5 नवंबर 2026
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एसबीएस नगर में बनेगा मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल, पंजाब सरकार ने ₹160 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी

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एसबीएस नगर में बनेगा मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल, पंजाब सरकार ने ₹160 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी

सारांश

पंजाब सरकार ने दीपावली पर एसबीएस नगर को ₹160 करोड़ का स्वास्थ्य उपहार दिया — नवांशहर के जिला अस्पताल को 220 बिस्तरों वाले NMC-मान्य टीचिंग हॉस्पिटल में बदला जाएगा, साथ में 30 बिस्तरों की कार्डियक यूनिट और मेडिकल कॉलेज। 35-40 किमी के दायरे के लाखों लोगों को अब गोल्डन आवर में इलाज मिल सकेगा।

मुख्य बातें

पंजाब सरकार ने 5 नवंबर 2026 को एसबीएस नगर में मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल के लिए LOI जारी किया।
परियोजना में ₹160 करोड़ का निवेश; ठेका इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को DBFOT मॉडल के तहत।
नवांशहर का मौजूदा 150 बिस्तरों वाला जिला अस्पताल 220 बिस्तरों वाले NMC -मानक शिक्षण अस्पताल में अपग्रेड होगा।
परिसर में 30 बिस्तरों की सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट और कैथेटराइजेशन लैब भी शामिल।
MBBS की 50 सीटों में से 50% राज्य सरकार के कोटे में आरक्षित; कॉलेज डेढ़ वर्ष में चालू होने की उम्मीद।
नवांशहर, बालाचौर, रोपड़, गढ़शंकर सहित 35-40 किमी के दायरे के लोगों को सीधा लाभ।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 5 नवंबर 2026 को घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल की स्थापना के लिए आशय पत्र (LOI) जारी कर दिया है। ₹160 करोड़ की इस परियोजना को दीपावली के अवसर पर 'ऐतिहासिक उपहार' बताते हुए मंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकार के एक और अहम वादे की पूर्ति है।

परियोजना का ढाँचा और निवेश

पंजाब अवसंरचना विकास बोर्ड (PIDB) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल के तहत यह ठेका इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा है। परियोजना में ₹160 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जो इसे पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी PPP पहलों में से एक बनाता है।

इस परियोजना के तहत नवांशहर स्थित मौजूदा 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप 220 बिस्तरों वाले उन्नत शिक्षण अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा। परिसर में समर्पित शैक्षणिक एवं आवासीय बुनियादी ढाँचा भी निर्मित होगा।

सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर की सुविधा

इस परिसर में 30 बिस्तरों वाली एक अत्याधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट स्थापित की जाएगी। इसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए कैथेटराइजेशन लैब सहित इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की समस्त सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, 'पहले, दिल का दौरा पड़ने वाले गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ के PGI या जालंधर, लुधियाना या अमृतसर के दूरदराज के रेफरल केंद्रों तक ले जाना पड़ता था, जहाँ अक्सर उनकी जान चली जाती थी। अब, विश्व स्तरीय आपातकालीन और हृदय संबंधी उपचार उनके घर के पास ही, महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' के दौरान उपलब्ध होगा।'

निर्माण समयसीमा और MBBS सीटें

डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार परियोजना की औपचारिक समयसीमा तीन वर्ष है, परंतु चूँकि अस्पताल भवन, डायलिसिस केंद्र और गहन चिकित्सा कक्ष ब्लॉक पहले से परिसर में मौजूद हैं, इसलिए मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण अगले महीने शुरू होगा और कॉलेज डेढ़ वर्ष के भीतर चालू होने की उम्मीद है।

MBBS की 50 वार्षिक सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें राज्य सरकार के कोटे के अंतर्गत आरक्षित रहेंगी, जिससे स्थानीय प्रतिभाशाली युवाओं को किफायती दरों पर चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा।

क्षेत्र पर असर

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह परियोजना नवांशहर, बालाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा और माछीवाड़ा समेत 35 से 40 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लाखों लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होगी। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में अब तक उच्च-स्तरीय कार्डियक और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का अभाव रहा है, जिसके चलते गंभीर मरीजों को दूर के शहरों में रेफर करना पड़ता था।

यह परियोजना पंजाब सरकार की स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की व्यापक नीति का हिस्सा है और राज्य में PPP मॉडल के ज़रिए टर्शियरी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और देश में ऐसे कई PPP स्वास्थ्य प्रकल्प समयसीमा या गुणवत्ता मानकों पर पिछड़े हैं। असली कसौटी यह होगी कि NMC से मान्यता प्रक्रिया कितनी तेज़ी से पूरी होती है — क्योंकि बिना मान्यता के MBBS दाखिले नहीं होंगे, चाहे इमारत डेढ़ साल में तैयार हो जाए। साथ ही, 50% सरकारी कोटे की सीटों की फीस-नीति अभी स्पष्ट नहीं है, जो 'किफायती शिक्षा' के वादे की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसबीएस नगर मेडिकल कॉलेज परियोजना क्या है?
यह पंजाब सरकार की ₹160 करोड़ की PPP परियोजना है, जिसके तहत नवांशहर के मौजूदा 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को NMC-मानक 220 बिस्तरों वाले टीचिंग हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज में बदला जाएगा। ठेका इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को DBFOT मॉडल के तहत दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज कब तक चालू होगा?
परियोजना की औपचारिक समयसीमा तीन वर्ष है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण अगले महीने शुरू होगा और कॉलेज डेढ़ वर्ष के भीतर चालू होने की उम्मीद है, क्योंकि अस्पताल का बुनियादी ढाँचा पहले से मौजूद है।
MBBS की सीटें और फीस को लेकर क्या व्यवस्था होगी?
मेडिकल कॉलेज में MBBS की 50 वार्षिक सीटें होंगी, जिनमें से 50 प्रतिशत — यानी 25 सीटें — राज्य सरकार के कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी। सरकार ने इन सीटों पर किफायती दरों पर चिकित्सा शिक्षा देने का वादा किया है।
इस परियोजना से किन क्षेत्रों को फायदा होगा?
नवांशहर, बालाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा और माछीवाड़ा समेत 35 से 40 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से हृदय रोग के गंभीर मरीजों को अब चंडीगढ़ PGI या अमृतसर-लुधियाना के बड़े केंद्रों तक जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
परिसर में कार्डियक सुविधाएँ क्या होंगी?
परिसर में 30 बिस्तरों वाली सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट स्थापित होगी, जिसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए कैथेटराइजेशन लैब सहित इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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