने अभियान को रंग-आधारित राजनीति से अलग बताते हुए कहा, ‘हम लोग गरीबी का रंग खत्म करना चाहते हैं। बिहार में लोग भ्रष्टाचार का रंग खत्म करना चाहते हैं, पलायन का रंग खत्म करना चाहते हैं। लाल गमछा, हरा गमछा, इससे कुछ नहीं होने वाला है।’

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में प्रतीकों और जातीय समीकरणों की बहस तेज़ है। आने वाले महीनों में जन सुराज की रणनीति और सत्ताधारी गठबंधन के जवाब पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

1 करोड़ नौकरियां, 10 एकड़ बंगला — पर ले जाने की सोची-समझी रणनीति है। बिहार की राजनीति लंबे समय से जातीय और प्रतीकात्मक धुरी पर टिकी रही है, जहां वादों की मात्रात्मक समीक्षा अक्सर पीछे छूट जाती है। जन सुराज के लिए असली परीक्षा यह होगी कि क्या वह इस ‘हिसाब-किताब’ की भाषा को बूथ-स्तर तक ले जा पाता है। बिना ज़मीनी ढांचे के, तीखे भाषण मीडिया-साइकल जीत सकते हैं, चुनाव नहीं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर क्या आरोप लगाए हैं?
किशोर ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ‘गमछे की राजनीति’ कर सत्ता के असली सवालों से बच रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को ₹2 लाख देने के वादे, 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और मुख्यमंत्री आवास के 10 एकड़ तक विस्तार पर जवाब मांगा।
महिलाओं को ₹2 लाख देने के वादे पर किशोर का क्या कहना है?
किशोर के अनुसार अब तक केवल ₹10,000 की किस्त दी गई है, जबकि वादा ₹2 लाख का था। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष ₹1,90,000 लाभार्थी महिलाओं को कब मिलेगा।
TRE-4 छात्रों का मुद्दा क्या है?
किशोर ने आरोप लगाया कि 1 करोड़ नौकरियों के वादे के छह माह बाद भी न्यूनतम 10 लाख नियुक्तियां नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि नौकरी मांग रहे TRE-4 अभ्यर्थियों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज किया गया।
मुख्यमंत्री आवास विस्तार पर विवाद क्यों है?
किशोर के अनुसार पहले से मौजूद 1 अणे मार्ग बंगले में देशरत्न मार्ग का चार एकड़ का बंगला मिलाकर परिसर 10 एकड़ तक पहुंचा दिया गया है। उन्होंने इसे बचत के दौर में गैर-जरूरी बताते हुए बिजली व मेंटेनेंस खर्च पर पारदर्शिता मांगी।
जन सुराज पार्टी की मौजूदा रणनीति क्या है?
पार्टी रंग और जाति-आधारित राजनीति से हटकर रोजगार, पलायन, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार से ‘वादों का हिसाब’ मांगने की रणनीति पर बढ़ रही है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह उसका मुख्य नैरेटिव है।
राष्ट्र प्रेस
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