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खड़गे के विवादित बयान पर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला का पलटवार, माफी की मांग

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खड़गे के विवादित बयान पर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला का पलटवार, माफी की मांग

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए कथित विवादित बयान पर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। यूपी की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने खड़गे से माफी की मांग की है — 2027 के यूपी चुनाव की पृष्ठभूमि में यह विवाद और गहरा होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने 27 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से तत्काल माफी की मांग की।
खड़गे ने 25 अक्टूबर को पटना में श्रीकृष्ण सिन्हा की 139वीं जयंती कार्यक्रम में कथित विवादित बयान दिया था।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा — कांग्रेस 'मानसिक संतुलन खो चुकी है' और 2027 में BJP प्रचंड बहुमत से जीतेगी।
प्रतिभा शुक्ला का कहना है कि PM मोदी के माता-पिता पर टिप्पणी 'पूरे देश की भावना को आहत करने' जैसा है।
कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक माफी या प्रतिक्रिया नहीं आई है।

उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने 27 अक्टूबर 2026 को कानपुर देहात में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए कथित विवादित बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनसे तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। प्रतिभा शुक्ला ने इस बयान को 'बेहद अपमानजनक और अशोभनीय' करार दिया और कहा कि इस तरह की भाषा किसी बड़े पद पर बैठे नेता को शोभा नहीं देती।

राज्यमंत्री की प्रतिक्रिया

कानपुर देहात में मीडिया से बातचीत में प्रतिभा शुक्ला ने कहा, 'जो सम्मानित व्यक्ति होता है, उसका अपना व्यक्तित्व और कृतित्व ही उसका परिचायक होता है। माता-पिता के बारे में बेहूदा कमेंट्स बहुत अपमानजनक है और वास्तव में उनको माफी मांगनी चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के इतने बड़े पद पर बैठे नेता को अपनी भाषा की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। उनके अनुसार, जब नेतृत्व को ही बात करने का सलीका नहीं है, तो ऐसे पद पर बने रहने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

प्रधानमंत्री मोदी का बचाव

प्रतिभा शुक्ला ने प्रधानमंत्री मोदी का बचाव करते हुए कहा कि वे देश के हर वर्ग के हित में काम करने वाले एक सम्मानित पद पर आसीन व्यक्ति हैं। उनका कहना था कि ऐसे व्यक्ति के माता-पिता पर टिप्पणी करना पूरे देश की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के समान है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बयान

इससे पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस जिस तरह से प्रधानमंत्री के माता-पिता के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही है, इसे देश के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे। इसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को भुगतना ही पड़ेगा। सत्ता न मिलने की जो भूख है, वो तड़पड़ाहट में बदल चुकी है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) फिर से प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करेगी।

विवाद की जड़: खड़गे का पटना वाला बयान

गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने 25 अक्टूबर 2026 को पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिन्हा की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह कथित विवादित बयान दिया था। उस कार्यक्रम में जब खड़गे वोटर लिस्ट के एसआईआर (SIR) और BJP की आलोचना कर रहे थे, तभी भीड़ में से किसी ने 'मोदी नहीं जाएगा' चिल्लाया, जिस पर खड़गे की प्रतिक्रिया विवाद का केंद्र बन गई। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है और BJP तथा कांग्रेस दोनों अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी हैं।

आगे क्या

कांग्रेस की ओर से अभी तक माफी की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, विशेषकर जब 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ भाषा और 'सम्मान की राजनीति' एक आजमाया हुआ हथियार बन चुकी है। असली सवाल यह है कि खड़गे के बयान का सटीक संदर्भ क्या था — जिस पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चुप्पी साध लेती है। बिना पूरे भाषण की पड़ताल के, 'विवादित' टैग लगाना एकतरफा आख्यान को बल देता है। साथ ही, वोटर लिस्ट SIR पर कांग्रेस की मूल आपत्तियाँ — जो इस विवाद की असली पृष्ठभूमि हैं — इस शोर में दब गई हैं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या विवादित बयान दिया था?
खड़गे ने 25 अक्टूबर 2026 को पटना में श्रीकृष्ण सिन्हा की 139वीं जयंती कार्यक्रम में वोटर लिस्ट SIR और BJP की आलोचना के दौरान कथित तौर पर एक ऐसी टिप्पणी की, जिसे BJP नेताओं ने PM मोदी के माता-पिता के प्रति अभद्र बताया। खड़गे की ओर से बयान की आधिकारिक व्याख्या अभी तक सामने नहीं आई है।
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने क्या मांग की है?
उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने मल्लिकार्जुन खड़गे से तत्काल सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने इस बयान को 'अपमानजनक और अशोभनीय' करार देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा कांग्रेस के इतने बड़े पद के अनुकूल नहीं है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस मामले पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि देश के लोग इस तरह की अभद्र भाषा को कभी स्वीकार नहीं करेंगे और इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के यूपी चुनाव में BJP फिर प्रचंड बहुमत से जीतेगी।
वोटर लिस्ट SIR क्या है, जिसका जिक्र इस विवाद में है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, वोटर लिस्ट की एक विशेष समीक्षा प्रक्रिया है जिसे चुनाव आयोग (ECI) समय-समय पर आयोजित करता है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, और खड़गे इसी संदर्भ में बोल रहे थे जब यह विवाद उत्पन्न हुआ।
इस विवाद का 2027 के यूपी चुनाव से क्या संबंध है?
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो गई हैं और BJP व कांग्रेस दोनों अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयान और पलटवार चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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