एसबीएस नगर में बनेगा मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल, पंजाब सरकार ने ₹160 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 5 नवंबर 2026 को घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल की स्थापना के लिए आशय पत्र (LOI) जारी कर दिया है। ₹160 करोड़ की इस परियोजना को दीपावली के अवसर पर 'ऐतिहासिक उपहार' बताते हुए मंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकार के एक और अहम वादे की पूर्ति है।
परियोजना का ढाँचा और निवेश
पंजाब अवसंरचना विकास बोर्ड (PIDB) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल के तहत यह ठेका इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा है। परियोजना में ₹160 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जो इसे पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी PPP पहलों में से एक बनाता है।
इस परियोजना के तहत नवांशहर स्थित मौजूदा 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप 220 बिस्तरों वाले उन्नत शिक्षण अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा। परिसर में समर्पित शैक्षणिक एवं आवासीय बुनियादी ढाँचा भी निर्मित होगा।
सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर की सुविधा
इस परिसर में 30 बिस्तरों वाली एक अत्याधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट स्थापित की जाएगी। इसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए कैथेटराइजेशन लैब सहित इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की समस्त सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, 'पहले, दिल का दौरा पड़ने वाले गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ के PGI या जालंधर, लुधियाना या अमृतसर के दूरदराज के रेफरल केंद्रों तक ले जाना पड़ता था, जहाँ अक्सर उनकी जान चली जाती थी। अब, विश्व स्तरीय आपातकालीन और हृदय संबंधी उपचार उनके घर के पास ही, महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' के दौरान उपलब्ध होगा।'
निर्माण समयसीमा और MBBS सीटें
डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार परियोजना की औपचारिक समयसीमा तीन वर्ष है, परंतु चूँकि अस्पताल भवन, डायलिसिस केंद्र और गहन चिकित्सा कक्ष ब्लॉक पहले से परिसर में मौजूद हैं, इसलिए मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण अगले महीने शुरू होगा और कॉलेज डेढ़ वर्ष के भीतर चालू होने की उम्मीद है।
MBBS की 50 वार्षिक सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें राज्य सरकार के कोटे के अंतर्गत आरक्षित रहेंगी, जिससे स्थानीय प्रतिभाशाली युवाओं को किफायती दरों पर चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा।
क्षेत्र पर असर
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह परियोजना नवांशहर, बालाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा और माछीवाड़ा समेत 35 से 40 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लाखों लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होगी। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में अब तक उच्च-स्तरीय कार्डियक और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का अभाव रहा है, जिसके चलते गंभीर मरीजों को दूर के शहरों में रेफर करना पड़ता था।
यह परियोजना पंजाब सरकार की स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की व्यापक नीति का हिस्सा है और राज्य में PPP मॉडल के ज़रिए टर्शियरी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।