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पंजाब: ₹13 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन, अमरगढ़ में 3,832 एकड़ को पहली बार मिलेगा नहर का पानी

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पंजाब: ₹13 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन, अमरगढ़ में 3,832 एकड़ को पहली बार मिलेगा नहर का पानी

सारांश

अमरगढ़ में ₹13 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ पंजाब सरकार ने दशकों पुरानी नहर-वंचितता को दूर करने की कोशिश की है — 50-60 साल बाद नौ गाँवों में नहर का पानी लौटेगा और 3,832 एकड़ से अधिक भूमि पहली बार नहर सिंचाई से जुड़ेगी।

मुख्य बातें

जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में ₹13 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
इन परियोजनाओं से पहली बार 3,832 एकड़ से अधिक कृषि भूमि तक नहर का पानी पहुँचेगा।
₹4.07 करोड़ की लागत से बनी भासौर माइनर नहर के ज़रिए मलेरकोटला और संगरूर के 9 गाँवों में 50-60 वर्षों बाद नहर जल प्रवाह बहाल होगा।
दारोगेवाल और मानकमाजरा गाँवों में ₹1.73 करोड़ से 7,640 मीटर पाइपलाइन; 1,006 एकड़ को पहली बार नहर जल।
देहलीज खुर्द में ₹6.17 करोड़ की परियोजनाएँ; बठिंडा शाखा से 20,149 मीटर पाइपलाइन से 1,486 एकड़ लाभान्वित।

पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने 9 जून 2025 को अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में ₹13 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं के ज़रिए पहली बार इस क्षेत्र की 3,832 एकड़ से अधिक कृषि भूमि तक नहर का पानी पहुँचाया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

उद्घाटन समारोह में मंत्री गोयल ने बताया कि कोटला शाखा नहर से एक नई भासौर माइनर नहर का निर्माण किया गया है, जिसे ₹4.07 करोड़ की लागत से कंक्रीट से लाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे लगभग 50-60 वर्षों के अंतराल के बाद मलेरकोटला और संगरूर जिलों के नौ गाँवों में नहर का जल प्रवाह बहाल होगा।

दारोगेवाल और मानकमाजरा गाँवों के लिए भासौर माइनर से ₹1.73 करोड़ की लागत से 7,640 मीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे पहली बार 1,006 एकड़ कृषि भूमि को नहर का जल प्राप्त होगा।

इसी क्रम में रुस्तमगढ़, संगली, संगला और भैनी कलां गाँवों के लिए ₹1.03 करोड़ की लागत से 4,200 मीटर लंबी एक और पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे स्वतंत्रता के बाद पहली बार 980 एकड़ भूमि को नहर सिंचाई का लाभ मिलेगा।

देहलीज खुर्द में ₹6.17 करोड़ की परियोजनाएँ

देहलीज खुर्द गाँव में मंत्री गोयल ने ₹6.17 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का अलग से उद्घाटन किया। इनके तहत बठिंडा शाखा से ₹5.63 करोड़ की लागत से 20,149 मीटर लंबी आधुनिक पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे मेहरना खुर्द, कंगनपुर और रसूलपुर गाँवों की 1,486 एकड़ भूमि को नहर का पानी मिलेगा।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री गोयल ने कहा कि मान सरकार सिंचाई अवसंरचना को सुदृढ़ करने और भूजल पर निर्भरता घटाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जल संसाधनों की रक्षा करते हुए नहर के पानी की 'हर बूंद को अंतिम छोर के खेतों तक' पहुँचाना है।

उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जल मुद्दों पर केवल राजनीति की और राज्य के पानी के उचित हिस्से की रक्षा करने में विफल रहीं। गौरतलब है कि पंजाब में भूजल का अत्यधिक दोहन लंबे समय से कृषि संकट की एक बड़ी वजह रहा है।

आम जनता पर असर

इन परियोजनाओं से अमरगढ़ क्षेत्र के दर्जनों गाँवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब तक सिंचाई के लिए मुख्यतः ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भर थे। नहर सिंचाई की उपलब्धता से बिजली और पानी की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

क्या होगा आगे

पाइपलाइन परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है और पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को नियमित नहर जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। मान सरकार ने नहर नेटवर्क विस्तार को राज्य की दीर्घकालिक कृषि नीति का हिस्सा बताया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

50-60 साल से वंचित रहे इन गाँवों तक पानी न पहुँचने की ज़िम्मेदारी केवल पिछली सरकारों पर डालना पर्याप्त नहीं है; नहर रखरखाव और जल वितरण की दक्षता में सुधार के लिए दीर्घकालिक संस्थागत प्रतिबद्धता ज़रूरी है। परियोजनाओं का असली परीक्षण तब होगा जब पाइपलाइनें पूर्ण होकर वास्तव में अंतिम छोर के किसान तक पानी पहुँचाएँगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब की ₹13 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएँ किन क्षेत्रों को लाभ देंगी?
ये परियोजनाएँ अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मलेरकोटला और संगरूर जिलों के कई गाँवों को लाभ देंगी। कुल 3,832 एकड़ से अधिक कृषि भूमि पहली बार नहर सिंचाई से जुड़ेगी।
भासौर माइनर नहर परियोजना क्या है?
भासौर माइनर नहर कोटला शाखा नहर से निर्मित एक नई नहर है, जिसे ₹4.07 करोड़ की लागत से कंक्रीट से लाइन किया गया है। इससे मलेरकोटला और संगरूर जिलों के नौ गाँवों में लगभग 50-60 वर्षों के बाद नहर का जल प्रवाह बहाल होगा।
इन परियोजनाओं से भूजल पर क्या असर पड़ेगा?
नहर सिंचाई उपलब्ध होने से किसानों की ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भरता घटेगी। पंजाब सरकार के अनुसार यही इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य है — भूजल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को विश्वसनीय सिंचाई सुविधा देना।
देहलीज खुर्द में कौन-सी परियोजना शुरू हुई?
देहलीज खुर्द गाँव में ₹6.17 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, जिनमें बठिंडा शाखा से ₹5.63 करोड़ की लागत से 20,149 मीटर लंबी आधुनिक पाइपलाइन शामिल है। इससे मेहरना खुर्द, कंगनपुर और रसूलपुर गाँवों की 1,486 एकड़ भूमि को नहर का पानी मिलेगा।
मान सरकार की सिंचाई नीति का दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है?
मान सरकार ने नहर नेटवर्क को मज़बूत करने और किसानों को दीर्घकालिक, विश्वसनीय सिंचाई सुविधाएँ प्रदान करने को अपनी प्राथमिकता बताया है। सरकार का कहना है कि नहर के पानी की हर बूंद को अंतिम छोर के खेतों तक पहुँचाना इस नीति का केंद्रबिंदु है।
राष्ट्र प्रेस
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